हजारीबाग: विशेष लोक अदालत में चेक बाउंस के 97 मामलों का निष्पादन, ₹4 करोड़ से अधिक के सेटलमेंट पर बनी आपसी सहमति
हजारीबाग: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (NYAYA) के दिशा-निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग के तत्वावधान में शनिवार को सिविल कोर्ट परिसर में एक विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह विशेष लोक अदालत मुख्य रूप से एनआई एक्ट (चेक बाउंस) के लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए केंद्रित थी।
![]() |
| Hazaribagh Civil Court: चेक बाउंस के 97 मामलों में हुआ ऐतिहासिक ₹4 करोड़ का सेटलमेंट! |
इस विशेष लोक अदालत की संपूर्ण मॉनिटरिंग और देखरेख प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चंद्र मिश्रा द्वारा की गई।
आपसी सहमति से 97 मामलों का निपटारा, ₹4.00 करोड़ से अधिक की रिकवरी
समारोह और अदालती कार्यवाही के दौरान दोनों पक्षों को सुनने के बाद, कुल 97 चेक बाउंस मामलों का निपटारा पक्षकारों की आपसी सहमति और सुलह के आधार पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में किया गया। इस ऐतिहासिक सेटलमेंट के तहत कुल 4 करोड़ 14 हजार 901 रुपए ($4,00,14,901$) की धनराशि पर दोनों पक्षों के बीच अंतिम सहमति बनी, जिससे वर्षों से लंबित पड़े मुकदमों का अंत हुआ।
यह विशेष लोक अदालत चेक बाउंस के मामलों के लिए गठित विशेष न्यायालयों में संचालित की गई, जिसमें निम्नलिखित न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (Judicial Magistrate First Class) के न्यायालय शामिल थे:
कीर्ति कुमारी वर्णवाल का न्यायालय
जूही कुमारी का न्यायालय
सुशील कुमार पिंगुआ का न्यायालय
अनुष्का जैन का न्यायालय
आगामी 25 जुलाई और 12 सितंबर को भी लगेंगे बड़े अदालत: सचिव
विशेष लोक अदालत की सफलता और रूपरेखा की विस्तृत जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने बताया कि इस विशेष अदालत का मुख्य उद्देश्य चेक बाउंस से जुड़े विवादों का बिना समय गंवाए त्वरित निष्पादन करना था।
उन्होंने भविष्य की योजनाओं की घोषणा करते हुए आमजन से अपील की:
25 जुलाई को मासिक लोक अदालत: अन्य दीवानी, फौजदारी और सुलह योग्य मामलों के निपटारे के लिए आगामी 25 जुलाई को सिविल कोर्ट परिसर में एक मासिक लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
12 सितंबर को नेशनल लोक अदालत: एक बड़े पैमाने पर आगामी 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत (National Lok Adalat) का आयोजन होना तय हुआ है, जिसके लिए सभी पक्षकारों को अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
"लोक अदालतें आम जनता के लिए समय और पैसे दोनों की बचत करने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। हम सभी पक्षकारों से अपील करते हैं कि वे जिला विधिक सेवा प्राधिकार के इस प्रयास का हिस्सा बनें और अपने मुकदमों का हमेशा के लिए शांतिपूर्ण अंत करें।"
— डॉ. रवि प्रकाश तिवारी, सचिव (DLSA, हजारीबाग)

No comments
Post a Comment