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Editor EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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Hazaribagh Lok Adalat: हजारीबाग सिविल कोर्ट में मासिक लोक अदालत, 90 मामलों का निपटारा, ₹25 लाख का हुआ सेटलमेंट

 

​Hazaribagh Monthly Lok Adalat: हजारीबाग में मासिक लोक अदालत का आयोजन, 90 मामलों का हुआ ऑन-द-स्पॉट निष्पादन, लगभग ₹25 लाख का सेटलमेंट

​हजारीबाग:

झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) हजारीबाग के तत्वावधान में शनिवार को सिविल कोर्ट परिसर में मासिक लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चन्द्र मिश्रा की देखरेख में आयोजित इस लोक अदालत में कुल 90 मामलों का निष्पादन दोनों पक्षों की आपसी सहमति से किया गया।

Hazaribagh Civil Court Monthly Lok Adalat bench proceedings and case settlements

​इस लोक अदालत के माध्यम से कुल ₹24,92,908 (चौबीस लाख बावे हजार नौ सौ आठ रुपये) की राशि पर पक्षकारों के बीच सहमति बनी और मामलों का ऑन-द-स्पॉट निपटारा किया गया।

​8 न्यायिक बेंचों का गठन, बैंक रिकवरी और एमएसीटी मामलों में बड़ी राहत

​मामलों की त्वरित सुनवाई और सुगम निपटारे के लिए कुल 8 न्यायिक बेंचों का गठन किया गया था। लोक अदालत में अलग-अलग श्रेणियों के अंतर्गत निष्पादित मामलों का विवरण निम्नलिखित है:

  • ​बैंक रिकवरी: सबसे अधिक बैंक रिकवरी से जुड़े 50 मामलों का निपटारा किया गया, जिसमें ₹3,88,645 पर सहमति बनी।
  • ​मोटर वाहन दुर्घटना दावा (MACT): एमएसीटी का 01 मामला निपटाया गया, जिसमें पीड़िता/दावेदार को ₹9,30,000 की राशि पर समझौता हुआ।
  • ​चेक बाउंस मामला (NI Act): एनआई एक्ट/चेक बाउंस के 03 मामलों का निष्पादन करते हुए ₹8,53,813 का सेटलमेंट किया गया।
  • ​बिजली विभाग के मामले: बिजली चोरी व बकाया से जुड़े 22 मामलों का निपटारा हुआ, जिसमें ₹2,56,000 की वसूली पर सहमति बनी।
  • ​बीएसएनएल मामले: बीएसएनएल बकाया से संबंधित 04 मामलों में ₹44,450 पर समझौता हुआ।
  • ​सुलहनीय आपराधिक मामले: आपसी विवाद से जुड़े 10 सुलहनीय आपराधिक मामलों का भी सौहार्दपूर्ण माहौल में निपटारा कराया गया।

​अंतिम व्यक्ति तक कानूनी सहायता पहुँचाना प्राथमिकता: DLSA

​समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सुलभ और त्वरित न्याय पहुँचाने के उद्देश्य से प्रधान जिला जज ध्रुव चन्द्र मिश्रा के मार्गदर्शन में DLSA सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी निरंतर प्रयासरत हैं।

​इस लोक अदालत को सफल बनाने में जिले के न्यायिक पदाधिकारियों, हजारीबाग बार संघ के सदस्यों, संबंधित विभागों के अधिकारियों और सिविल कोर्ट के कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।

ईश्वर पढ़ें: Hazaribagh: बैहरी पंचायत में DLSA ने चलाया कानूनी जागरूकता अभियान; मुफ़्त वकील और विवादों के त्वरित निपटारे की दी जानकारी


Hazaribagh: भीषण गर्मी में राहगीरों के लिए 'संबल' बना विधिक सेवा प्राधिकार; बस स्टैंड पर पिलाया शुद्ध पानी, लोक अदालत के प्रति किया जागरूक

Hazaribagh: भीषण गर्मी में राहगीरों के लिए 'संबल' बना विधिक सेवा प्राधिकार; बस स्टैंड पर पिलाया शुद्ध पानी, लोक अदालत के प्रति किया जागरूक

​मानवता और न्याय का संगम: पीडीजे रंजीत कुमार के निर्देश पर बस स्टैंड में चलाया गया सेवा अभियान, निःशुल्क कानूनी सहायता की भी दी गई जानकारी।

​हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी डेस्क)।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA) और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JALSA) के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग ने शुक्रवार को एक सराहनीय मानवीय पहल की। हजारीबाग जिला के सरकारी बस स्टैंड पर भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से परेशान राहगीरों के बीच शुद्ध पेयजल का वितरण किया गया।

Pani Vitran Karte

​यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष (DLSA), रंजीत कुमार की देखरेख में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य सेवा के साथ-साथ आमजन को कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।

Pani Vitran Karte dusri photo

​सेवा के साथ 'न्याय' की जानकारी

​पेयजल वितरण के दौरान अधिकार मित्र विकास कुमार पांडे और दीपक कुमार ने बस स्टैंड पर मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। लोगों को जागरूक करते हुए कहा गया कि DLSA समाज के कमजोर वर्गों को नि:शुल्क एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विशेष रूप से यह जानकारी दी गई कि कैसे दो पक्षों के बीच आपसी विवादों को बिना किसी अदालती जटिलता के, केवल बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है।

​9 मई को नेशनल लोक अदालत का निमंत्रण

​अभियान के दौरान आगामी 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली 'नेशनल लोक अदालत' पर विशेष जोर दिया गया। लोगों को बताया गया कि:

  • ​सुलहनीय (Compromisable) मामलों को दोनों पक्षों की सहमति से एक ही दिन में समाप्त किया जा सकता है।
  • ​इससे समय और धन दोनों की बचत होती है।
  • ​लोक अदालत के फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होती, जिससे विवाद का स्थायी समाधान हो जाता है।

​डीएलएसए सचिव का संदेश

​इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए डीएलएसए सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने कहा, "बढ़ती गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए राहगीरों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से यह जल वितरण कार्यक्रम शुरू किया गया है। मानवता की सेवा सर्वोपरि है और हमारा प्रयास है कि न्याय की जानकारी के साथ-साथ हम आमजन की मूलभूत जरूरतों में भी सहभागी बनें।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह सेवा अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

​निष्कर्ष:

सरकारी बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थलों पर इस प्रकार के आयोजनों से न केवल आम लोगों को गर्मी से राहत मिली, बल्कि उन्हें घर बैठे कानूनी सहायता प्राप्त करने के सरल तरीकों की जानकारी भी प्राप्त हुई।

​प्रस्तुति: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग।

रिपोर्ट: न्यूज़ प्रहरी डेस्क।

हजारीबाग सिविल कोर्ट में 9 मई को लगेगी 'नेशनल लोक अदालत', पीडीजे ने पुलिस अधिकारियों को दिए लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के निर्देश

 हजारीबाग सिविल कोर्ट में 9 मई को लगेगी 'नेशनल लोक अदालत', पीडीजे ने पुलिस अधिकारियों को दिए लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के निर्देश

सुलहनीय वादों पर फोकस: वन, उत्पाद और बिजली विभाग से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए पुलिस और विधिक सेवा प्राधिकार ने कसी कमर।

हजारीबाग।

आमजन को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी 9 मई को हजारीबाग सिविल कोर्ट परिसर में 'नेशनल लोक अदालत' का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (PDJ) रंजीत कुमार ने पुलिस विभाग के वरीय पदाधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।

पुलिस और प्रशासन को एक ठोस कार्ययोजना बनाने और आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया

समन्वय से मिलेगा आमजन को लाभ

बैठक को संबोधित करते हुए पीडीजे रंजीत कुमार ने स्पष्ट किया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य पक्षकारों के बीच आपसी सहमति से मामलों का निपटारा करना है। उन्होंने कहा, "वैसे मामले जो सुलहनीय वादों (Compromisable Cases) की श्रेणी में आते हैं, उनमें शामिल पक्षकारों से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित करना आवश्यक है।" न्यायाधीश ने पुलिस और प्रशासन को एक ठोस कार्ययोजना बनाने और आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस मंच का लाभ मिल सके।

पीडीजे ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया

इन विशेष मामलों पर रहेगा जोर

बैठक के दौरान पीडीजे ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्राथमिकता के आधार पर लंबित मामलों को चिन्हित करें। विशेष रूप से निम्नलिखित श्रेणियों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है:

वन विभाग (Forest Department) से जुड़े मामले

उत्पाद विभाग (Excise) के वाद

मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के उल्लंघन

बिजली विभाग (Electricity) से संबंधित विवाद

उन्होंने पुलिस को निर्देशित किया कि इन मामलों में जल्द-से-जल्द आरोप पत्र (Charge Sheet) समर्पित कर न्यायालय भेजें, ताकि लोक अदालत के दिन इनका निष्पादन सुगमता से हो सके।

समस्याओं का होगा समाधान

विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने भी बैठक में अपनी बात रखी। पीडीजे ने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस पदाधिकारियों को नोटिस तामिला या प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है, तो वे सीधे सचिव से संपर्क कर समाधान पा सकते हैं। बैठक में पुलिस पदाधिकारियों ने भी अपनी चुनौतियों को साझा किया, जिसे न्यायाधीश ने गंभीरता से सुना और उनके त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया।

बैठक में ये रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी, जिला वन पदाधिकारी (पश्चिमी डिवीजन) मोहित कुमार बंसल, एडिशनल एसपी हजारीबाग अमित कुमार, इंस्पेक्टर अनिल कुमार, सदर महिला थाना प्रभारी विंध्यवासिनी कुमारी सिन्हा, लोहसिंघना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा सहित जिले के लगभग सभी थानों के प्रभारी उपस्थित थे।

निष्कर्ष:

9 मई की नेशनल लोक अदालत उन लोगों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो वर्षों से कोर्ट-कचहरी के चक्कर काट रहे हैं। हजारीबाग जिला प्रशासन और न्यायालय की यह सक्रियता संकेत देती है कि इस बार रिकॉर्ड स्तर पर मामलों का समझौता कराया जाएगा।

नोट: यदि आप अपने मामले को लोक अदालत में रखना चाहते हैं, तो अविलंब हजारीबाग जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

हजारीबाग: युवा अधिवक्ता सत्यम कुमार का कैंसर से निधन, विधि जगत में शोक की लहर; कल न्यायिक कार्यों से दूर रहेंगे वकील

हजारीबाग युवा अधिवक्ता सत्यम कुमार का कैंसर से निधन, विधि जगत में शोक की लहर; कल न्यायिक कार्यों से दूर रहेंगे वकील

Naresh Soni Editor in Chief 

हजारीबाग के युवा अधिवक्ता सत्यम कुमार का 34 वर्ष की आयु में निधन। कैंसर से जूझ रहे सत्यम के सम्मान में 18 मार्च को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार।

हजारीबाग: जिला विधिक जगत के लिए मंगलवार का दिन एक अत्यंत दुखद सूचना लेकर आया। बार एसोसिएशन हजारीबाग के ऊर्जावान और मृदुभाषी सदस्य, अधिवक्ता सत्यम कुमार (34 वर्ष) का आकस्मिक निधन हो गया। वे पिछले दो वर्षों से फेफड़ों के कैंसर (Lung Cancer) जैसी गंभीर बीमारी से बहादुरी के साथ संघर्ष कर रहे थे। उनका उपचार रांची स्थित पारस अस्पताल में चल रहा था, जहाँ मंगलवार सुबह 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

संघर्षपूर्ण रहा जीवन और पेशेवर सफर

सत्यम कुमार ने साल 2017 में अधिवक्ता संघ, हजारीबाग के साथ जुड़कर अपने पेशेवर सफर की शुरुआत की थी। शहर के जादोबाबू चौक के समीप निवास करने वाले सत्यम ने बहुत कम समय में अपनी कार्यकुशलता और मिलनसार स्वभाव के कारण वरिष्ठ और कनिष्ठ, दोनों ही वर्गों के अधिवक्ताओं के बीच अपनी एक खास पहचान बना ली थी। उनके सहकर्मियों का कहना है कि वे न केवल कानून के अच्छे जानकार थे, बल्कि एक नेक इंसान भी थे।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

सत्यम कुमार का असमय जाना उनके परिवार के लिए वज्रपात के समान है। महज तीन वर्ष पूर्व ही उनका विवाह हुआ था। वे अपने पीछे वृद्ध माता-पिता, पत्नी और एक महज डेढ़ वर्षीय मासूम पुत्र को छोड़ गए हैं। शाम करीब 6 बजे जब उनका पार्थिव शरीर रांची से हजारीबाग स्थित उनके आवास पर लाया गया, तो वहां का माहौल अत्यंत गमगीन हो गया। सैकड़ों अधिवक्ताओं, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

बार एसोसिएशन ने जताया गहरा शोक

उनके निधन की सूचना मिलते ही बार एसोसिएशन में शोक की लहर दौड़ गई। एसोसिएशन के सदस्यों ने इसे विधि जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। बार एसोसिएशन के प्रभारी संयुक्त सचिव कुणाल कुमार ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, "सत्यम एक होनहार अधिवक्ता थे। उनका जाना हम सभी के लिए एक व्यक्तिगत क्षति है।"

18 मार्च को शोक सभा और कार्य बहिष्कार

प्रभारी संयुक्त सचिव ने जानकारी दी कि सत्यम कुमार के सम्मान में बुधवार, 18 मार्च को बार एसोसिएशन में एक औपचारिक शोक सभा का आयोजन किया जाएगा। इस शोक सभा के पश्चात सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि सभी अधिवक्ता स्वयं को न्यायिक कार्यों से अलग रखेंगे। कल हजारीबाग कोर्ट में कोई भी विधायी कार्य नहीं किया जाएगा।

कैंसर के प्रति जागरूकता की आवश्यकता

सत्यम कुमार का निधन स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता और कैंसर जैसे गंभीर रोगों के समय पर निदान की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, फेफड़ों का कैंसर आज के समय में युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है, जिसके पीछे पर्यावरणीय कारक और जीवनशैली प्रमुख कारण हो सकते हैं।

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