हजारीबाग सिविल कोर्ट में 9 मई को लगेगी 'नेशनल लोक अदालत', पीडीजे ने पुलिस अधिकारियों को दिए लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के निर्देश
सुलहनीय वादों पर फोकस: वन, उत्पाद और बिजली विभाग से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए पुलिस और विधिक सेवा प्राधिकार ने कसी कमर।
हजारीबाग।
आमजन को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी 9 मई को हजारीबाग सिविल कोर्ट परिसर में 'नेशनल लोक अदालत' का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (PDJ) रंजीत कुमार ने पुलिस विभाग के वरीय पदाधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।
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| पुलिस और प्रशासन को एक ठोस कार्ययोजना बनाने और आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया |
समन्वय से मिलेगा आमजन को लाभ
बैठक को संबोधित करते हुए पीडीजे रंजीत कुमार ने स्पष्ट किया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य पक्षकारों के बीच आपसी सहमति से मामलों का निपटारा करना है। उन्होंने कहा, "वैसे मामले जो सुलहनीय वादों (Compromisable Cases) की श्रेणी में आते हैं, उनमें शामिल पक्षकारों से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित करना आवश्यक है।" न्यायाधीश ने पुलिस और प्रशासन को एक ठोस कार्ययोजना बनाने और आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस मंच का लाभ मिल सके।
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| पीडीजे ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया |
इन विशेष मामलों पर रहेगा जोर
बैठक के दौरान पीडीजे ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्राथमिकता के आधार पर लंबित मामलों को चिन्हित करें। विशेष रूप से निम्नलिखित श्रेणियों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है:
वन विभाग (Forest Department) से जुड़े मामले
उत्पाद विभाग (Excise) के वाद
मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के उल्लंघन
बिजली विभाग (Electricity) से संबंधित विवाद
उन्होंने पुलिस को निर्देशित किया कि इन मामलों में जल्द-से-जल्द आरोप पत्र (Charge Sheet) समर्पित कर न्यायालय भेजें, ताकि लोक अदालत के दिन इनका निष्पादन सुगमता से हो सके।
समस्याओं का होगा समाधान
विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने भी बैठक में अपनी बात रखी। पीडीजे ने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस पदाधिकारियों को नोटिस तामिला या प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है, तो वे सीधे सचिव से संपर्क कर समाधान पा सकते हैं। बैठक में पुलिस पदाधिकारियों ने भी अपनी चुनौतियों को साझा किया, जिसे न्यायाधीश ने गंभीरता से सुना और उनके त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया।
बैठक में ये रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी, जिला वन पदाधिकारी (पश्चिमी डिवीजन) मोहित कुमार बंसल, एडिशनल एसपी हजारीबाग अमित कुमार, इंस्पेक्टर अनिल कुमार, सदर महिला थाना प्रभारी विंध्यवासिनी कुमारी सिन्हा, लोहसिंघना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा सहित जिले के लगभग सभी थानों के प्रभारी उपस्थित थे।
निष्कर्ष:
9 मई की नेशनल लोक अदालत उन लोगों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो वर्षों से कोर्ट-कचहरी के चक्कर काट रहे हैं। हजारीबाग जिला प्रशासन और न्यायालय की यह सक्रियता संकेत देती है कि इस बार रिकॉर्ड स्तर पर मामलों का समझौता कराया जाएगा।
नोट: यदि आप अपने मामले को लोक अदालत में रखना चाहते हैं, तो अविलंब हजारीबाग जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।


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