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Editor: Naresh Prasad Soni
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हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बदहाली: भीषण गर्मी में मरीजों की सांसों पर संकट, वार्डों के 95% AC खराब

हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भीषण गर्मी के बीच मरीजों की सांसों पर संकट मंडरा रहा है। पढ़िए पूरी खबर।
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 हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बदहाली: भीषण गर्मी में मरीजों की सांसों पर संकट, वार्डों के 95% AC खराब

सांसद मनीष जायसवाल ने लिया संज्ञान; प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल पहुँचकर प्रबंधन की लापरवाही पर जताया कड़ा ऐतराज।

हजारीबाग: हजारीबाग के प्रतिष्ठित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रबंधन की घोर संवेदनहीनता का मामला सामने आया है। रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच अस्पताल की बिजली व्यवस्था और संसाधनों के अभाव ने मरीजों को तड़पने पर मजबूर कर दिया है। स्थिति इतनी विकट है कि बिजली गुल होते ही PSA ऑक्सीजन प्लांट ठप पड़ जा रहा है, जिससे गंभीर मरीजों के जीवन पर खतरा मंडराने लगा है।

Sadar Spatal Hazaribagh ki ek behtar photo 

सांसद प्रतिनिधि ने किया औचक निरीक्षण

मामले की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर उनके मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने शनिवार को अस्पताल का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन की दावों की पोल खुल गई। रंजन चौधरी ने पाया कि जहां डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों के कमरों में लगे एसी (AC) सुचारू रूप से चल रहे हैं, वहीं मरीजों के वार्डों में लगे 95 प्रतिशत एसी बंद पड़े हैं।

Sikayat ke Baad Tawrit Nispadan

अस्पताल की दुर्दशा के मुख्य बिंदु:

मेटरनिटी वार्ड का हाल: अकेले इस वार्ड में 7 एसी लगे हैं, लेकिन भीषण उमस के बावजूद एक भी काम नहीं कर रहा।

सोलर प्लांट और जनरेटर ठप: उच्च क्षमता के सोलर पैनल और तीन जनरेटर होने के बावजूद प्रबंधन डीजल की कमी का बहाना बना रहा है।

पेयजल संकट: ट्रामा सेंटर के बाहर लगे एक आरओ (RO) को छोड़कर अस्पताल के अधिकांश वॉटर प्यूरीफायर खराब हैं, जिससे तीमारदार पानी के लिए भटक रहे हैं।

बरामदे में इलाज: वार्ड फुल होने के कारण बरामदे में भर्ती मरीजों के लिए पंखे तक की व्यवस्था नहीं है।

प्रबंधन का तर्क और सांसद की नाराजगी

अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनुकरण पूर्ति ने दूरभाष पर बताया कि डीजल की अनुपलब्धता के कारण जनरेटर नहीं चल पा रहे हैं। इस पर रंजन चौधरी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह प्रबंधकीय विफलता है। यदि डीजल नहीं था, तो जिला प्रशासन या तेल कंपनियों से संपर्क क्यों नहीं किया गया?

उपायुक्त को ट्वीट कर हस्तक्षेप की मांग

रंजन चौधरी ने मामले की जानकारी हजारीबाग के उपायुक्त (DC) हेमंत सती को ट्वीट के माध्यम से दी है। उन्होंने झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अस्पताल में अधिष्ठापित सोलर पैनल को ठीक कराया जाए और डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सांसद मनीष जायसवाल स्वयं भी इस विषय पर जल्द ही स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से संपर्क करेंगे।

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