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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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एसबीएमसीएच हजारीबाग में 'अस्थि एवं जोड़ सप्ताह' शुरू: डॉक्टरों ने बांटी कैल्शियम की गोलियां, सीट बेल्ट और हेलमेट लगाने की अपील

 

एसबीएमसीएच हजारीबाग में अस्थि एवं जोड़ सप्ताह का शुभारंभ: डॉक्टरों ने दी कैल्शियम-विटामिन की गोलियां, सड़क सुरक्षा का दिया संदेश

हजारीबाग। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसबीएमसीएच), हजारीबाग में मंगलवार को 'अस्थि एवं जोड़ सप्ताह' (Bone and Joint Week) का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुनील वर्मा, अधीक्षक प्रो. (डॉ.) एच.के. सिंह तथा अस्थिरोग विभाग के विभागाध्यक्ष/प्रोफेसर (डॉ.) पवन कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।

SBMCH Hazaribagh doctors inaugurating Bone and Joint Week campaign in Hazaribagh Medical College

​उल्लेखनीय है कि देशभर में 3 से 10 अगस्त तक 'अस्थि एवं जोड़ सप्ताह' का आयोजन किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को हड्डियों व जोड़ों की सेहत और देखभाल के प्रति जागरूक करना है।

SBMCH Hazaribagh doctors inaugurating Bone and Joint Week campaign in Hazaribagh Medical College

कैल्शियम युक्त आहार, व्यायाम और सड़क सुरक्षा पर जोर

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अस्थिरोग विशेषज्ञ प्रो. (डॉ.) पवन कुमार ने हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए महत्वपूर्ण परामर्श दिए। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में संतुलित एवं पौष्टिक आहार, हरी सब्जियों और कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन करना आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने हड्डियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करने की बात कही।

​सड़क हादसों में होने वाली गंभीर अस्थि चोटों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने सड़क सुरक्षा के नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया:

  • ​बाइक और दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें।
  • ​कार में आगे और पीछे बैठने वाले सभी यात्री सीट बेल्ट का प्रयोग करें।
  • ​वाहन चलाते समय शराब या किसी भी प्रकार के नशे का सेवन बिल्कुल न करें

ओपीडी में जागरूकता अभियान और दवाओं का मुफ्त वितरण

​अस्थि एवं जोड़ सप्ताह के तहत एसबीएमसीएच की ओपीडी (OPD) में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों के लिए विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में मरीजों को सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय समझाए गए तथा जरूरतमंद मरीजों के बीच कैल्शियम एवं विटामिन की गोलियों का मुफ्त वितरण किया गया।

​इस अवसर पर अस्थिरोग विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉ. अभिषेक मदत, जूनियर रेजिडेंट चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे। आयोजकों ने बताया कि एसबीएमसीएच हजारीबाग में हर वर्ष इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है, ताकि क्षेत्र के अधिक से अधिक लोगों को हड्डियों की सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा सके।

Source of Information: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SBMCH), हजारीबाग — आधिकारिक कार्यक्रम अपडेट

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हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बदहाली: भीषण गर्मी में मरीजों की सांसों पर संकट, वार्डों के 95% AC खराब

 हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बदहाली: भीषण गर्मी में मरीजों की सांसों पर संकट, वार्डों के 95% AC खराब

सांसद मनीष जायसवाल ने लिया संज्ञान; प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल पहुँचकर प्रबंधन की लापरवाही पर जताया कड़ा ऐतराज।

हजारीबाग: हजारीबाग के प्रतिष्ठित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रबंधन की घोर संवेदनहीनता का मामला सामने आया है। रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच अस्पताल की बिजली व्यवस्था और संसाधनों के अभाव ने मरीजों को तड़पने पर मजबूर कर दिया है। स्थिति इतनी विकट है कि बिजली गुल होते ही PSA ऑक्सीजन प्लांट ठप पड़ जा रहा है, जिससे गंभीर मरीजों के जीवन पर खतरा मंडराने लगा है।

Sadar Spatal Hazaribagh ki ek behtar photo 

सांसद प्रतिनिधि ने किया औचक निरीक्षण

मामले की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर उनके मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने शनिवार को अस्पताल का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन की दावों की पोल खुल गई। रंजन चौधरी ने पाया कि जहां डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों के कमरों में लगे एसी (AC) सुचारू रूप से चल रहे हैं, वहीं मरीजों के वार्डों में लगे 95 प्रतिशत एसी बंद पड़े हैं।

Sikayat ke Baad Tawrit Nispadan

अस्पताल की दुर्दशा के मुख्य बिंदु:

मेटरनिटी वार्ड का हाल: अकेले इस वार्ड में 7 एसी लगे हैं, लेकिन भीषण उमस के बावजूद एक भी काम नहीं कर रहा।

सोलर प्लांट और जनरेटर ठप: उच्च क्षमता के सोलर पैनल और तीन जनरेटर होने के बावजूद प्रबंधन डीजल की कमी का बहाना बना रहा है।

पेयजल संकट: ट्रामा सेंटर के बाहर लगे एक आरओ (RO) को छोड़कर अस्पताल के अधिकांश वॉटर प्यूरीफायर खराब हैं, जिससे तीमारदार पानी के लिए भटक रहे हैं।

बरामदे में इलाज: वार्ड फुल होने के कारण बरामदे में भर्ती मरीजों के लिए पंखे तक की व्यवस्था नहीं है।

प्रबंधन का तर्क और सांसद की नाराजगी

अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनुकरण पूर्ति ने दूरभाष पर बताया कि डीजल की अनुपलब्धता के कारण जनरेटर नहीं चल पा रहे हैं। इस पर रंजन चौधरी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह प्रबंधकीय विफलता है। यदि डीजल नहीं था, तो जिला प्रशासन या तेल कंपनियों से संपर्क क्यों नहीं किया गया?

उपायुक्त को ट्वीट कर हस्तक्षेप की मांग

रंजन चौधरी ने मामले की जानकारी हजारीबाग के उपायुक्त (DC) हेमंत सती को ट्वीट के माध्यम से दी है। उन्होंने झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अस्पताल में अधिष्ठापित सोलर पैनल को ठीक कराया जाए और डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सांसद मनीष जायसवाल स्वयं भी इस विषय पर जल्द ही स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से संपर्क करेंगे।

हजारीबाग में रामनवमी के उल्लास के बीच पसरा मातम गदोखर में युवक की निर्मम हत्या और कई इलाकों में हिंसक झड़प के बाद तनावपूर्ण शांति

हजारीबाग में रामनवमी के उल्लास के बीच पसरा मातम गदोखर में युवक की निर्मम हत्या और कई इलाकों में हिंसक झड़प के बाद तनावपूर्ण शांति

HAZARIBAGH: झारखंड के हजारीबाग जिले में रामनवमी का महापर्व इस बार खुशियों के साथ-साथ गहरे दुख और आक्रोश की परछाई लेकर आया है। जहां एक ओर पूरा शहर और ग्रामीण इलाके भगवान श्री राम की भक्ति में सराबोर थे, वहीं दूसरी ओर कुछ असामाजिक तत्वों की हरकतों ने उत्सव के माहौल को गमगीन कर दिया। कटकमसांडी प्रखंड के गदोखर पंचायत में शुक्रवार की देर रात हुई एक युवक की हत्या ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नींद उड़ा दी है। इस हृदयविदारक घटना के बाद हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल सक्रिय भूमिका में नजर आए। उन्होंने शनिवार को हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा किया और वहां गदोखर हत्याकांड के मृतक राम कुमार साव उर्फ रामा साव के परिजनों से मुलाकात की। सांसद ने न केवल परिवार को सांत्वना दी बल्कि प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी भी दी कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।

हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मृतक राम कुमार साव के परिजनों को सांत्वना देते सांसद मनीष जायसवाल.

गदोखर पंचायत की यह घटना तब प्रकाश में आई जब पंचायत के वर्तमान मुखिया नारायण साव के भाई राम कुमार साव पर गांव के ही कुछ उपद्रवियों ने धारदार हथियार भुजाली से अचानक हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार हमला इतना भीषण था कि ४० वर्षीय राम कुमार साव की मौके पर ही मौत हो गई। इस हत्याकांड के बाद गदोखर सहित आसपास के गांवों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोग आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। सांसद मनीष जायसवाल ने अस्पताल में मौजूद मृतक की पत्नी और बच्चों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि यह समय बेहद कठिन है और न्याय की इस लड़ाई में वह पूरी तरह से परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने हजारीबाग पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन से बात कर त्वरित जांच और फास्ट ट्रैक ट्रायल के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाने का आग्रह किया है।

हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मनीष जायसवाल ने घायल मुकेश कुमार सिंह का हालचाल जानते प्रतिनिधि।

हजारीबाग में हिंसा की यह एकमात्र घटना नहीं थी। रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों से भी तनाव और झड़प की खबरें आती रहीं। इसी क्रम में दीपुगढ़ा निवासी और ब्रह्मऋषि समाज के संस्थापक अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह पर भी शुक्रवार की रात जानलेवा हमला किया गया। उन पर भी भुजाली से वार किया गया जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल आरोग्यम अस्पताल में भर्ती कराया गया। सांसद मनीष जायसवाल ने वहां पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सकों को सर्वोत्तम उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए। फिलहाल मुकेश कुमार सिंह की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। इसके साथ ही अन्नदा कॉलेज के प्रोफेसर विवेक कुमार शर्मा भी हिंसक झड़प की चपेट में आकर घायल हुए हैं जिनसे मिलकर सांसद ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

सांसद मनीष जायसवाल ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए जिले की जनता से शांति और सौहार्द बनाए रखने की मार्मिक अपील की है। उन्होंने कहा कि रामनवमी का पर्व मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्शों को जीवन में उतारने का अवसर है न कि किसी से पुरानी दुश्मनी साधने का माध्यम। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे किसी के बहकावे में न आएं और शांतिपूर्ण तरीके से शोभायात्रा में शामिल हों। सांसद ने कड़े शब्दों में कहा कि त्यौहार की आड़ में हिंसा फैलाने वाले लोग समाज के दुश्मन हैं और उनके साथ कोई नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने हजारीबाग की गौरवशाली परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि यहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग मिलकर पर्व मनाते आए हैं और इस एकता को टूटने नहीं देना चाहिए।

शुक्रवार की रात जब ये घटनाएं हो रही थीं तब तेज बारिश के बावजूद प्रशासनिक अमला और सांसद के प्रतिनिधि सक्रिय रहे। सांसद प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के इलाज की व्यवस्था संभाली और पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया। अस्पताल परिसर में देर रात तक कटकमसांडी के अंचल अधिकारी अनिल कुमार गुप्ता और विभिन्न थानों के प्रभारी डटे रहे ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए। पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने भी इस मामले में सख्त रुख अख्तियार किया है। पुलिस की विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं जो आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।

इस दुखद घटनाक्रम ने हजारीबाग की सुरक्षा व्यवस्था और त्यौहारों के दौरान होने वाली प्लानिंग पर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया था लेकिन गदोखर जैसी ग्रामीण पृष्ठभूमि में हुई हत्या ने सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस गश्त और मुस्तैदी पहले से अधिक होती तो शायद राम कुमार साव की जान बचाई जा सकती थी। वर्तमान में पूरे जिले में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है ताकि आम जनता के बीच सुरक्षा का भाव पैदा किया जा सके और किसी भी तरह की अफवाह को फैलने से रोका जा सके।

हजारीबाग का यह प्रकरण अब राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। विभिन्न संगठनों ने इस हिंसा की निंदा की है और समाज से शांति बनाए रखने की अपील की है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस कितनी जल्दी मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजती है और पीड़ित परिवारों को न्याय मिल पाता है। फिलहाल हजारीबाग की फिजाओं में गम और गुस्से का मिला-जुला असर है लेकिन सांसद और प्रशासन की सक्रियता ने उम्मीद जगाई है कि जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी और दोषियों को उनके किए की कड़ी सजा मिलेगी।

Naresh Soni Editor in Chief.

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