हजारीबाग में रामनवमी के उल्लास के बीच पसरा मातम गदोखर में युवक की निर्मम हत्या और कई इलाकों में हिंसक झड़प के बाद तनावपूर्ण शांति
HAZARIBAGH: झारखंड के हजारीबाग जिले में रामनवमी का महापर्व इस बार खुशियों के साथ-साथ गहरे दुख और आक्रोश की परछाई लेकर आया है। जहां एक ओर पूरा शहर और ग्रामीण इलाके भगवान श्री राम की भक्ति में सराबोर थे, वहीं दूसरी ओर कुछ असामाजिक तत्वों की हरकतों ने उत्सव के माहौल को गमगीन कर दिया। कटकमसांडी प्रखंड के गदोखर पंचायत में शुक्रवार की देर रात हुई एक युवक की हत्या ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नींद उड़ा दी है। इस हृदयविदारक घटना के बाद हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल सक्रिय भूमिका में नजर आए। उन्होंने शनिवार को हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा किया और वहां गदोखर हत्याकांड के मृतक राम कुमार साव उर्फ रामा साव के परिजनों से मुलाकात की। सांसद ने न केवल परिवार को सांत्वना दी बल्कि प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी भी दी कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
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| हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मृतक राम कुमार साव के परिजनों को सांत्वना देते सांसद मनीष जायसवाल. |
गदोखर पंचायत की यह घटना तब प्रकाश में आई जब पंचायत के वर्तमान मुखिया नारायण साव के भाई राम कुमार साव पर गांव के ही कुछ उपद्रवियों ने धारदार हथियार भुजाली से अचानक हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार हमला इतना भीषण था कि ४० वर्षीय राम कुमार साव की मौके पर ही मौत हो गई। इस हत्याकांड के बाद गदोखर सहित आसपास के गांवों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोग आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। सांसद मनीष जायसवाल ने अस्पताल में मौजूद मृतक की पत्नी और बच्चों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि यह समय बेहद कठिन है और न्याय की इस लड़ाई में वह पूरी तरह से परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने हजारीबाग पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन से बात कर त्वरित जांच और फास्ट ट्रैक ट्रायल के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाने का आग्रह किया है।
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| हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मनीष जायसवाल ने घायल मुकेश कुमार सिंह का हालचाल जानते प्रतिनिधि। |
हजारीबाग में हिंसा की यह एकमात्र घटना नहीं थी। रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों से भी तनाव और झड़प की खबरें आती रहीं। इसी क्रम में दीपुगढ़ा निवासी और ब्रह्मऋषि समाज के संस्थापक अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह पर भी शुक्रवार की रात जानलेवा हमला किया गया। उन पर भी भुजाली से वार किया गया जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल आरोग्यम अस्पताल में भर्ती कराया गया। सांसद मनीष जायसवाल ने वहां पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सकों को सर्वोत्तम उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए। फिलहाल मुकेश कुमार सिंह की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। इसके साथ ही अन्नदा कॉलेज के प्रोफेसर विवेक कुमार शर्मा भी हिंसक झड़प की चपेट में आकर घायल हुए हैं जिनसे मिलकर सांसद ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
सांसद मनीष जायसवाल ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए जिले की जनता से शांति और सौहार्द बनाए रखने की मार्मिक अपील की है। उन्होंने कहा कि रामनवमी का पर्व मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्शों को जीवन में उतारने का अवसर है न कि किसी से पुरानी दुश्मनी साधने का माध्यम। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे किसी के बहकावे में न आएं और शांतिपूर्ण तरीके से शोभायात्रा में शामिल हों। सांसद ने कड़े शब्दों में कहा कि त्यौहार की आड़ में हिंसा फैलाने वाले लोग समाज के दुश्मन हैं और उनके साथ कोई नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने हजारीबाग की गौरवशाली परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि यहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग मिलकर पर्व मनाते आए हैं और इस एकता को टूटने नहीं देना चाहिए।
शुक्रवार की रात जब ये घटनाएं हो रही थीं तब तेज बारिश के बावजूद प्रशासनिक अमला और सांसद के प्रतिनिधि सक्रिय रहे। सांसद प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के इलाज की व्यवस्था संभाली और पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया। अस्पताल परिसर में देर रात तक कटकमसांडी के अंचल अधिकारी अनिल कुमार गुप्ता और विभिन्न थानों के प्रभारी डटे रहे ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए। पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने भी इस मामले में सख्त रुख अख्तियार किया है। पुलिस की विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं जो आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
इस दुखद घटनाक्रम ने हजारीबाग की सुरक्षा व्यवस्था और त्यौहारों के दौरान होने वाली प्लानिंग पर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया था लेकिन गदोखर जैसी ग्रामीण पृष्ठभूमि में हुई हत्या ने सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस गश्त और मुस्तैदी पहले से अधिक होती तो शायद राम कुमार साव की जान बचाई जा सकती थी। वर्तमान में पूरे जिले में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है ताकि आम जनता के बीच सुरक्षा का भाव पैदा किया जा सके और किसी भी तरह की अफवाह को फैलने से रोका जा सके।
हजारीबाग का यह प्रकरण अब राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। विभिन्न संगठनों ने इस हिंसा की निंदा की है और समाज से शांति बनाए रखने की अपील की है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस कितनी जल्दी मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजती है और पीड़ित परिवारों को न्याय मिल पाता है। फिलहाल हजारीबाग की फिजाओं में गम और गुस्से का मिला-जुला असर है लेकिन सांसद और प्रशासन की सक्रियता ने उम्मीद जगाई है कि जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी और दोषियों को उनके किए की कड़ी सजा मिलेगी।
Naresh Soni Editor in Chief.


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