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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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12 सितंबर को लगेगी नेशनल लोक अदालत: सालों से अटके क्लेम मामलों के निपटारे की तैयारी तेज

 

12 सितंबर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन: MVACT मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर

​झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बैनर तले प्रधान जिला जज ध्रुव चन्द्र मिश्रा की देखरेख में 12 सितंबर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन की तैयारियों को लेकर सिविल कोर्ट परिसर स्थित न्याय सदन भवन में प्रधान जिला जज की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

न्याय सदन भवन में नेशनल लोक अदालत की तैयारी को लेकर बैठक करते न्यायिक पदाधिकारी और अधिवक्ता

बैठक से जुड़े प्रमुख बिंदु

  • सहभागिता: बैठक में एमवीएसीटी न्यायिक पदाधिकारी अविनाश कुमार दुबे, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कुमार विपुल, बीमा कंपनियों के पैनल अधिवक्ता और दावाकर्ताओं के अधिवक्ता प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए। बीमा कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
  • उद्देश्य: मोटर वाहन दुर्घटना दावा (MVACT) से जुड़े लंबित मामलों का आपसी समन्वय से अधिक से अधिक निपटारा करना, ताकि पीड़ित परिवारों को बिना देरी के मुआवजा राशि मिल सके।
  • नोटिस व प्री-काउंसलिंग: लोक अदालत को लेकर लंबित मामलों को चिन्हित कर संबंधित पक्षकारों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौता कराकर मामलों के त्वरित निष्पादन की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

त्वरित भुगतान के लिए प्राधिकार की अपील

​जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य लक्ष्य पक्षकारों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत दिलाना और दावा राशि का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करना है। प्राधिकार ने सभी बीमा पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और पक्षकारों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस अवसर का लाभ उठाएं।

हजारीबाग सिविल कोर्ट: मासिक लोक अदालत में 82 मामलों का निष्पादन, 1.34 करोड़ से अधिक की राशि पर बनी सहमति

हजारीबाग सिविल कोर्ट: मासिक लोक अदालत में 82 मामलों का निष्पादन, 1.34 करोड़ से अधिक की राशि पर बनी सहमति

चेक बाउंस के मामलों में हुई रिकॉर्ड वसूली; 9 मई को आयोजित होगी 'नेशनल लोक अदालत', तैयारी शुरू।

हजारीबाग : आम नागरिकों को सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने के उद्देश्य से हजारीबाग सिविल कोर्ट परिसर में शनिवार को 'मासिक लोक अदालत' का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार के मार्गदर्शन और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के तत्वावधान में आयोजित इस अदालत में सुलह-समझौते के आधार पर करोड़ों रुपये के वादों का निपटारा किया गया।

Masik lok Adalat

चेक बाउंस के मामलों का रहा दबदबा

इस लोक अदालत में कुल 82 मामलों का निष्पादन आपसी सहमति से किया गया। इस दौरान कुल 1 करोड़ 34 लाख 97 हजार 870 रुपये के सेटलमेंट पर पक्षकारों के बीच सहमति बनी। आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक सफलता एनआई एक्ट (चेक बाउंस) के मामलों में मिली, जहां 51 मुकदमों का निपटारा हुआ। अकेले चेक बाउंस के मामलों में 1 करोड़ 31 लाख 51 हजार 52 रुपये की राशि पर समझौता हुआ।

बिजली और बैंक रिकवरी के मामलों में भी राहत

लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों के मामलों को सुलझाया गया:

बिजली विभाग: कुल 27 मामलों का निपटारा हुआ, जिससे सरकार को 2 लाख 32 हजार रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई।

बैंक रिकवरी: बैंक ऋण से संबंधित 2 महत्वपूर्ण मामलों को निष्पादित किया गया।

आपराधिक मामले: सुलहनीय प्रकृति के एक आपराधिक मामले को भी आपसी समझौते से बंद किया गया।

9 मई को लगेगी नेशनल लोक अदालत

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने जानकारी दी कि मासिक लोक अदालत की सफलता के बाद अब 9 मई को भव्य 'नेशनल लोक अदालत' का आयोजन किया जाएगा। प्रधान जिला जज रंजीत कुमार के निर्देशानुसार, समाज के अंतिम व्यक्ति तक कानूनी मदद पहुंचाने के लिए संबंधित विभागों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। नेशनल लोक अदालत के लिए पक्षकारों को नोटिस और सूचनाएं भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

इस सफल आयोजन में न्यायिक पदाधिकारियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, हजारीबाग बार संघ के सदस्यों और सिविल कोर्ट के कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

हजारीबाग: 9 मई को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, दाखिल-खारिज और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों का होगा त्वरित समाधान

हजारीबाग: 9 मई को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, दाखिल-खारिज और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों का होगा त्वरित समाधान

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ की उच्च स्तरीय बैठक; लंबित मामलों के निष्पादन पर दिया जोर।

हजारीबाग: न्यायिक प्रक्रिया को सरल बनाने और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के उद्देश्य से आगामी 9 मई को देशव्यापी 'राष्ट्रीय लोक अदालत' का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में, झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार हजारीबाग सिविल कोर्ट परिसर में भी इस वृहद अदालत की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं।

प्रधान जिला जज रंजीत कुमार

प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक

गुरुवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के अध्यक्ष रंजीत कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के प्रशासनिक पदाधिकारियों को लोक अदालत की सफलता के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक का मुख्य फोकस आम जनता से जुड़े उन मामलों पर रहा जो लंबे समय से प्रखंड या जिला स्तर पर लंबित हैं।

इन प्रमुख मामलों का होगा निष्पादन

बैठक में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में न केवल आपराधिक (शमनीय) मामले, बल्कि आम नागरिकों के दैनिक जीवन से जुड़े निम्नलिखित मुद्दों पर भी प्राथमिकता से सुनवाई होगी:

  • राजस्व मामले: अंचल कार्यालयों में लंबित दाखिल-खारिज (Mutation) के मामलों का निपटारा।

  • प्रमाण पत्र: जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र और विवाह निबंधन से जुड़े विवाद।

  • परिवहन: जिला परिवहन विभाग में लंबित जुर्माने और अन्य संबंधित मामले।

  • सामाजिक नियम: सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध के उल्लंघन से जुड़े मामले।

  • प्री-लिटिगेशन: वे मामले जो अभी कोर्ट तक नहीं पहुंचे हैं, उन्हें आपसी समझौते से सुलझाना।

जिला जज ने सचिव को दिए निर्देश

प्रधान जिला जज रंजीत कुमार ने DLSA सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी को निर्देश दिया कि वे सभी विभागों के साथ समन्वय बिठाएं ताकि अधिक से अधिक वादों का निष्पादन किया जा सके। उन्होंने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य जनता को कोर्ट-कचहरी के चक्करों से मुक्ति दिलाकर सुलह के आधार पर न्याय दिलाना है।

बैठक में उपस्थित रहे मुख्य अधिकारी

इस उच्च स्तरीय बैठक में सदर अनुमंडल दंडाधिकारी (SDO) आदित्य पांडे, बरही SDO जॉन टुडु, जिला परिवहन पदाधिकारी बैद्यनाथ कामत और एसी हजारीबाग संतोष सिंह मुख्य रूप से शामिल हुए। साथ ही कटकमदाग बीडीओ शिव बालक प्रसाद, सीओ अनिल कुमार गुप्ता (कटकमसांडी), सत्येंद्र नारायण (कटकमदाग), आशुतोष (सदर) और चुरचू सीआई ने भी हिस्सा लिया।

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