⚖️ हजारीबाग: केंद्रीय कारा में विधिक जागरूकता शिविर; प्रधान जिला जज ने कहा- सिविल कोर्ट में बढ़ रहे हैं NDPS के मामले, नशे से दूर रहें बंदी
हजारीबाग: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) हजारीबाग के तत्वावधान में शुक्रवार को लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा (सेंट्रल जेल) में एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान उपस्थित बंदियों के बीच नशे के गंभीर दुष्प्रभावों, उससे बचने के उपायों और मादक पदार्थों के सेवन से समाज व परिवार पर पड़ने वाले असर के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।
🚫 नशे से व्यक्ति ही नहीं, पूरा परिवार और समाज होता है बर्बाद: प्रधान जिला जज
इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चंद्र मिश्रा उपस्थित थे। बंदियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण बातें कहीं:
नशे का नुकसान: उन्होंने कहा कि नशे की लत से सिर्फ उसे करने वाले व्यक्ति को ही नुकसान नहीं होता, बल्कि उसका पूरा परिवार बिखर जाता है और समाज को भी इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है।
अदालतों में बढ़ते मामले: प्रधान जिला जज ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में सिविल कोर्ट में एनडीपीएस (NDPS Act - नशीले पदार्थ अधिनियम) से जुड़े मामलों में काफी तेजी आई है। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि समाज में नशे के खिलाफ बड़े पैमाने पर जागरूक रहने की गंभीर आवश्यकता है।
उन्होंने सभी बंदियों को सन्मार्ग (सही रास्ते) पर चलने की सलाह दी और भविष्य में समाज की मुख्यधारा में लौटकर अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
👥 जेल में बंदियों की सुनी गईं समस्याएं, त्वरित निष्पादन के निर्देश
जागरूकता अभियान के साथ-साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार की टीम द्वारा जेल में बंदियों की विभिन्न कानूनी और व्यक्तिगत समस्याओं को भी विस्तार पूर्वक सुना गया। मामलों के त्वरित और समयबद्ध निष्पादन के लिए प्राधिकार द्वारा एलएडीसी (LADC) सदस्यों को विशेष ध्यान देने और कानूनी मदद पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद: इस विधिक जागरूकता शिविर के मौके पर मुख्य रूप से जिला विधिक सेवा प्राधिकार के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) राजीव त्रिपाठी, सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी, जेल अधीक्षक चंद्रशेखर प्रसाद सुमन, जेलर संजय श्रीवास्तव, जेल चिकित्सक डॉ. राहुल कुमार, एलएडीसी सदस्य मुरली राणा समेत कई अन्य जेल कर्मी और बंदी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
(स्रोत: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग)
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