हजारीबाग सिविल कोर्ट में नेशनल लोक अदालत का आयोजन: 61,814 मामलों का हुआ सफल निष्पादन, 53 करोड़ से अधिक के दावों का हुआ निपटारा
नरेश सोनी, प्रधान संपादक
हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी):
हजारीबाग सिविल कोर्ट में शनिवार को वादों के त्वरित, सुगम व शांतिपूर्ण निष्पादन के उद्देश्य से नेशनल लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देशानुसार आयोजित इस लोक अदालत का ऑनलाइन उद्घाटन झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सह झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हजारीबाग के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चन्द्र मिश्रा सहित जिले के सभी न्यायिक पदाधिकारी जुड़े रहे।
![]() |
| National Lok Adalat session in Hazaribagh Civil Court under DLSA resolving disputes through mutual agreement |
रिकॉर्ड 61 हजार से अधिक मामलों का हुआ निस्तारण
जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के तत्वावधान में प्रधान जिला जज ध्रुव चन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित इस अदालत में सुलह-समझौते के आधार पर ऐतिहासिक सफलता मिली। लोक अदालत में विचारार्थ रखे गए कुल 61,814 मामलों का दोनों पक्षों की आपसी सहमति से सफल निष्पादन किया गया, जिसके तहत कुल 53 करोड़ 7 लाख 28 हजार 912 रुपये की राशि के सेटलमेंट पर अंतिम सहमति बनी।
निपटारे का विषयवार ब्योरा
- वित्तीय मामले: 30,775
- बैंक रिकवरी: 1,041
- सुलहनीय आपराधिक वाद: 947
- भू-अर्जन (भूमि अधिग्रहण): 608
- विद्युत (बिजली) विभाग: 548
- स्थायी लोक अदालत: 230
- नगर निगम/पानी बिल व अन्य टैक्स: 210
- एनआई एक्ट (चेक बाउंस): 95
- दूरसंचार विभाग (बीएसएनएल आदि): 32
- मोटर वाहन दुर्घटना दावा (एमएसीटी): 22
- पारिवारिक व वैवाहिक विवाद: 17
- श्रम विवाद: 06
- उपभोक्ता संरक्षण: 02
- अन्य विविध मामले: 27,231
पारिवारिक विवादों के लिए चलेगा विशेष मध्यस्थता अभियान
डीएलएसए सचिव कुमार विपुल ने बताया कि प्रधान जिला जज के निर्देश पर आम जनता को सुलभ व सस्ता न्याय दिलाने के लिए प्राधिकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने जानकारी दी कि न्यायालयों में लंबित पारिवारिक और वैवाहिक विवादों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए न्याय सदन स्थित मध्यस्थता केंद्र में एक विशेष मध्यस्थता अभियान चलाया जाएगा, जहां प्रशिक्षित मध्यस्थ दोनों पक्षों के बीच सुलह कराएंगे। उन्होंने लोक अदालत को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों और पक्षकारों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें