हजारीबाग में जनगणना कार्य की दैनिक समीक्षा शुरू; तकनीकी दिक्कतों के बीच नगर आयुक्त ने प्रगणकों को दी बड़ी राहत
मकान सूचीकरण (HLO) में लापरवाही पर लगेगी रोक, 'Sinking Data' और तकनीकी एरर सुधारने के लिए विशेष टीम तैनात
विशेष संवाददाता, हजारीबाग
हजारीबाग:
भारत की आगामी राष्ट्रीय जनगणना 2027 को लेकर हजारीबाग शहरी क्षेत्र में प्रशासनिक सरगर्मी तेज हो गई है। डिजिटल इंडिया पहल के तहत इस बार मकानों की गिनती और सूचीकरण का कार्य पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है। इसी क्रम में, आज 1 जून 2026 को नगर आयुक्त-सह-जनगणना पदाधिकारी ने एक उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूरे कार्य की सघन समीक्षा की। प्रशासन का मुख्य फोकस डेटा की शुद्धता (Data Quality) और समय पर काम पूरा करने पर है।
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| हजारीबाग नगर निगम कार्यालय में डिजिटल जनगणना 2027 के 'HLO App' डेटा सिंकिंग की समीक्षा करते प्रशासनिक अधिकारी। |
क्यों अहम है 'HLO App' और सिंकिंग डेटा (Sinking Data) की समस्या?
क्षेत्रीय स्तर पर काम कर रहे प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों को पिछले कुछ दिनों से 'HLO App' पर डेटा अपलोड करने में व्यावहारिक और तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। सर्वर धीमा होने के कारण कई बार फील्ड में कलेक्ट किया गया डेटा मुख्य सर्वर से सिंक (Sync) नहीं हो पा रहा था।
इस गंभीर समस्या को देखते हुए नगर आयुक्त ने त्वरित संज्ञान लिया है। उन्होंने डिजिटल विसंगतियों को दूर करने और 'Sinking Data' के एरर को तुरंत फिक्स करने के लिए एक विशेष कार्यालय आदेश जारी किया है। इसके तहत तकनीकी टीम फील्ड वर्क में लगे कर्मियों को रियल-टाइम सपोर्ट देगी।
लापरवाही पर कड़ा रुख: 6 जून तक शत-प्रतिशत काम का अल्टीमेटम
समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट किया गया कि यह कार्य सीधे देश की नीति निर्धारण से जुड़ा है, इसलिए इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए किसी भी स्तर पर त्रुटि स्वीकार नहीं की जाएगी। नगर आयुक्त ने सभी प्रगणकों को 06 जून 2026 से पहले अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों का शत-प्रतिशत मकान सूचीकरण कार्य अनिवार्य रूप से पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया है। दैनिक आधार पर इसकी प्रोग्रेस रिपोर्ट की मॉनिटरिंग खुद नगर आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करेंगे।
जनता के लिए जरूरी जानकारी (Public Advisory)
📌 न्यूज प्रहरी की अपील (हजारीबाग नागरिकों के लिए):
जब भी आपके वार्ड या मोहल्ले में जनगणना कर्मी (प्रगणक) आएं, तो उन्हें अपने मकान और परिवार से संबंधित सही और प्रमाणित जानकारी ही दें। डिजिटल डेटा एंट्री में आपका एक सही सहयोग शहर के विकास फंड और भविष्य की योजनाओं को तय करने में मदद करेगा। किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें।
संपादकीय विश्लेषण: रफ्तार बनाम डेटा की गुणवत्ता (Editorial)
डिजिटल जनगणना की राह में तकनीकी स्पीड-ब्रेकर
तकनीकी माध्यमों से जनगणना कराना आधुनिकता की दिशा में एक स्वागत योग्य कदम है। इससे कागजी खानापूर्ति और समय की बर्बादी रुकती है। हालांकि, हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र की जमीनी हकीकत बताती है कि 'HLO App' जैसे सरकारी ऐप्स को अभी और अधिक मजबूत सर्वर बैकअप की जरूरत है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में नेटवर्क की फ्लक्चुएशन के कारण डेटा सिंक न होना एक आम बात है।
ऐसे में हजारीबाग नगर आयुक्त द्वारा तकनीकी समस्याओं के निवारण के लिए अलग से कार्यालय आदेश जारी करना यह दर्शाता है कि प्रशासन प्रगणकों की व्यावहारिक समस्याओं को समझ रहा है। लेकिन 6 जून की बेहद करीबी समय-सीमा (Deadline) के कारण फील्ड स्टाफ पर मानसिक दबाव बढ़ सकता है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि जल्दबाजी के चक्कर में डेटा की शुद्धता से कोई समझौता न हो।
रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
समाचार स्रोत (Source): आधिकारिक विज्ञप्ति संख्या 29/2026 और ग्राउंड रिपोर्टिंग
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