हजारीबाग में आज होने वाली झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू
31 मई 2026 (रविवार) को पूर्वाह्न 10:30 बजे से अपराह्न 12:30 बजे तक निर्धारित केंद्रों के आसपास लागू रहेगा आदेश।
परीक्षा संचालन में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, पुलिस बल और वीक्षकों को छोड़कर अन्य सभी अनाधिकृत व्यक्तियों के लिए नियम कड़े।
हजारीबाग, 30 मई 2026: सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, समाहरणालय भवन, हजारीबाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 312/30.05.2026 के अनुसार, जिले में आज आयोजित होने वाली झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा–2026 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा को पूरी तरह सफल, शांतिपूर्ण, पारदर्शी और कदाचारमुक्त (चीटिंग-मुक्त) माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) सदर, हजारीबाग द्वारा सभी निर्धारित परीक्षा केंद्रों के आसपास कड़े सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
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| Hazaribagh me 13 Kendron Par Dhara 163 Laagu. |
13 केंद्रों पर धारा 163 लागू, समय सीमा तय:
अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, दिनांक 31 मई 2026 (रविवार) को पूर्वाह्न 10:30 बजे से अपराह्न 12:30 बजे तक परीक्षा का आयोजन होना सुनिश्चित हुआ है। इसके मद्देनज़र सदर अनुमंडल के अंतर्गत आने वाले सभी 13 निर्धारित परीक्षा केंद्रों की 100 मीटर की परिधि (दायरे) में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्ववर्ती धारा 144) के तहत निषेधाज्ञा प्रभावी रहेगी।
इन चीजों और गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध:
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के तहत, परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में केवल वैध परीक्षार्थियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी, उनके अलावा किसी भी अन्य बाहरी व्यक्ति या अभिभावक के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त केंद्रों के आसपास किसी भी प्रकार की भीड़-भाड़ लगाने, लाठी-डंडा, हथियार, या किसी भी प्रकार की विस्फोटक सामग्री ले जाने पर रोक रहेगी। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए मोबाइल फोन, कोई भी कागजात, पुस्तक, नोटबुक अथवा अन्य किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (जैसे ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच आदि) के साथ परिधि में प्रवेश पूर्णतः वर्जित रहेगा।
ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को छूट:
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निषेधाज्ञा आदेश परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा और सुचारू संचालन के लिए प्रतिनियुक्त किए गए दंडाधिकारियों (Magistrates), पुलिस पदाधिकारियों, सशस्त्र सुरक्षा बलों और परीक्षा संचालन में लगे शिक्षकों व अन्य कर्मियों पर लागू नहीं होगा।
संपादकीय दृष्टिकोण / संपादकीय टिप्पणी (Sampadakiye)
प्रतियोगिता परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनाए रखना किसी भी संवेदनशील प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों से पेपर लीक और कदाचार की आने वाली खबरों के बीच हजारीबाग सदर अनुमंडल प्रशासन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करना एक बेहद स्वागत योग्य और सतर्कतापूर्ण कदम है। 13 परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे को पूरी तरह सुरक्षित करना परीक्षार्थियों को एक भयमुक्त और एकाग्र माहौल प्रदान करेगा।
हालांकि, केवल कागजों पर आदेश जारी करना काफी नहीं होता, बल्कि धरातल पर इसकी सख्त मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण सबसे महत्वपूर्ण है। अक्सर देखा जाता है कि केंद्रों के बाहर अभिभावकों की भारी भीड़ जमा हो जाती है, जिसे नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की आवश्यकता होती है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि चेकिंग के नाम पर वास्तविक परीक्षार्थियों को किसी मानसिक तनाव या असुविधा का सामना न करना पड़े और परीक्षा पूरी तरह गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हो।
जन सुझाव / पब्लिक सजेशंस (Public Suggestions)
- अभिभावकों के लिए 'वेटिंग जोन' की व्यवस्था: परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे से बाहर जिला प्रशासन या स्थानीय नगर निकाय को दूर-दराज से आने वाले अभिभावकों के बैठने और धूप/पानी से बचने के लिए शेडयुक्त अस्थाई वेटिंग जोन बनाना चाहिए ताकि वे केंद्रों के मुख्य गेट पर भीड़ न लगाएं।
- बायोमेट्रिक और जैमर की जांच: सभी 13 केंद्रों के भीतर जैमर (इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल रोकने वाले उपकरण) सुचारू रूप से काम कर रहे हैं या नहीं, इसकी जांच परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले तकनीकी टीम द्वारा की जाए।
- हेल्प डेस्क और साइनबोर्ड: पहली बार हजारीबाग शहर आ रहे ग्रामीण परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए मुख्य चौक-चौराहों और केंद्रों के बाहर स्पष्ट दिशा-सूचक (साइनबोर्ड) और पुलिस हेल्प डेस्क बनाई जानी चाहिए ताकि परीक्षार्थी समय पर अपने केंद्र पहुंच सकें।
- अतिरिक्त पुलिस गश्ती दल: परीक्षा की अवधि (10:30 AM से 12:30 PM) के दौरान सभी 13 केंद्रों के बीच लगातार मूवमेंट करने वाले उड़नदस्ते (फ्लाइंग स्क्वाड) और पुलिस गश्ती दल को सक्रिय रखा जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत ऐक्शन लिया जा सके।

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