🏛️ हजारीबाग: अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक में उपायुक्त का कड़ा रुख; लापरवाह अफसरों को दी सख्त विधिक चेतावनी, 15 जुलाई तक काम पूरा करने का कड़ा अल्टीमेटम
हजारीबाग: जिले के प्रशासनिक गलियारों में सुस्ती और विभागों के बीच आपसी तालमेल की कमी के कारण जनहित की योजनाओं को लटकाने वाले अधिकारियों पर प्रशासनिक हंटर चलना शुरू हो गया है। सरकारी योजनाओं की धीमी गति और फाइलों के दबाकर बैठने की अफसरों की आदत को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में अंतर्विभागीय समन्वय समिति की एक हाई-प्रोफाइल विधिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण विधिक बैठक की अध्यक्षता जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त हेमंत सती ने की। सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय (IPRD), समाहरणालय भवन, हजारीबाग से प्राप्त आधिकारिक विधिक प्रेस विज्ञप्ति (संख्या: 433/08.07.2026/हजारीबाग) के अनुसार, इस महा-बैठक का मुख्य और एकमात्र उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच फैले गतिरोध को दूर कर बेहतर विधिक समन्वय स्थापित करना और जनहित की सभी लंबित योजनाओं एवं विकास कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करना था। बैठक में उपायुक्त ने दो टूक शब्दों में कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि कई बार विभागों के बीच विधिक समन्वय के अभाव में महत्वपूर्ण जनहित योजनाएं समय पर पूर्ण नहीं हो पाती हैं, जिसके कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों का अब त्वरित विधिक समाधान कर सरकारी कार्यों को युद्ध स्तर पर गति देना ही इस कड़क समीक्षा का प्रमुख लक्ष्य है।
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🏬 जनता दरबार और पीजी पोर्टल की फाइलों पर भड़के प्रशासनिक कप्तान; स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा और विद्युत विभाग के सुस्त तंत्र को आड़े हाथों लिया
हजारीबाग सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आधिकारिक विधिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि इस उच्च स्तरीय विधिक बैठक में जनता दरबार एवं पीजी पोर्टल पर लंबित पड़े मामलों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई गई। इसके साथ ही स्वास्थ्य, नगर निगम, वन एवं पर्यावरण, भवन निर्माण, समाज कल्याण, विद्युत, कृषि, भू-संरक्षण, पशुपालन, जेएसएलपीएस, खाद्य आपूर्ति, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, खेल तथा सहकारिता विभाग से जुड़े विभिन्न पेंडिंग और विधिक समन्वय संबंधी मामलों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान बड़कागांव स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र, गोंदलपुरा के निर्माण में भूमि प्रतिवेदन से संबंधित विधिक समस्या को लटकाए रखने पर उपायुक्त ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने इस विधिक गतिरोध का शीघ्र समाधान करने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) को कड़ा निर्देश देते हुए आगामी 15 जुलाई तक हर हाल में विवादित भूमि का विधिक ले-आउट तैयार कराने का अल्टीमेटम दे दिया है। वहीं, इचाक प्रखंड के बोंगा स्वास्थ्य उपकेंद्र को भी 15 जुलाई तक अनिवार्य रूप से विधिक रूप से प्रारंभ करने तथा जिले के सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों में बिजली, पेयजल एवं अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित करने का कड़ा विधिक निर्देश संबंधित लापरवाह अधिकारियों को थमा दिया गया है।
🛑 आंगनबाड़ी केंद्रों और कृषि नियुक्तियों पर कड़े विधिक दिशा-निर्देश; प्रखंड विकास पदाधिकारियों को सरकारी स्कूलों और निर्वाचन कार्यों में मुस्तैद रहने का फरमान
इस खोजी और आक्रामक विधिक समीक्षा के दौरान समाज कल्याण विभाग की फाइलों को भी खंगाला गया, जिसमें भवनहीन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पोषक क्षेत्र के समीप उपयुक्त सरकारी भूमि चिन्हित करने का कड़ा निर्देश संबंधित अंचल अधिकारियों (CO) को दिया गया। इसके साथ ही विद्युत विभाग के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि वे अपनी टालमटोल की नीति छोड़ें और जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में तत्काल प्रभाव से बिजली कनेक्शन एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने एटीएम एवं बीटीएम की नियुक्ति हेतु शीघ्र विधिक विज्ञापन प्रकाशित करने तथा सभी प्रखंडों में बीज वितरण की अद्यतन विधिक स्थिति की वास्तविक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का कड़ा निर्देश दिया। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के तहत नए गोदामों के निर्माण की विधिक प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ-साथ सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को अपने-अपने क्षेत्र के गोदामों का नियमित रूप से औचक विधिक निरीक्षण करने को कहा गया है ताकि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या गड़बड़ी को पकड़ा जा सके। सामाजिक सुरक्षा विभाग को सरकारी पेंशन स्वीकृति प्रक्रिया में पूरी सावधानी बरतने तथा मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना के अयोग्य लाभुकों की सूची तैयार कर विधिक छंटनी करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के अंतिम चरण में उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र में विभिन्न विधिक समितियों के अध्यक्ष होने के नाते अपनी वातानुकूलित गाड़ियों से बाहर निकलें और सरकारी विद्यालयों का नियमित विधिक निरीक्षण करें ताकि पठन-पाठन की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों के नियमित संचालन एवं मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान देने के साथ प्रखंड स्तर पर खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने हेतु उपलब्ध संसाधनों की जानकारी तलब की गई। बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित विधिक कार्यों में पूरी गंभीरता एवं समयबद्धता के साथ अपने विधिक दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया, और साफ किया कि लापरवाही बरतने पर सीधे विधिक गाज गिरेगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त रिया सिंह, डीएफओ उज्ज्वल कुमार, अपर समाहर्ता महेंद्र छोटन उरांव, SDO सदर आदित्य पांडेय, SDO जोहन टुडू, प्रशिक्षु आईएएस पूर्वा अग्रवाल सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, अंचलाधिकारी व प्रखंड विकास पदाधिकारी मुख्य रूप से मुस्तैद थे।
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