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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती का कड़ा प्रशासनिक हंटर: अंतर्विभागीय बैठक में भड़के कप्तान, लापरवाह अफसरों को 15 जुलाई का अल्टीमेटम!

 

🏛️ हजारीबाग: अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक में उपायुक्त का कड़ा रुख; लापरवाह अफसरों को दी सख्त विधिक चेतावनी, 15 जुलाई तक काम पूरा करने का कड़ा अल्टीमेटम

हजारीबाग: जिले के प्रशासनिक गलियारों में सुस्ती और विभागों के बीच आपसी तालमेल की कमी के कारण जनहित की योजनाओं को लटकाने वाले अधिकारियों पर प्रशासनिक हंटर चलना शुरू हो गया है। सरकारी योजनाओं की धीमी गति और फाइलों के दबाकर बैठने की अफसरों की आदत को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में अंतर्विभागीय समन्वय समिति की एक हाई-प्रोफाइल विधिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण विधिक बैठक की अध्यक्षता जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त हेमंत सती ने की। सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय (IPRD), समाहरणालय भवन, हजारीबाग से प्राप्त आधिकारिक विधिक प्रेस विज्ञप्ति (संख्या: 433/08.07.2026/हजारीबाग) के अनुसार, इस महा-बैठक का मुख्य और एकमात्र उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच फैले गतिरोध को दूर कर बेहतर विधिक समन्वय स्थापित करना और जनहित की सभी लंबित योजनाओं एवं विकास कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करना था। बैठक में उपायुक्त ने दो टूक शब्दों में कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि कई बार विभागों के बीच विधिक समन्वय के अभाव में महत्वपूर्ण जनहित योजनाएं समय पर पूर्ण नहीं हो पाती हैं, जिसके कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों का अब त्वरित विधिक समाधान कर सरकारी कार्यों को युद्ध स्तर पर गति देना ही इस कड़क समीक्षा का प्रमुख लक्ष्य है।

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🏬 जनता दरबार और पीजी पोर्टल की फाइलों पर भड़के प्रशासनिक कप्तान; स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा और विद्युत विभाग के सुस्त तंत्र को आड़े हाथों लिया

हजारीबाग सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आधिकारिक विधिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि इस उच्च स्तरीय विधिक बैठक में जनता दरबार एवं पीजी पोर्टल पर लंबित पड़े मामलों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई गई। इसके साथ ही स्वास्थ्य, नगर निगम, वन एवं पर्यावरण, भवन निर्माण, समाज कल्याण, विद्युत, कृषि, भू-संरक्षण, पशुपालन, जेएसएलपीएस, खाद्य आपूर्ति, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, खेल तथा सहकारिता विभाग से जुड़े विभिन्न पेंडिंग और विधिक समन्वय संबंधी मामलों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान बड़कागांव स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र, गोंदलपुरा के निर्माण में भूमि प्रतिवेदन से संबंधित विधिक समस्या को लटकाए रखने पर उपायुक्त ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने इस विधिक गतिरोध का शीघ्र समाधान करने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) को कड़ा निर्देश देते हुए आगामी 15 जुलाई तक हर हाल में विवादित भूमि का विधिक ले-आउट तैयार कराने का अल्टीमेटम दे दिया है। वहीं, इचाक प्रखंड के बोंगा स्वास्थ्य उपकेंद्र को भी 15 जुलाई तक अनिवार्य रूप से विधिक रूप से प्रारंभ करने तथा जिले के सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों में बिजली, पेयजल एवं अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित करने का कड़ा विधिक निर्देश संबंधित लापरवाह अधिकारियों को थमा दिया गया है।

🛑 आंगनबाड़ी केंद्रों और कृषि नियुक्तियों पर कड़े विधिक दिशा-निर्देश; प्रखंड विकास पदाधिकारियों को सरकारी स्कूलों और निर्वाचन कार्यों में मुस्तैद रहने का फरमान

इस खोजी और आक्रामक विधिक समीक्षा के दौरान समाज कल्याण विभाग की फाइलों को भी खंगाला गया, जिसमें भवनहीन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पोषक क्षेत्र के समीप उपयुक्त सरकारी भूमि चिन्हित करने का कड़ा निर्देश संबंधित अंचल अधिकारियों (CO) को दिया गया। इसके साथ ही विद्युत विभाग के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि वे अपनी टालमटोल की नीति छोड़ें और जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में तत्काल प्रभाव से बिजली कनेक्शन एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने एटीएम एवं बीटीएम की नियुक्ति हेतु शीघ्र विधिक विज्ञापन प्रकाशित करने तथा सभी प्रखंडों में बीज वितरण की अद्यतन विधिक स्थिति की वास्तविक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का कड़ा निर्देश दिया। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के तहत नए गोदामों के निर्माण की विधिक प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ-साथ सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को अपने-अपने क्षेत्र के गोदामों का नियमित रूप से औचक विधिक निरीक्षण करने को कहा गया है ताकि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या गड़बड़ी को पकड़ा जा सके। सामाजिक सुरक्षा विभाग को सरकारी पेंशन स्वीकृति प्रक्रिया में पूरी सावधानी बरतने तथा मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना के अयोग्य लाभुकों की सूची तैयार कर विधिक छंटनी करने का निर्देश दिया गया।

बैठक के अंतिम चरण में उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र में विभिन्न विधिक समितियों के अध्यक्ष होने के नाते अपनी वातानुकूलित गाड़ियों से बाहर निकलें और सरकारी विद्यालयों का नियमित विधिक निरीक्षण करें ताकि पठन-पाठन की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों के नियमित संचालन एवं मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान देने के साथ प्रखंड स्तर पर खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने हेतु उपलब्ध संसाधनों की जानकारी तलब की गई। बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित विधिक कार्यों में पूरी गंभीरता एवं समयबद्धता के साथ अपने विधिक दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया, और साफ किया कि लापरवाही बरतने पर सीधे विधिक गाज गिरेगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त रिया सिंह, डीएफओ उज्ज्वल कुमार, अपर समाहर्ता महेंद्र छोटन उरांव, SDO सदर आदित्य पांडेय, SDO जोहन टुडू, प्रशिक्षु आईएएस पूर्वा अग्रवाल सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, अंचलाधिकारी व प्रखंड विकास पदाधिकारी मुख्य रूप से मुस्तैद थे।

और पढ़िए :हजारीबाग में 'मॉडल सोलर ग्राम' बनाने की प्रशासनिक कवायद शुरू: बिजली संकट दूर करने के लिए उपायुक्त हेमंत सती ने तय किए कड़े मानक 

Ichak: ईचाक में बड़ा धमाका - अलौंजाखुर्द में 25 अनुसूचित जाति की महिलाओं को मिला बांस कला का हुनर, IPRD ने जारी की विधिक रिपोर्ट!

 

🏛️ हजारीबाग: ईचाक के अलौंजाखुर्द में बांस कला महा-प्रशिक्षण का समापन; 25 अनुसूचित जाति की महिलाओं को मिला स्वरोजगार का सीधा विधिक हक, बिचौलियों का तंत्र ध्वस्त

ईचाक (हजारीबाग): ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और कुटीर उद्योगों के जरिए उन्हें सीधे आर्थिक रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड की टूलकिट वितरण योजना के तहत एक बड़ा विधिक अभियान चलाया गया। इसके तहत ईचाक प्रखंड के अलौंजाखुर्द ग्राम में आयोजित 14 दिवसीय बांस कला प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक समापन किया गया। सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय (IPRD), समाहरणालय भवन, हजारीबाग से प्राप्त आधिकारिक विधिक रिपोर्ट के अनुसार, इस विशेष प्रशिक्षण का सफल संचालन नीड्स (NEEDS) संस्था द्वारा पूरी मुस्तैदी के साथ किया गया। इस विधिक कार्यक्रम के तहत एक बैच में अनुसूचित जाति की 25 चयनित महिलाओं को बांस शिल्प और आधुनिक हस्तशिल्प का गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान इन महिलाओं को बांस के जरिए बाजार में ऊंचे दामों पर बिकने वाले आकर्षक एवं उपयोगी उत्पाद तैयार करने का हुनर सिखाया गया, जिसमें मुख्य रूप से ग्लोब लैंप, पाइनएप्पल लैंप, पूजा के लिए विशेष प्रसाद बॉक्स, आधुनिक डिजाइन के लाइट लैंप सहित विभिन्न प्रकार के कलात्मक हस्तशिल्प उत्पाद शामिल हैं। मास्टर ट्रेनर द्वारा इन महिलाओं को बारीक से बारीक विधिक और तकनीकी कौशल सिखाया गया, ताकि वे बाजार की प्रतिस्पर्धा में सीधे टिक सकें।

ईचाक (हजारीबाग): अलौंजाखुर्द ग्राम में आयोजित बांस कला प्रशिक्षण के समापन पर तैयार हस्तशिल्प उत्पादों को प्रदर्शित करतीं लाभार्थी महिलाएं। (स्रोत: IPRD हजारीबाग)

🏬 मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड की 90 फीसदी अनुदान योजना; मशीनों और टूलकिट से सजी आत्मनिर्भरता की नई इबारत

हजारीबाग सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) के आधिकारिक विधिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि यह पूरा क्रांतिकारी कार्यक्रम मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड की 90 प्रतिशत अनुदान आधारित टूलकिट वितरण योजना के अंतर्गत संचालित हो रहा है। इसके तहत नीड्स संस्था को बांस कला से संबंधित अत्याधुनिक मशीनें एवं उन्नत विधिक टूलकिट सरकारी स्तर पर उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि ग्रामीण स्तर पर महिलाओं के कौशल विकास में कोई बाधा न आए। इस विधिक अभियान का मुख्य और अंतिम उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सीधे आत्मनिर्भर बनाना, उनके कौशल को तराशना और बिचौलियों के चंगुल से मुक्त कराकर स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के असीमित अवसर उपलब्ध कराना है। संस्था द्वारा क्षेत्र में चलाया गया यह तीसरा बड़ा बांस कला प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिससे स्पष्ट होता है कि जमीनी स्तर पर बदलाव की बयार बह रही है। इससे पूर्व दारू प्रखंड के मोकतमा एवं ईचाक प्रखंड के ही हदारी गांव में भी इसी प्रकार का विधिक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित कर महिलाओं के बड़े समूह को सीधे रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है।

ईचाक (हजारीबाग): अलौंजाखुर्द ग्राम में आयोजित बांस कला प्रशिक्षण के समापन पर तैयार हस्तशिल्प उत्पादों को प्रदर्शित करतीं लाभार्थी महिलाएं। (स्रोत: IPRD हजारीबाग)

🛑 वर्क ऑर्डर के साथ बनेगा डीसी हैंडीक्राफ्ट आर्टिजन कार्ड; वैश्विक बाजार में मिलेगी पहचान, कुटीर उद्योग को बड़ी विधिक रफ्तार

इस विधिक पहल को सिर्फ कागजी और प्रशिक्षण तक सीमित रखने के बजाय, इसे पूरी तरह धरातल पर उतारने के लिए नीड्स संस्था द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त सभी महिलाओं को उत्पाद निर्माण के लिए सीधे विधिक 'वर्क ऑर्डर' (काम का जिम्मा) भी मौके पर उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि प्रशिक्षण खत्म होते ही उनकी कमाई का जरिया तुरंत शुरू हो सके। इसके साथ ही, हस्तशिल्प के क्षेत्र में इन ग्रामीण महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी पहचान दिलाने तथा उनके उत्पादों के उचित विपणन (मार्केटिंग) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभाग द्वारा उनका डीसी हैंडीक्राफ्ट आर्टिजन कार्ड भी अनिवार्य रूप से बनवाया जा रहा है। आधिकारिक विधिक स्रोत (IPRD हजारीबाग) के मुताबिक, परिवहन और स्थानीय कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार का यह विधिक प्रयास मील का पत्थर साबित हो रहा है। इससे न सिर्फ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है, बल्कि सदियों से उपेक्षित और समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी अनुसूचित जाति की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी और सशक्त बनाने की दिशा में एक नया विधिक कीर्तिमान स्थापित हो रहा है। 

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Hazaribagh News: चुरचू में विशेष ड्राइविंग लाइसेंस शिविर का धमाका; ऑनलाइन टेस्ट पास करते ही मौके पर मिला विधिक लाइसेंस!

🏛️ चुरचू अंचल कार्यालय में परिवहन विभाग का बड़ा विधिक अभियान; 100 से अधिक लोगों को मौके पर ही मिला लर्निंग लाइसेंस, जिला मुख्यालय के चक्करों से मिली मुक्ति

चुरचू (हजारीबाग): झारखंड सरकार के सख्त और जनकल्याणकारी विधिक निर्देशों के आलोक में मंगलवार को चुरचू प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में एक विशेष ड्राइविंग लाइसेंस शिविर का आक्रामक तरीके से आयोजन किया गया। इस महा-शिविर का मुख्य विधिक उद्देश्य ग्रामीण एवं सुदूर दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले आम लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस की सरकारी सुविधा उनके घर के निकट उपलब्ध कराना तथा सड़क सुरक्षा एवं यातायात विधिक नियमों के प्रति आमजन को पूरी तरह जागरूक करना था। सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय (IPRD), हजारीबाग से प्राप्त आधिकारिक विधिक रिपोर्ट के अनुसार, इस विशेष शिविर में चुरचू और आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में युवाओं और आम आवेदकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर स्थल पर ही ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के इच्छुक आवेदकों के ऑनलाइन आवेदन विधिक प्रविष्टि के तहत दर्ज किए गए, जिसके तुरंत बाद उनका डिजिटल फोटो एवं बायोमेट्रिक हस्ताक्षर लिया गया। निर्धारित विधिक प्रक्रिया के तहत मौके पर ही लर्निंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन कंप्यूटर टेस्ट भी आयोजित कराया गया, जिसमें सफल होने वाले आवेदकों को बिना किसी विलंभ के मौके पर ही हाथों-हाथ लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर दिया गया।

चुरचू (हजारीबाग): अंचल कार्यालय परिसर में विशेष ड्राइविंग लाइसेंस शिविर के दौरान आवेदकों का ऑनलाइन टेस्ट लेते जिला परिवहन कार्यालय के कर्मी। (स्रोत: IPRD हजारीबाग)

🏬 दलालों के तंत्र पर करारा प्रहार; समय और धन दोनों की हुई विधिक बचत, लाभार्थियों ने राज्य सरकार का जताया आभार

हजारीबाग सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) के आधिकारिक विधिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि इस विशेष कैंप का सीधा लाभ 100 से अधिक ग्रामीणों और जरूरतमंद लोगों ने उठाया। मौके पर ही तत्काल विधिक लर्निंग लाइसेंस मिलने से लाभार्थियों के बीच काफी उत्साह और खुशी की लहर देखी गई। कैंप में आए स्थानीय ग्रामीणों ने खुलकर कहा कि पहले एक अदद लाइसेंस बनवाने के लिए उन्हें जिला मुख्यालय हजारीबाग के कई चक्कर काटने पड़ते थे, जिससे समय और पैसे दोनों की भारी बर्बादी होती थी और बिचौलियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब प्रखंड स्तर पर ही पारदर्शी तरीके से यह विधिक सुविधा मिलने से जनता के समय और धन दोनों की बड़ी बचत हुई है। ग्रामीणों ने परिवहन विभाग की इस सीधी और भ्रष्टाचार मुक्त पहल के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। पूरे आयोजन के दौरान जिला परिवहन कार्यालय के अधिकारियों एवं मुस्तैद कर्मियों ने पूरी व्यवस्था को सुव्यवस्थित और विधिक ढंग से संचालित किया ताकि किसी भी आवेदक को परेशानी न हो। आवेदकों को आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, लर्निंग टेस्ट और भविष्य में एक महीने बाद स्थायी (Permanent) ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की विधिक प्रक्रिया के संबंध में भी विस्तार से कानूनी जानकारी दी गई।

🛑 अधिकारियों का कड़ा विधिक संदेश; बिना वैध लाइसेंस गाड़ी चलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, इन जांबाज कर्मियों ने संभाली कमान

इस बड़े विधिक अभियान के अवसर पर जिला परिवहन पदाधिकारी संतोष चौधरी, मोटरयान निरीक्षक विजय गौतम, बिरसू कुमार तथा सड़क सुरक्षा मैनेजर संतोष सिंह सहित जिला परिवहन कार्यालय के अन्य आला पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने जनता को कड़ा संदेश देते हुए अपील की कि कोई भी नागरिक बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के सड़कों पर वाहन न चलाए, अन्यथा विधिक धाराओं के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा सड़क पर हमेशा सतर्क एवं जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने की विधिक हिदायत दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परिवहन विभाग भविष्य में भी विभिन्न प्रखंडों में ऐसे विशेष विधिक शिविर आयोजित करता रहेगा। आधिकारिक विधिक स्रोत (IPRD हजारीबाग) के मुताबिक, इस महा-कैंप को सफल बनाने में पर्यवेक्षक के रूप में मोटर वाहन निरीक्षक बिरसु सिंह और रवीना कुमारी, ऑनलाइन आवेदन प्रविष्टि में अनिल कुमार और कैलाश पाण्डेय, स्क्रुटनी एवं बायोग्राफी में अमन कुमार व सूरज कुमार सिंह, ऑनलाइन लर्नर टेस्ट में जीवन प्रकाश, शारिक इकबाल व अरविंद तिवारी तथा लर्नर लाइसेंस प्रिंटिंग में दीपक सोनी व ललन कुमार ने अपनी विधिक जिम्मेदारियों का बखूबी पालन कर कैंप को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया।

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सदर अनुमंडल के 13 परीक्षा केंद्रों पर BNSS की धारा 163 प्रभावी; 100 मीटर की परिधि में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध

हजारीबाग में आज होने वाली झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू

31 मई 2026 (रविवार) को पूर्वाह्न 10:30 बजे से अपराह्न 12:30 बजे तक निर्धारित केंद्रों के आसपास लागू रहेगा आदेश।

परीक्षा संचालन में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, पुलिस बल और वीक्षकों को छोड़कर अन्य सभी अनाधिकृत व्यक्तियों के लिए नियम कड़े।


नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग, 30 मई 2026: सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, समाहरणालय भवन, हजारीबाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 312/30.05.2026 के अनुसार, जिले में आज आयोजित होने वाली झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा–2026 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा को पूरी तरह सफल, शांतिपूर्ण, पारदर्शी और कदाचारमुक्त (चीटिंग-मुक्त) माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) सदर, हजारीबाग द्वारा सभी निर्धारित परीक्षा केंद्रों के आसपास कड़े सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

Hazaribagh me 13 Kendron Par Dhara 163 Laagu.

13 केंद्रों पर धारा 163 लागू, समय सीमा तय:

अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, दिनांक 31 मई 2026 (रविवार) को पूर्वाह्न 10:30 बजे से अपराह्न 12:30 बजे तक परीक्षा का आयोजन होना सुनिश्चित हुआ है। इसके मद्देनज़र सदर अनुमंडल के अंतर्गत आने वाले सभी 13 निर्धारित परीक्षा केंद्रों की 100 मीटर की परिधि (दायरे) में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्ववर्ती धारा 144) के तहत निषेधाज्ञा प्रभावी रहेगी।

इन चीजों और गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध:

प्रशासन द्वारा जारी आदेश के तहत, परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में केवल वैध परीक्षार्थियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी, उनके अलावा किसी भी अन्य बाहरी व्यक्ति या अभिभावक के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त केंद्रों के आसपास किसी भी प्रकार की भीड़-भाड़ लगाने, लाठी-डंडा, हथियार, या किसी भी प्रकार की विस्फोटक सामग्री ले जाने पर रोक रहेगी। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए मोबाइल फोन, कोई भी कागजात, पुस्तक, नोटबुक अथवा अन्य किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (जैसे ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच आदि) के साथ परिधि में प्रवेश पूर्णतः वर्जित रहेगा।

ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को छूट:

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निषेधाज्ञा आदेश परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा और सुचारू संचालन के लिए प्रतिनियुक्त किए गए दंडाधिकारियों (Magistrates), पुलिस पदाधिकारियों, सशस्त्र सुरक्षा बलों और परीक्षा संचालन में लगे शिक्षकों व अन्य कर्मियों पर लागू नहीं होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण / संपादकीय टिप्पणी (Sampadakiye)

​प्रतियोगिता परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनाए रखना किसी भी संवेदनशील प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों से पेपर लीक और कदाचार की आने वाली खबरों के बीच हजारीबाग सदर अनुमंडल प्रशासन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करना एक बेहद स्वागत योग्य और सतर्कतापूर्ण कदम है। 13 परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे को पूरी तरह सुरक्षित करना परीक्षार्थियों को एक भयमुक्त और एकाग्र माहौल प्रदान करेगा।

​हालांकि, केवल कागजों पर आदेश जारी करना काफी नहीं होता, बल्कि धरातल पर इसकी सख्त मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण सबसे महत्वपूर्ण है। अक्सर देखा जाता है कि केंद्रों के बाहर अभिभावकों की भारी भीड़ जमा हो जाती है, जिसे नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की आवश्यकता होती है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि चेकिंग के नाम पर वास्तविक परीक्षार्थियों को किसी मानसिक तनाव या असुविधा का सामना न करना पड़े और परीक्षा पूरी तरह गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हो।

जन सुझाव / पब्लिक सजेशंस (Public Suggestions)

  1. अभिभावकों के लिए 'वेटिंग जोन' की व्यवस्था: परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे से बाहर जिला प्रशासन या स्थानीय नगर निकाय को दूर-दराज से आने वाले अभिभावकों के बैठने और धूप/पानी से बचने के लिए शेडयुक्त अस्थाई वेटिंग जोन बनाना चाहिए ताकि वे केंद्रों के मुख्य गेट पर भीड़ न लगाएं।
  2. बायोमेट्रिक और जैमर की जांच: सभी 13 केंद्रों के भीतर जैमर (इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल रोकने वाले उपकरण) सुचारू रूप से काम कर रहे हैं या नहीं, इसकी जांच परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले तकनीकी टीम द्वारा की जाए।
  3. हेल्प डेस्क और साइनबोर्ड: पहली बार हजारीबाग शहर आ रहे ग्रामीण परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए मुख्य चौक-चौराहों और केंद्रों के बाहर स्पष्ट दिशा-सूचक (साइनबोर्ड) और पुलिस हेल्प डेस्क बनाई जानी चाहिए ताकि परीक्षार्थी समय पर अपने केंद्र पहुंच सकें।
  4. अतिरिक्त पुलिस गश्ती दल: परीक्षा की अवधि (10:30 AM से 12:30 PM) के दौरान सभी 13 केंद्रों के बीच लगातार मूवमेंट करने वाले उड़नदस्ते (फ्लाइंग स्क्वाड) और पुलिस गश्ती दल को सक्रिय रखा जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत ऐक्शन लिया जा सके।

शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में रक्त भंडार की ताजा स्थिति जारी, कुल 83 यूनिट स्टॉक उपलब्ध

शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में रक्त भंडार की ताजा स्थिति जारी, कुल 83 यूनिट स्टॉक उपलब्ध

हजारीबाग: जिला जनसंपर्क कार्यालय (IPRD) हजारीबाग द्वारा शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SBMCCH) में आज, 15 मई 2026 की सुबह तक उपलब्ध रक्त (Blood Stock) का आधिकारिक विवरण साझा किया गया है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, अस्पताल के ब्लड बैंक में विभिन्न समूहों का कुल 83 यूनिट रक्त सुरक्षित रखा गया है।

रक्त की उपलब्धता का विस्तृत विवरण (15 मई 2026):

अस्पताल के ब्लड बैंक में वर्तमान स्टॉक की स्थिति नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती है: 

Jari List

कुल उपलब्धता: 83 यूनिट

अपील: आगे आएं और रक्तदान करें

प्रशासन ने बताया कि B- (बी नेगेटिव) ग्रुप का स्टॉक पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जबकि अन्य 'नेगेटिव' ग्रुप्स का स्टॉक भी चिंताजनक रूप से कम है।

"आपका एक छोटा सा प्रयास किसी परिवार की खुशियां लौटा सकता है। रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। कृपया स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आएं ताकि आपातकाल में किसी की जान न जाए।"

ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की दस्तक, VHSND के जरिए गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किशोरियों की हुई जांच

ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की दस्तक, VHSND के जरिए गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किशोरियों की हुई जांच

हजारीबाग: जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाने के उद्देश्य से गुरुवार को विभिन्न प्रखंडों में ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर एएनएम, सहिया एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने एक ही छत के नीचे मातृ-शिशु स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी कई सेवाएं प्रदान कीं।

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गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष जांच शिविर

शिविर के दौरान गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया। कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार रहीं:

मातृ स्वास्थ्य: महिलाओं की रक्त जांच, गर्भ परीक्षण और टीटी टीकाकरण किया गया। साथ ही आयरन, फोलिक एसिड एवं कैल्शियम की जरूरी दवाएं वितरित की गईं। उन्हें सुरक्षित मातृत्व के लिए संतुलित आहार के महत्व को भी समझाया गया।

शिशु देखभाल: 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए नियमित टीकाकरण, विकास की निगरानी और पूरक पोषण आहार की व्यवस्था की गई। स्वास्थ्यकर्मियों ने जन्म के तुरंत बाद स्तनपान और शिशु की उचित देखभाल पर जोर दिया।

किशोरियों को दिया गया पोषण और स्वच्छता का संदेश

VHSND कार्यक्रम में किशोरियों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही। उन्हें भविष्य के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए निम्नलिखित सेवाएं दी गईं:

हीमोग्लोबिन जांच: एनीमिया की रोकथाम के लिए खून की जांच और आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां दी गईं।

परामर्श: मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene) और पोषण संबंधी परामर्श के साथ-साथ जीवन कौशल (Life Skills) का प्रशिक्षण भी दिया गया।

कुपोषण मुक्त हजारीबाग हमारा लक्ष्य: उपायुक्त

इस अभियान की सफलता पर हजारीबाग उपायुक्त श्री हेमन्त सती ने कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य गांव स्तर पर ही महिलाओं और बच्चों को समय पर इलाज और सलाह उपलब्ध कराना है। उन्होंने जोर दिया कि वीएचएसएनडी के माध्यम से कुपोषण और बीमारियों की रोकथाम के लिए इन सेवाओं की प्रभावी पहुंच हर नागरिक तक सुनिश्चित की जा रही है।

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