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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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Ichak: ईचाक में बड़ा धमाका - अलौंजाखुर्द में 25 अनुसूचित जाति की महिलाओं को मिला बांस कला का हुनर, IPRD ने जारी की विधिक रिपोर्ट!

 

🏛️ हजारीबाग: ईचाक के अलौंजाखुर्द में बांस कला महा-प्रशिक्षण का समापन; 25 अनुसूचित जाति की महिलाओं को मिला स्वरोजगार का सीधा विधिक हक, बिचौलियों का तंत्र ध्वस्त

ईचाक (हजारीबाग): ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और कुटीर उद्योगों के जरिए उन्हें सीधे आर्थिक रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड की टूलकिट वितरण योजना के तहत एक बड़ा विधिक अभियान चलाया गया। इसके तहत ईचाक प्रखंड के अलौंजाखुर्द ग्राम में आयोजित 14 दिवसीय बांस कला प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक समापन किया गया। सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय (IPRD), समाहरणालय भवन, हजारीबाग से प्राप्त आधिकारिक विधिक रिपोर्ट के अनुसार, इस विशेष प्रशिक्षण का सफल संचालन नीड्स (NEEDS) संस्था द्वारा पूरी मुस्तैदी के साथ किया गया। इस विधिक कार्यक्रम के तहत एक बैच में अनुसूचित जाति की 25 चयनित महिलाओं को बांस शिल्प और आधुनिक हस्तशिल्प का गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान इन महिलाओं को बांस के जरिए बाजार में ऊंचे दामों पर बिकने वाले आकर्षक एवं उपयोगी उत्पाद तैयार करने का हुनर सिखाया गया, जिसमें मुख्य रूप से ग्लोब लैंप, पाइनएप्पल लैंप, पूजा के लिए विशेष प्रसाद बॉक्स, आधुनिक डिजाइन के लाइट लैंप सहित विभिन्न प्रकार के कलात्मक हस्तशिल्प उत्पाद शामिल हैं। मास्टर ट्रेनर द्वारा इन महिलाओं को बारीक से बारीक विधिक और तकनीकी कौशल सिखाया गया, ताकि वे बाजार की प्रतिस्पर्धा में सीधे टिक सकें।

ईचाक (हजारीबाग): अलौंजाखुर्द ग्राम में आयोजित बांस कला प्रशिक्षण के समापन पर तैयार हस्तशिल्प उत्पादों को प्रदर्शित करतीं लाभार्थी महिलाएं। (स्रोत: IPRD हजारीबाग)

🏬 मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड की 90 फीसदी अनुदान योजना; मशीनों और टूलकिट से सजी आत्मनिर्भरता की नई इबारत

हजारीबाग सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) के आधिकारिक विधिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि यह पूरा क्रांतिकारी कार्यक्रम मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड की 90 प्रतिशत अनुदान आधारित टूलकिट वितरण योजना के अंतर्गत संचालित हो रहा है। इसके तहत नीड्स संस्था को बांस कला से संबंधित अत्याधुनिक मशीनें एवं उन्नत विधिक टूलकिट सरकारी स्तर पर उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि ग्रामीण स्तर पर महिलाओं के कौशल विकास में कोई बाधा न आए। इस विधिक अभियान का मुख्य और अंतिम उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सीधे आत्मनिर्भर बनाना, उनके कौशल को तराशना और बिचौलियों के चंगुल से मुक्त कराकर स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के असीमित अवसर उपलब्ध कराना है। संस्था द्वारा क्षेत्र में चलाया गया यह तीसरा बड़ा बांस कला प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिससे स्पष्ट होता है कि जमीनी स्तर पर बदलाव की बयार बह रही है। इससे पूर्व दारू प्रखंड के मोकतमा एवं ईचाक प्रखंड के ही हदारी गांव में भी इसी प्रकार का विधिक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित कर महिलाओं के बड़े समूह को सीधे रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है।

ईचाक (हजारीबाग): अलौंजाखुर्द ग्राम में आयोजित बांस कला प्रशिक्षण के समापन पर तैयार हस्तशिल्प उत्पादों को प्रदर्शित करतीं लाभार्थी महिलाएं। (स्रोत: IPRD हजारीबाग)

🛑 वर्क ऑर्डर के साथ बनेगा डीसी हैंडीक्राफ्ट आर्टिजन कार्ड; वैश्विक बाजार में मिलेगी पहचान, कुटीर उद्योग को बड़ी विधिक रफ्तार

इस विधिक पहल को सिर्फ कागजी और प्रशिक्षण तक सीमित रखने के बजाय, इसे पूरी तरह धरातल पर उतारने के लिए नीड्स संस्था द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त सभी महिलाओं को उत्पाद निर्माण के लिए सीधे विधिक 'वर्क ऑर्डर' (काम का जिम्मा) भी मौके पर उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि प्रशिक्षण खत्म होते ही उनकी कमाई का जरिया तुरंत शुरू हो सके। इसके साथ ही, हस्तशिल्प के क्षेत्र में इन ग्रामीण महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी पहचान दिलाने तथा उनके उत्पादों के उचित विपणन (मार्केटिंग) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभाग द्वारा उनका डीसी हैंडीक्राफ्ट आर्टिजन कार्ड भी अनिवार्य रूप से बनवाया जा रहा है। आधिकारिक विधिक स्रोत (IPRD हजारीबाग) के मुताबिक, परिवहन और स्थानीय कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार का यह विधिक प्रयास मील का पत्थर साबित हो रहा है। इससे न सिर्फ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है, बल्कि सदियों से उपेक्षित और समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी अनुसूचित जाति की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी और सशक्त बनाने की दिशा में एक नया विधिक कीर्तिमान स्थापित हो रहा है। 

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Hazaribagh News: इचाक के जीएम कॉलेज में गूंजा 'जल है तो कल है' का नारा! प्रभारी पंकज कुमार की अपील, साक्षी और आंचल समेत कई छात्र पुरस्कृत!

​🏛️ इचाक: जीएम महाविद्यालय में 'जल ही जीवन है' पर जागरूकता कार्यक्रम; विद्यार्थियों ने ली जल संरक्षण की शपथ, बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र पुरस्कृत

इचाक (हजारीबाग): स्थानीय जीएम महाविद्यालय परिसर में जल और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से एक वृहद जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों सहित आम लोगों को जल के वास्तविक महत्व से अवगत कराना तथा वर्षा जल संचयन (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग), पानी के विवेकपूर्ण उपयोग एवं पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से आवाज बुलंद करते हुए कहा कि "जल है तो कल है" केवल एक साधारण नारा नहीं है, बल्कि यह हमारे अस्तित्व और जीवन का असली आधार है। वर्तमान समय में बढ़ती जनसंख्या, तेजी से हो रहे जलवायु परिवर्तन एवं भूजल के लगातार अंधाधुंध दोहन के कारण जल संकट लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है, ऐसे में प्रत्येक नागरिक का यह परम कर्तव्य है कि वह पानी की एक-एक बूंद का संरक्षण सुनिश्चित करे।

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​🏬 जल बचाने का लिया गया सामूहिक संकल्प; महाविद्यालय प्रभारी पंकज कुमार ने वर्षा जल संचयन अपनाने की अपील की

​जागरूकता अभियान के दौरान कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने पूरी गंभीरता के साथ जल संरक्षण की शपथ ली। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने अपने घरों, विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अपने आसपास के पूरे ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जल बचाने और दूसरों को भी इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करने का कड़ा संकल्प लिया। कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित करते हुए महाविद्यालय प्रभारी पंकज कुमार ने सभी छात्र-छात्राओं से विशेष अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में वर्षा जल संचयन की तकनीक को अनिवार्य रूप से अपनाएं। उन्होंने पानी के अनावश्यक दुरुपयोग और बर्बादी को तुरंत रोकने पर बल दिया, ताकि आने वाली भावी पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके और इस मुहिम में हर युवा अपनी सक्रिय और सकारात्मक भागीदारी निभा सके।

इचाक: जीएम महाविद्यालय में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम के दौरान शपथ लेते छात्र-छात्राएं और पुरस्कृत विद्यार्थियों के साथ शिक्षक टीम। (फोटो: न्यूज़ प्रहरी)

​🛑 साक्षी, आंचल और मासूम सहित कई विद्यार्थी हुए पुरस्कृत; कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षकों का रहा सराहनीय योगदान

​इस जागरूकता कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक और रोचक बनाने के उद्देश्य से आयोजित विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया गया। मंच से महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा बेहतर प्रस्तुति के लिए साक्षी, आंचल, मासूम, विशाल, समीक्षा सिंह, अंकित, रानी और दिव्या को विशेष पुरस्कार देकर उनका हौसला बढ़ाया गया। इस पूरे आयोजन को सुचारू रूप से संचालित करने और कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाने में महाविद्यालय के शिक्षक रत्नेश कुमार राणा, संजीत कुमार यादव, अजीत हांसदा, रवि कुमार महतो, संगम कुमारी और पार्वती कुमारी का योगदान बेहद सराहनीय रहा, जिन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

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