हजारीबाग में 'मॉडल सोलर ग्राम' बनाने की प्रशासनिक कवायद शुरू: बिजली संकट दूर करने के लिए उपायुक्त हेमंत सती ने तय किए कड़े मानक
"समाहरणालय में उप विकास आयुक्त रिया सिंह और जिप अध्यक्ष उमेश मेहता की मौजूदगी में हुई बैठक; 5000 से अधिक आबादी वाले 10 संभावित गांवों के बीच 6 महीने तक चलेगी सौर ऊर्जा प्रतियोगिता"— विशेष प्रशासनिक रिपोर्ट
प्रशासनिक एवं ऊर्जा ब्यूरो, हजारीबाग:
हजारीबाग जिले के गांवों को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और पर्यावरण अनुकूल बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक बड़ी योजना पर काम शुरू कर दिया है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के अंतर्गत जिले में "मॉडल सोलर ग्राम" (आदर्श सौर ग्राम) के चयन की प्रक्रिया को लेकर जिला स्तरीय समिति (DLC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस राष्ट्रीय योजना का मुख्य उद्देश्य देश के प्रत्येक जिले में एक ऐसे आदर्श गांव का विकास करना है, जहां घरेलू उपयोग से लेकर सार्वजनिक सुविधाओं तक में सौर ऊर्जा का व्यापक और शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
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| Hazaribagh Model Solar Gram Selection Process |
5,000 की आबादी वाले गांवों की खुली किस्मत, कम आबादी वाले प्रखंडों के लिए भी विशेष नियम
सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या 375 के अनुसार, बैठक के दौरान जिला स्तरीय समिति ने जिले से 10 सबसे उपयुक्त संभावित गांवों के चयन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। योजना के तहत मॉडल सोलर ग्राम के चयन के लिए प्रारंभिक मानक तय किए गए हैं, जिसके अनुसार ऐसे गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनकी कुल आबादी 5,000 या उससे अधिक हो। जिला प्रशासन ने इसमें एक व्यावहारिक नियम भी जोड़ा है कि यदि जिले के किसी सुदूरवर्ती प्रखंड में 5,000 से अधिक आबादी वाला कोई एकल गांव उपलब्ध नहीं है, तो वैसी स्थिति में उस संबंधित प्रखंड के सर्वाधिक आबादी वाले गांव को चयन के लिए आगे प्रस्तावित किया जाएगा।
6 महीने की कठिन स्पर्धा में परखा जाएगा दम, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर मिलेगा विजेता का खिताब
उपायुक्त हेमंत सती ने बताया कि जिला स्तरीय समिति द्वारा प्रारंभिक रूप से चयनित किए जाने वाले इन सभी संभावित ग्रामों के बीच आगामी छह महीने की एक कड़ी प्रतिस्पर्धात्मक (कॉम्पिटिटिव) अवधि निर्धारित की जाएगी। इस 6 माह की अवधि के दौरान संबंधित गांवों में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम-कुसुम योजना (सौर पंप योजना) तथा अन्य सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं के अधिकतम धरातलीय क्रियान्वयन और आम ग्रामीणों की प्रत्यक्ष जनभागीदारी के आधार पर कड़ा मूल्यांकन किया जाएगा। इस छह महीने के व्यापक मूल्यांकन में जो गांव विकास और सौर ऊर्जा अपनाने के मानकों पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगा, उसे आधिकारिक तौर पर जिले का पहला "मॉडल सोलर ग्राम" घोषित किया जाएगा।
हजारीबाग के इन 15 प्रखंडों से प्राप्त हुए प्रस्ताव, बैठक में कई आला अधिकारी रहे मौजूद
जिला प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों के माध्यम से संभावित गांवों की सूची और प्रारंभिक प्रतिवेदन प्राप्त कर लिया गया है। अब तक प्राप्त हुए आधिकारिक प्रस्तावों में हजारीबाग जिले के कटकमदाग, टाटीझरिया, सदर, पदमा, डाड़ी, इचाक, चलकुशा, बरही, चौपारण, बरकट्ठा, केरेडारी, चुरचू, बड़कागांव, विष्णुगढ़ तथा दारू प्रखंडों के प्रमुख गांव शामिल हैं। इन सभी गांवों का अंतिम चयन तकनीकी मानकों, भौगोलिक स्थिति और सौर ऊर्जा योजनाओं के क्रियान्वयन की व्यावहारिक संभावनाओं के आधार पर किया जाएगा।
इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त (DDC) रिया सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष उमेश मेहता, प्रशिक्षु आईएएस भावना अग्रवाल, बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) सहित जिला स्तरीय समिति के अन्य सदस्य और अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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