हजारीबाग में बिना उपायुक्त की अनुशंसा के खर्च नहीं होगा सीएसआर फंड: हेमंत सती ने एनटीपीसी को बड़कागांव अस्पताल में 24 घंटे एम्बुलेंस तैनात करने का दिया निर्देश
"समाहरणालय में उप विकास आयुक्त रिया सिंह और एसडीओ आदित्य पांडेय की मौजूदगी में हुई सीएसआर समिति की बैठक; शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के कार्यों की होगी कड़ी मॉनिटरिंग"— विशेष प्रशासनिक रिपोर्ट
प्रशासनिक ब्यूरो, हजारीबाग:
हजारीबाग जिले के विकास कार्यों में औद्योगिक कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के पारदर्शी उपयोग को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सीएसआर समिति की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले में सक्रिय विभिन्न सार्वजनिक व निजी क्षेत्र की कंपनियों द्वारा सीएसआर मद से संचालित और आगामी दिनों के लिए प्रस्तावित विकासात्मक परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सीएसआर निधि का उपयोग जिले की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप केवल शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, कौशल विकास और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण में ही किया जाए।
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| Hazaribagh CSR Meeting Update |
उपायुक्त की अनुशंसा के बिना काम कराने पर रोक, कंपनियों को प्रशासन से समन्वय का आदेश
बैठक के दौरान उपायुक्त हेमंत सती ने एक बड़ा नीतिगत निर्णय सुनाते हुए कहा कि सीएसआर निधि का प्रयोग बिना उपायुक्त की आधिकारिक अनुशंसा के किसी भी परिस्थिति में नहीं किया जाएगा। उन्होंने कंपनियों को सचेत करते हुए कहा कि यदि किसी विशेष या आपातकालीन परिस्थिति में कोई जनहित का कार्य कराया जाना बेहद जरूरी है, तो उसकी लिखित सूचना जिला प्रशासन को अनिवार्य रूप से अग्रिम तौर पर उपलब्ध कराई जाए। उपायुक्त ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभिन्न कंपनियों द्वारा प्रस्तावित सीएसआर मद के कार्यों की धरातल पर नियमित मॉनिटरिंग (निगरानी) की जाए ताकि फंड का दुरुपयोग न हो।
एनटीपीसी बड़कागांव को कड़ा निर्देश, पेयजल बोरवेल और कौशल प्रशिक्षण के लिए नई गाइडलाइन
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उपायुक्त ने बैठक में उपस्थित नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC) के प्रतिनिधियों को बड़कागांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तत्काल चौबीसों घंटे (24×7) एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने का कड़ा निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल सुविधा के विस्तार के लिए किए जाने वाले बोरवेल निर्माण, सामुदायिक उपयोग की आधारभूत सुविधाओं के विकास तथा स्थानीय बेरोजगार युवाओं के लिए चलाए जाने वाले कौशल प्रशिक्षण (Skill Training) कार्यक्रमों को जिला प्रशासन की अंतिम स्वीकृति और अनुशंसा के उपरांत ही धरातल पर शुरू करने की बात कही गई।
बैठक में उप विकास आयुक्त रिया सिंह और प्रशिक्षु आईएएस भावना अग्रवाल रहीं मौजूद
प्रेस विज्ञप्ति संख्या 373 के अनुसार, उपायुक्त ने कहा कि सीएसआर के माध्यम से जिले के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त होता है। सभी संबंधित औद्योगिक संस्थानों को स्थानीय जनता की बुनियादी आवश्यकताओं को प्राथमिकता देनी होगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त (DDC) रिया सिंह, सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) आदित्य पांडेय, प्रशिक्षु आईएएस भावना अग्रवाल, जिला योजना पदाधिकारी पंकज कुमार तिवारी सहित विभिन्न विभागों के आला पदाधिकारी और सार्वजनिक व निजी क्षेत्र की कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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