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Editor: Naresh Prasad Soni
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हजारीबाग में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग की बड़ी तैयारी: प्रयोगशाला प्रावैधिकों का एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण आयोजित

हजारीबाग: सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने फाइलेरिया नाइट ब्लड सर्वे प्रशिक्षण का उद्घाटन किया। फरवरी 2027 में चलेगा बड़ा अभियान।
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हजारीबाग में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग की बड़ी तैयारी: प्रयोगशाला प्रावैधिकों का एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण आयोजित

"सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन; फरवरी 2027 में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन से पहले प्रत्येक चिन्हित साइट से लिए जाएंगे रात्रि के समय 300 रक्त नमूने"— विशेष स्वास्थ्य रिपोर्ट

प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य ब्यूरो, हजारीबाग:

हजारीबाग जिले को फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से पूरी तरह मुक्त करने और राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को धरातल पर सफल बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में सोमवार को सिविल सर्जन सभागार, हजारीबाग में माइक्रोफाइलेरिया नाइट ब्लड सर्वे (रात्रि रक्त जांच सर्वेक्षण) से संबंधित जिले भर के प्रयोगशाला प्रावैधिकों (लैब टेक्नीशियन) के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन हजारीबाग सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार द्वारा किया गया।

Hazaribagh Microfilaria Night Blood Survey

फरवरी 2027 मेंMass Drug Administration कार्यक्रम से पहले हर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में होगा सर्वे

प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार के आधिकारिक निर्देशानुसार हजारीबाग जिले में फरवरी 2027 में व्यापक स्तर पर मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम संचालित किया जाना निर्धारित है। इस बड़े अभियान को शुरू करने से पूर्व जिले के प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) क्षेत्र से एक सेंटिनल तथा दो रैंडम साइटों का चयन किया जाएगा। रणनीति के अनुसार, इन चयनित साइटों से रात्रि के समय (जब फाइलेरिया के कीटाणु रक्त में सर्वाधिक सक्रिय होते हैं) प्रति साइट 300-300 रक्त नमूनों का सघन संग्रह किया जाएगा।

मानकों से अधिक माइक्रोफाइलेरिया दर मिलने पर दी जाएगी फाइलेरिया रोधी दवाओं की एकल खुराक

प्रेस विज्ञप्ति संख्या 373 के अनुसार, प्रयोगशाला प्रावैधिकों द्वारा संग्रहित किए गए इन रक्त नमूनों की गहन माइक्रोस्कोपिक जांच की जाएगी। जांच के दौरान यदि किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में माइक्रोफाइलेरिया (एमएफ) की दर निर्धारित मानकों से अधिक पाई जाती है, तो आगामी फरवरी 2027 में उस पूरे प्रभावित क्षेत्र में अनिवार्य रूप से मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में क्षेत्र की पूरी लक्षित आबादी को फाइलेरिया रोधी दवाओं की एकल खुराक का सेवन कराया जाएगा ताकि बीमारी के चक्र को तोड़ा जा सके।

लैब टेक्नीशियनों को दिया गया स्लाइड तैयार करने और माइक्रोस्कोपिक परीक्षण का व्यावहारिक प्रशिक्षण

एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रयोगशाला प्रावैधिकों को अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से रक्त नमूना संग्रहण करने, सटीक स्लाइड तैयार करने, प्रभावी स्क्रीनिंग एवं जांच की बारीकियों से संबंधित आवश्यक बिंदुओं पर विस्तृत तकनीकी जानकारी दी गई। इसके साथ ही अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा कर्मियों को माइक्रोस्कोपिक परीक्षण का व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया ताकि फील्ड में कोई त्रुटि न हो।

​इस अवसर पर जिला वी.बी.डी. पदाधिकारी डॉ. कपिल मुनि प्रसाद, प्रभारी जीव वैज्ञानिक, जिला वी.बी.डी. सलाहकार, जिला शहरी मलेरिया योजना के प्रतिनिधि सहित जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के एम.पी.डब्ल्यू., एम.टी.एस. एवं स्वास्थ्य कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने फाइलेरिया उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी संबंधित कर्मियों से सक्रिय सहयोग और पूरी ईमानदारी व गुणवत्ता के साथ कार्य निष्पादन करने का कड़ा आह्वान किया है।

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