ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की दस्तक, VHSND के जरिए गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किशोरियों की हुई जांच
हजारीबाग: जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाने के उद्देश्य से गुरुवार को विभिन्न प्रखंडों में ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर एएनएम, सहिया एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने एक ही छत के नीचे मातृ-शिशु स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी कई सेवाएं प्रदान कीं।
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गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष जांच शिविर
शिविर के दौरान गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया। कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार रहीं:
मातृ स्वास्थ्य: महिलाओं की रक्त जांच, गर्भ परीक्षण और टीटी टीकाकरण किया गया। साथ ही आयरन, फोलिक एसिड एवं कैल्शियम की जरूरी दवाएं वितरित की गईं। उन्हें सुरक्षित मातृत्व के लिए संतुलित आहार के महत्व को भी समझाया गया।
शिशु देखभाल: 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए नियमित टीकाकरण, विकास की निगरानी और पूरक पोषण आहार की व्यवस्था की गई। स्वास्थ्यकर्मियों ने जन्म के तुरंत बाद स्तनपान और शिशु की उचित देखभाल पर जोर दिया।
किशोरियों को दिया गया पोषण और स्वच्छता का संदेश
VHSND कार्यक्रम में किशोरियों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही। उन्हें भविष्य के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए निम्नलिखित सेवाएं दी गईं:
हीमोग्लोबिन जांच: एनीमिया की रोकथाम के लिए खून की जांच और आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां दी गईं।
परामर्श: मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene) और पोषण संबंधी परामर्श के साथ-साथ जीवन कौशल (Life Skills) का प्रशिक्षण भी दिया गया।
कुपोषण मुक्त हजारीबाग हमारा लक्ष्य: उपायुक्त
इस अभियान की सफलता पर हजारीबाग उपायुक्त श्री हेमन्त सती ने कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य गांव स्तर पर ही महिलाओं और बच्चों को समय पर इलाज और सलाह उपलब्ध कराना है। उन्होंने जोर दिया कि वीएचएसएनडी के माध्यम से कुपोषण और बीमारियों की रोकथाम के लिए इन सेवाओं की प्रभावी पहुंच हर नागरिक तक सुनिश्चित की जा रही है।

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