हजारीबाग में 'थाना दिवस' का आयोजन: एसपी के निर्देश पर अंचलाधिकारियों की मौजूदगी में सुलझाए गए कई जमीनी और पारिवारिक विवाद
अधिकारियों ने विवादित जमीनों पर शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए कानूनी रूप से अपना पक्ष रखने की लोगों से की अपील।
नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।
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| Jamini Mamlon Ka Sunvai Siveer. |
दारू थाना में पहली बार आयोजन, सुने गए मामले:
इसी कड़ी में जमीनी विवाद से संबंधित मामलों के स्थायी निवारण हेतु दारू थाना परिसर में प्रथम बार 'थाना दिवस' का आयोजन किया गया। दारू अंचल के अंचलाधिकारी रामबालक कुमार की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में मुख्य रूप से भूमि विवाद से जुड़े कुल 02 मामलों पर गहन सुनवाई की गई। मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच पदाधिकारी द्वारा अग्रतर (आगे की) विभागीय जांच के लिए अगली तिथि निर्धारित की गई है।
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| Daru Thana Me Kiya Gaya Jamini Mamlon Ki Sunwai. |
शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील:
थाना दिवस के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने जमीन से जुड़े मामलों के सभी पक्षों को गंभीरता से सुना। अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए उपस्थित आम नागरिकों और फरियादियों से अपील की कि वैसे सभी मामले जिसमें विवाद जमीन से जुड़ा हो, वहां किसी भी परिस्थिति में कानून अपने हाथ में न लें। सभी पक्ष क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए कानूनी दायरे में रहकर ही अपना पक्ष प्रस्तुत करें।
संपादकीय दृष्टिकोण / संपादकीय टिप्पणी (Sampadakiye)
ग्रामीण इलाकों में होने वाले अपराधों और आपसी वैमनस्य की एक बहुत बड़ी जड़ 'भूमि विवाद' और 'पारिवारिक झगड़े' होते हैं। ऐसे में हजारीबाग पुलिस अधीक्षक की यह पहल कि हर हफ्ते थानों में अंचलाधिकारी (सीओ) और पुलिस अधिकारी एक साथ बैठकर मामलों को सुनें, बेहद सराहनीय और दूरगामी परिणाम देने वाली है। दारू थाना क्षेत्र में पहली बार इस तरह का आयोजन होना यह दिखाता है कि प्रशासन अब सुदूर क्षेत्रों में भी न्याय को सुलभ बनाने का प्रयास कर रहा है।
अक्सर जमीन के छोटे-छोटे विवाद समय पर न सुलझने के कारण बड़ी हिंसक घटनाओं का रूप ले लेते हैं। जब पुलिस और राजस्व (अंचल) विभाग के अधिकारी एक ही मंच पर बैठते हैं, तो मामलों के कानूनी और व्यावहारिक दोनों पक्षों का त्वरित आकलन हो पाता है। हालांकि, केवल अगली तारीख तय कर देना ही काफी नहीं होगा, बल्कि तय समय सीमा के भीतर जांच पूरी कर पीड़ितों को न्याय दिलाना इस 'थाना दिवस' की असली सफलता होगी।
जन सुझाव / पब्लिक सजेशंस (Public Suggestions)
- अंचल और पुलिस की संयुक्त फील्ड विजिट: जिन मामलों में अगली तिथि निर्धारित की गई है, उनमें अंचल अमीन और संबंधित हल्का कर्मचारी को पुलिस बल के साथ मौके पर भेजकर विवादित जमीन की पैमाइश तुरंत पूरी कराई जाए।
- थाना दिवस का व्यापक प्रचार-प्रसार: ग्रामीण क्षेत्रों में कोटवार, मुनादी या सोशल मीडिया के माध्यम से 'थाना दिवस' के समय और दिन का पहले से प्रचार किया जाए ताकि अधिक से अधिक पीड़ित इसका लाभ उठा सकें।
- डिजिटल डेटाबेस का निर्माण: हर थाना दिवस में आने वाले मामलों, निष्पादित शिकायतों और लंबित केसों का एक ऑनलाइन रजिस्टर (डेटाबेस) मेंटेन किया जाए, जिसकी सीधी मॉनिटरिंग खुद एसपी और उपायुक्त महोदय करें।
- पारिवारिक विवादों के लिए काउंसलिंग: पारिवारिक और आपसी लड़ाई-झगड़े के मामलों को सीधे कोर्ट भेजने के बजाय थानों में समाज के प्रबुद्ध नागरिकों की मदद से एक 'मध्यस्थता केंद्र' (काउंसलिंग सेल) के जरिए सुलझाने का प्रयास तेज होना चाहिए।


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