हजारीबाग में प्रशासन का हड़कंप! मटन-चिकन दुकानों पर छापेमारी, खुले में मांस बेचने वालों पर गिरेगी गाज
हजारीबाग | 09 फरवरी, 2026 हजारीबाग शहर में मांस प्रेमियों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले दुकानदारों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह और एसीएमओ डॉ. शशि जायसवाल के निर्देश पर सोमवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में मटन और चिकन दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस छापेमारी से अवैध रूप से मांस बेचने वाले कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
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| 'Food Safety Raid Hazaribagh' |
इन दुकानों पर हुई कार्रवाई (Checklist of Inspected Shops)
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी मो. मंजर हुसैन के नेतृत्व में टीम ने लेपो रोड खिरगांव, इमलीकोठी, मिशन हॉस्पिटल, दीपूगढ़ा और हीराबाग चैक क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। प्रमुख रूप से इन दुकानों की जांच की गई:
- खिरगांव: गोल्डेन चिकन सेंटर, भारत मटन शॉप, रॉयल चिकन, प्रिंस मटन, मुस्कान चिकन सेंटर।
- इमलीकोठी एवं अन्य: हिन्दु झटका मीट, जागेश्वर झटका मीट, राजू चिकन, गोविंद झटका मीट, संजय, नारो, अजय और बिरेन्द्र झटका मीट शॉप।
जांच में मिलीं गंभीर कमियां- नियमों की उड़ी धज्जियां
निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि कई दुकानदार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का खुलेआम उल्लंघन कर रहे थे। जांच में निम्नलिखित मुख्य खामियां पाई गईं:
- बिना लाइसेंस कारोबार: कई दुकानों के पास वैध खाद्य अनुज्ञप्ति (License) या पंजीकरण उपलब्ध नहीं था।
- अस्वच्छता: मांस को बेहद गंदगी वाले स्थानों पर काटकर बेचा जा रहा था।
- खुले में बिक्री: नियमों के विरुद्ध सड़कों पर खुले में मांस लटकाकर बेचा जा रहा था, जिससे संक्रमण का खतरा रहता है।
"जनता की सेहत सर्वोपरि है। अस्वच्छ परिस्थितियों में मांस की बिक्री और बिना लाइसेंस के कारोबार करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
— मो. मंजर हुसैन, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, हजारीबाग।

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