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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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Hazaribagh News: खतियानी चौक पर पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने किया ध्वजारोहण, विस्थापन व स्थानीय नीति पर 30 सितंबर से आंदोलन का ऐलान

 

खतियानी चौक पर धूमधाम से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस: पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने किया ध्वजारोहण; 30 सितंबर से आंदोलन का ऐलान

हजारीबाग। कन्हरी रोड स्थित जेपीएम हॉस्पिटल के समीप खतियानी चौक पर स्वतंत्रता दिवस का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खतियानी परिवार के अभिभावक सह पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक, महिला-पुरुष और स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।

Former MP Bhuvneshwar Prasad Mehta hoisting flag at Khatiyani Chowk Hazaribagh

स्थानीय नीति और विस्थापन पर चिंता

​झंडारोहण के पश्चात कार्यक्रम एक जनसभा में परिवर्तित हो गया। सभा को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने राज्य के बुनियादी मुद्दों पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की:

  • दो मुख्य समस्याएं: उन्होंने कहा कि स्थानीय नीति और विस्थापन आज झारखंड प्रदेश की सबसे बड़ी और ज्वलंत समस्याएं हैं।
  • आंदोलन का आधार: खतियानी परिवार के संस्थापक स्वर्गीय ए.डी. नदीम ने "जिसके पास हो खतियान, वही झारखंडी की पहचान" के मूल मंत्र के साथ आंदोलन की शुरुआत की थी, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी यह समस्या जस की तस बनी हुई है।
  • राजनीति का आरोप: सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों केवल स्थानीय नीति पर राजनीति कर रहे हैं। राज्य के औपनिवेशिक ढांचे के कारण स्थानीय अधिकारों को तवज्जो नहीं दी जा रही है।

30 सितंबर से बृहद आंदोलन की घोषणा

​विस्थापन के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि कोयला और अन्य खनिजों के नाम पर बड़ी-बड़ी कंपनियों को लाया गया, जिससे करोड़ों लोग और सैकड़ों गांवों के मूल निवासी विस्थापित होकर दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

  • 30 सितंबर से आंदोलन: न केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार के पास विस्थापितों का कोई मुकम्मल डेटा है। सरकार की इस अनदेखी के खिलाफ 30 सितंबर से चरणबद्ध आंदोलन चलाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

खतियानी चौक का जल्द होगा उद्घाटन

​कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथि डॉ. पी.के. भंडारी ने घोषणा की कि कन्हरी रोड स्थित खतियानी चौक का जल्द ही औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा।

​सभा के अंत में प्रेमचंद राम ने कहा कि विस्थापन के मुद्दे पर पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता के नेतृत्व में आंदोलन को और तेज व मजबूत बनाया जाएगा। इसके बाद उन्होंने उपस्थित सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापन कर सभा के समापन की घोषणा की।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

​कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. एक मेहता, डॉ. पी.के. भंडारी, डॉ. सोहेल कैसर, डॉ. भुवनेश्वर महतो, प्रसनजीत मुखर्जी, प्रेमचंद राम, नागेश्वर प्रसाद मेहता, मोहम्मद हकीम (महासचिव, खतियानी परिवार), तनवीर अख्तर, बिंदेश्वरी पासवान, शंभू कुमार, आनंद कुमार आर्य, इंद्र कुमार सिंह, संजय कुमार मेहता, प्रकाश प्रसाद मेहता, दिनेश्वर मेहता, विजय मिश्रा, राधा देवी, रीता देवी, सुनीता कश्यप, महेश विश्वकर्मा, मोहम्मद आशिक, मोहम्मद फखरुद्दीन, महमूद आलम, मोहम्मद मुजीब, मोहम्मद असलम, प्रदीप प्रसाद मेहता, ओमनाथ साहू, नसीरूद्दीन अंसारी और वीरेंद्र प्रसाद सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

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Hazaribagh News: पेपर लीक पर हजारीबाग में भड़का आक्रोश! खतियानी परिवार ने घेरा, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उठी मांग!

​🏛️ हजारीबाग: खतियानी परिवार की बैठक में शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक पर गहरा चिंतन; केंद्रीय महासचिव मोहम्मद हकीम बोले- 'लाखों छात्रों का भविष्य अधर में, इस्तीफा दें केंद्रीय शिक्षा मंत्री'

हजारीबाग: शहर के पुराने धरना स्थल के नजदीक अशोक राम की अध्यक्षता में खतियानी परिवार की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था और लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों पर गहरा चिंतन और रोष व्यक्त किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए खतियानी परिवार के केंद्रीय महासचिव मोहम्मद हकीम ने कहा कि शिक्षा किसी भी विकसित राष्ट्र की रीढ़ की हड्डी होती है और इसके बिना पूरी दुनिया अंधेरे के समान है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी दुनिया की सबसे बड़ी आंख की तरह होते हैं, जो अक्षर बोध से लेकर ब्रह्म बोध की तरफ बढ़ते हैं। जब व्यक्ति को सही ज्ञान प्राप्त हो जाता है, तो वह पूरी सृष्टि को समझने में सक्षम होता है, लेकिन शिक्षा के अभाव में व्यक्ति अंधकार में भटकने को मजबूर हो जाता है। वर्तमान समय में पेपर लीक जैसी कुव्यवस्था के कारण देश के करोड़ों पढ़े-लिखे और मेधावी छात्र-छात्राओं की जिंदगी पूरी तरह अधर में लटकी हुई है, जिसके खिलाफ युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।

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​🏬 धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग; बिना हिंसा आंदोलन चलाना छात्रों का जन्मसिद्ध अधिकार

​केंद्रीय महासचिव मोहम्मद हकीम ने देशव्यापी छात्र असंतोष का हवाला देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत त्यागपत्र (इस्तीफे) की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में अपनी उचित मांगों के लिए बिना किसी हिंसा के शांतिपूर्ण आंदोलन चलाना प्रत्येक नागरिक और छात्र का जन्मसिद्ध अधिकार है। उन्होंने वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग मनुष्य को मनुष्य के बीच बांटने का काम कर रहे हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के इस देश में ऐसी हठधर्मी सरकार पहले कभी नहीं देखी गई। लोकतंत्र में अपनी बात रखने के लिए बिना लाठी-डंडे के शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन चलाना ही सबसे सही मार्ग है, लेकिन सरकार अपनी हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। उन्होंने प्रबुद्ध और बुद्धिजीवी समाज से अपील की कि वे इस सही मार्ग का समर्थन करें और तानाशाही रवैया अपनाने वाली ताकतों को शिकस्त दें।

​🛑 छात्रों को आपस में बांट रही सरकार; बैठक में किशोरी प्रसाद और सुनीता कश्यप सहित कई सदस्य रहे उपस्थित

​मोहम्मद हकीम ने आगे कहा कि देश का युवा और छात्र अपने जीवन को संवारने के लिए रात-दिन मेहनत कर परीक्षाओं में शामिल होता है, ताकि अपना भविष्य बेहतर बना सके, लेकिन सरकार बेरोजगार युवकों के बीच दरारें खींचने और उन्हें आपस में लड़ाने का काम कर रही है। छात्र आंदोलन करने के लिए पैदा नहीं हुए हैं, वे राष्ट्र के निर्माण में सहयोग करना चाहते हैं ताकि देश गौरवान्वित हो सके। उन्होंने क्षोभ प्रकट करते हुए कहा कि 'वसुधैव कुटुंबकम' की बात करने वाले इस देश में सरकार की मंशा न तो छात्रों की रक्षा करने की है और न ही मानवता की। इस वैचारिक बैठक को सफल बनाने में मुख्य रूप से किशोरी प्रसाद मेहता, नंदलाल साहू, मोहम्मद फखरुद्दीन, बालेश्वर कुमार दास, सुनीता कश्यप, मुन्नी देवी, मेघनाथ मेहता, अमर कुमार गुप्ता, प्रदीप प्रसाद मेहता, उमेश कुमार मेहता, मोहम्मद नसीरुद्दीन, तनवीर अहमद और महेश विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में खतियानी परिवार के सदस्य और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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हजारीबाग: खतियानी परिवार ने उठाई ओवरब्रिज और नए बस स्टैंड की मांग, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से गुहार

हजारीबाग: खतियानी परिवार ने उठाई ओवरब्रिज और नए बस स्टैंड की मांग, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से गुहार

इंद्रपुरी चौक से बस डिपो तक ओवरब्रिज बनने से शहर को मिलेगी जाम से मुक्ति; पुराने बस पड़ाव पर 'स्वार्थी तत्वों' के कब्जे पर जताई चिंता।

हजारीबाग, 25 अप्रैल 2026: हजारीबाग शहर के विस्तार और बढ़ती आबादी के दबाव को देखते हुए 'खतियानी परिवार' ने बुनियादी ढांचे में सुधार की पुरजोर मांग की है। शनिवार को पुराना धरना स्थल के समीप अशोक राम की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में शहर की चरमराती यातायात व्यवस्था और बस स्टैंड की बदहाली पर गहरा विचार-विमर्श किया गया।

Khatiyaani Parivar

पुराने बस पड़ाव पर अतिक्रमण और डिपो का अभाव

बैठक को संबोधित करते हुए खतियानी परिवार के केंद्रीय महासचिव मोहम्मद हकीम ने कहा कि आजादी के बाद बने बस पड़ाव आज स्वार्थी तत्वों की भेंट चढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, "हजारीबाग बस डिपो से सैकड़ों गाड़ियां झारखंड और बिहार के सुदूर जिलों के लिए खुलती हैं, लेकिन डिपो की मुकम्मल व्यवस्था न होने के कारण अधिकांश बसें सड़कों से ही यात्रियों को बैठाती हैं, जिससे आए दिन जाम और दुर्घटना की स्थिति बनी रहती है।"

शहर के विस्तार के लिए 'मैलाटांड़' स्टैंड जरूरी

मोहम्मद हकीम ने जिला परिषद द्वारा खिरगांव के मैलाटांड़ (रेलवे स्टेशन के बगल में) प्रस्तावित राजकीय बस स्टैंड का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे समय से इसकी कवायद चल रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस सुगबुगाहट नहीं दिख रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि वहां राजकीय स्टैंड बन जाता है, तो शहर का स्वाभाविक विस्तार होगा और मुख्य बाजार पर दबाव कम होगा।

नितिन गडकरी से ओवरब्रिज की मांग

खतियानी परिवार ने भारत सरकार के पथ निर्माण मंत्री नितिन गडकरी की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए उनसे एक विशेष आग्रह किया है। संगठन की मांग है कि:

इंद्रपुरी चौक से बस डिपो तक ओवरब्रिज का निर्माण किया जाए।

यह परियोजना हजारीबाग के लिए मील का पत्थर साबित होगी, जिससे शहर का ट्रैफिक लोड कम होगा।

नए बुनियादी ढांचे से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

बैठक में ये रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में महेश विश्वकर्मा, तनवीर अख्तर, छवि गोप, प्रदीप प्रसाद मेहता, मो. फकरुद्दीन, मो. मुस्तकीम, अलिजान मियां, मेघनाथ मेहता, बोधी साव, विजय मिश्रा, अमर कुमार गुप्ता, बालेश्वर कुमार दास, शोएब अंसारी सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित थे।


"क्या आपको लगता है कि ओवरब्रिज बनने से हजारीबाग की जाम की समस्या हल होगी? अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें।"

रांची विधानसभा कूच: खतियानी परिवार और कई दिग्गज संगठन 10-11 मार्च को करेंगे महा-धरना

रांची विधानसभा कूच: खतियानी परिवार और कई दिग्गज संगठन 10-11 मार्च को करेंगे महा-धरना
रांची विधानसभा मार्च की तैयारी को लेकर खतियानी परिवार के महासचिव मोहम्मद हकीम.

रांची/हजारीबाग: झारखंड के ज्वलंत मुद्दों और स्थानीय नीति की मांग को लेकर 'खतियानी परिवार' ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। संगठन के महासचिव मोहम्मद हकीम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि आगामी 10 मार्च को रांची विधानसभा के समक्ष विशाल धरना दिया जाएगा और 11 मार्च को हजारों की संख्या में लोग पैदल विधानसभा मार्च करेंगे।

प्रमुख हस्तियां होंगी शामिल

इस आंदोलन को धार देने के लिए झारखंड के कई बड़े संगठन और नेता एक मंच पर आ रहे हैं। 11 मार्च को होने वाले मार्च में मुख्य रूप से:

अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजन झीर सागर।

पूर्व सांसद व प्रदेश अध्यक्ष भुवनेश्वर प्रसाद मेहता।

झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक पुष्कर महतो।

विस्थापित संघर्ष मोर्चा की महासचिव डॉ. वस्वी कीड़ों।

सक्रिय RTI कार्यकर्ता उपेंद्र मेहता और चितरंजन प्रसाद गुप्ता समेत कई अन्य दिग्गज शामिल होंगे।

इन 5 प्रमुख मांगों पर केंद्रित होगा आंदोलन

खतियानी परिवार ने इस महा-धरना के माध्यम से सरकार के सामने निम्नलिखित गंभीर मुद्दे उठाने का निर्णय लिया है:

स्थानीय नीति: राज्य में स्थानीय नीति को जल्द पास कर सख्ती से लागू करना।

भ्रष्टाचार पर लगाम: अंचलों में व्याप्त घूसखोरी और जल-जंगल-जमीन की लूट को रोकना।

भूमि अधिग्रहण: भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करना।

विस्थापन समस्या: विस्थापन के मुद्दों का स्थायी समाधान करना।

आंदोलनकारियों का सम्मान: उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड के आंदोलनकारियों को पेंशन देना और जेल जाने की बाध्यता खत्म करना।

महासचिव मोहम्मद हकीम और अशोक राम ने झारखंड के समस्त युवाओं और नागरिकों से अपील की है कि 10 और 11 मार्च को अधिक से अधिक संख्या में रांची पहुंचकर इस लोकतांत्रिक लड़ाई को सफल बनाएं।

HAZARIBAGH:'पंकज मेटल प्लांट' के जहरीले धुएं से भेलवारा और चपवा के लोग परेशान, खतियानी परिवार ने की जांच की मांग

HAZARIBAGH:'पंकज मेटल प्लांट' के जहरीले धुएं से भेलवारा और चपवा के लोग परेशान, खतियानी परिवार ने की जांच की मांग

HAZARIBAGH (7 मार्च 2026): सदर प्रखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम भेलवारा और इसके समीप स्थित आदर्श ग्राम चपवा के ग्रामीण इन दिनों गंभीर प्रदूषण की मार झेल रहे हैं।

खतियानी परिवार की बैठक में पंकज मेटल प्लांट के कारण फैल रहे प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते ग्रामीण और संगठन के सदस्य।

'पंकज मेटल प्लांट' से निकलने वाले जहरीले धुएं और दूषित पानी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इसी मुद्दे को लेकर शनिवार को खतियानी परिवार की साप्ताहिक बैठक पुराने धरना स्थल के समीप अशोक राम की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें प्रदूषण के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का शंखनाद किया गया।

सफेद धुएं का दावा '21वीं सदी का अजूबा'

बैठक को संबोधित करते हुए मो. हकीम ने कहा कि भेलवारा के ग्रामीणों ने पंकज मेटल प्लांट के खिलाफ हजारीबाग उपायुक्त और प्रदूषण नियंत्रण विभाग को शिकायत दी थी। इसके बाद प्रदूषण विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची। जांच के दौरान किसी के माध्यम से यह कहलवाया गया कि फैक्ट्री से काला नहीं बल्कि 'सफेद धुआं' निकल रहा है। मो. हकीम ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि मेटल फैक्ट्री से सफेद धुआं निकलना 21वीं सदी का एक 'अजूबा' है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है।

रात में चलती है फैक्ट्री, स्वास्थ्य पर पड़ रहा गंभीर असर

ग्रामीणों ने पर्यावरण पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि फैक्ट्री मुख्य रूप से रात के समय संचालित होती है। मशीन के भारी शोर से पढ़ने-लिखने वाले बच्चों और आम जनता की नींद हराम हो गई है। वहीं, चिमनियों से निकलने वाले जहरीले धुएं के कारण लोगों की आंखों में जलन, सूजन और सिरदर्द जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं आम हो गई हैं। इतना ही नहीं, फैक्ट्री से निकलने वाले रासायनिक पानी से मवेशियों और पक्षियों के जीवन पर भी संकट मंडराने लगा है।

आदर्श ग्राम चपवा की स्थिति बदहाल, कुएं का पानी हुआ जहरीला

भारत सरकार द्वारा भेलवारा से सटे चपवा गांव को 'आदर्श ग्राम' का दर्जा दिया गया है, लेकिन धरातल पर सुविधाएं नदारद हैं। यह इलाका अब कल-कारखानों का हब बन चुका है। उद्योगपति ग्रामीणों की शिकायतों को लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं।

ग्रामीणों के पेयजल का एकमात्र स्रोत कुआं है, लेकिन कारखानों का धुआं अब कुएं के पानी पर एक परत के रूप में जमने लगा है। इस प्रदूषित पानी को पीने से लोग लगातार बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।

दिखावे का हाथी दांत साबित हो रहा है 'जल मीनार'

सरकार द्वारा ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल मीनार का निर्माण तो कराया गया है, लेकिन यह केवल 'दिखावे का हाथी दांत' बनकर रह गया है। ठेकेदारों और उद्योगपतियों की मिलीभगत से जल मीनार को जैसे-तैसे खड़ा कर छोड़ दिया गया है। ग्रामीणों ने इस पर कई बार आपत्ति जताई है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है।

बैठक में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति:

खतियानी परिवार की इस अहम बैठक में महेश, मो. आशिक, सुरेश महतो, शोएब अंसारी, प्रदीप प्रसाद मेहता, मो. फखरुद्दीन, अमर कुमार, हंजला हाशमी, सुनीता कश्यप, सीता देवी, आशा देवी और बबीता देवी सहित कई अन्य ग्रामीण और सदस्य उपस्थित रहे।

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