🏛️ हजारीबाग: खतियानी परिवार की बैठक में शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक पर गहरा चिंतन; केंद्रीय महासचिव मोहम्मद हकीम बोले- 'लाखों छात्रों का भविष्य अधर में, इस्तीफा दें केंद्रीय शिक्षा मंत्री'
हजारीबाग: शहर के पुराने धरना स्थल के नजदीक अशोक राम की अध्यक्षता में खतियानी परिवार की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था और लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों पर गहरा चिंतन और रोष व्यक्त किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए खतियानी परिवार के केंद्रीय महासचिव मोहम्मद हकीम ने कहा कि शिक्षा किसी भी विकसित राष्ट्र की रीढ़ की हड्डी होती है और इसके बिना पूरी दुनिया अंधेरे के समान है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी दुनिया की सबसे बड़ी आंख की तरह होते हैं, जो अक्षर बोध से लेकर ब्रह्म बोध की तरफ बढ़ते हैं। जब व्यक्ति को सही ज्ञान प्राप्त हो जाता है, तो वह पूरी सृष्टि को समझने में सक्षम होता है, लेकिन शिक्षा के अभाव में व्यक्ति अंधकार में भटकने को मजबूर हो जाता है। वर्तमान समय में पेपर लीक जैसी कुव्यवस्था के कारण देश के करोड़ों पढ़े-लिखे और मेधावी छात्र-छात्राओं की जिंदगी पूरी तरह अधर में लटकी हुई है, जिसके खिलाफ युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
![]() |
| khatiyani parivar meeting mohammad hakim hazaribagh paper leak protest news prahari, |
🏬 धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग; बिना हिंसा आंदोलन चलाना छात्रों का जन्मसिद्ध अधिकार
केंद्रीय महासचिव मोहम्मद हकीम ने देशव्यापी छात्र असंतोष का हवाला देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत त्यागपत्र (इस्तीफे) की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में अपनी उचित मांगों के लिए बिना किसी हिंसा के शांतिपूर्ण आंदोलन चलाना प्रत्येक नागरिक और छात्र का जन्मसिद्ध अधिकार है। उन्होंने वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग मनुष्य को मनुष्य के बीच बांटने का काम कर रहे हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के इस देश में ऐसी हठधर्मी सरकार पहले कभी नहीं देखी गई। लोकतंत्र में अपनी बात रखने के लिए बिना लाठी-डंडे के शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन चलाना ही सबसे सही मार्ग है, लेकिन सरकार अपनी हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। उन्होंने प्रबुद्ध और बुद्धिजीवी समाज से अपील की कि वे इस सही मार्ग का समर्थन करें और तानाशाही रवैया अपनाने वाली ताकतों को शिकस्त दें।
🛑 छात्रों को आपस में बांट रही सरकार; बैठक में किशोरी प्रसाद और सुनीता कश्यप सहित कई सदस्य रहे उपस्थित
मोहम्मद हकीम ने आगे कहा कि देश का युवा और छात्र अपने जीवन को संवारने के लिए रात-दिन मेहनत कर परीक्षाओं में शामिल होता है, ताकि अपना भविष्य बेहतर बना सके, लेकिन सरकार बेरोजगार युवकों के बीच दरारें खींचने और उन्हें आपस में लड़ाने का काम कर रही है। छात्र आंदोलन करने के लिए पैदा नहीं हुए हैं, वे राष्ट्र के निर्माण में सहयोग करना चाहते हैं ताकि देश गौरवान्वित हो सके। उन्होंने क्षोभ प्रकट करते हुए कहा कि 'वसुधैव कुटुंबकम' की बात करने वाले इस देश में सरकार की मंशा न तो छात्रों की रक्षा करने की है और न ही मानवता की। इस वैचारिक बैठक को सफल बनाने में मुख्य रूप से किशोरी प्रसाद मेहता, नंदलाल साहू, मोहम्मद फखरुद्दीन, बालेश्वर कुमार दास, सुनीता कश्यप, मुन्नी देवी, मेघनाथ मेहता, अमर कुमार गुप्ता, प्रदीप प्रसाद मेहता, उमेश कुमार मेहता, मोहम्मद नसीरुद्दीन, तनवीर अहमद और महेश विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में खतियानी परिवार के सदस्य और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
