पोस्टमार्टम के लिए अब नहीं भटकेंगे परिजन, सांसद की पहल पर मेडिकल कॉलेज में चस्पा होगा डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर
हजारीबाग। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में होने वाली लेटलतीफी और परिजनों को होने वाली मानसिक परेशानी अब बीते वक्त की बात होगी। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के कड़े निर्देशों के बाद अस्पताल की व्यवस्था में व्यापक सुधार की कवायद शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनुकरण पूर्ति से मुलाकात कर पोस्टमार्टम हाउस की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मांग रखी, जिसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है। अक्सर देखा गया है कि अपने प्रियजन को खोने के बाद दुख में डूबे परिवारों को पोस्टमार्टम के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था, जो मानवीय दृष्टिकोण से अत्यंत पीड़ादायक है।
इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए सांसद के निर्देश पर यह मांग की गई कि पोस्टमार्टम सेवाओं को समयबद्ध बनाया जाए और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब पोस्टमार्टम हाउस के बाहर चिकित्सकों का ड्यूटी रोस्टर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश न रहे। इस मुलाकात के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि दुख की घड़ी में परिजनों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में उलझने के बजाय त्वरित सेवा मिलनी चाहिए।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनुकरण पूर्ति ने जनहित से जुड़े इस मुद्दे की गंभीरता को समझते हुए सकारात्मक रुख अपनाया है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पोस्टमार्टम में देरी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधीक्षक ने मौके पर ही आश्वासन दिया कि आज से ही पोस्टमार्टम रूम के बाहर चिकित्सकों का ड्यूटी चार्ट लगा दिया जाएगा और रोस्टर के अनुसार संबंधित डॉक्टर की ससमय उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाएगी। इस पहल से हजारीबाग के दूर-दराज इलाकों से आने वाले ग्रामीणों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अब पोस्टमार्टम के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

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