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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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कोडरमा में ACB का बड़ा एक्शन: सरकारी क्वार्टर में 15 हजार घूस लेते दारोगा रंगेहाथ गिरफ्तार, हजारीबाग ले गई टीम

कोडरमा के चंदवारा थाने का दारोगा 15 हजार घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार। हजारीबाग ACB की बड़ी कार्रवाई। अवैध शराब मामले को रफा-दफा करने की थी डील।
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कोडरमा में ACB का बड़ा एक्शन: सरकारी क्वार्टर में 15 हजार घूस लेते दारोगा रंगेहाथ गिरफ्तार, हजारीबाग ले गई टीम

कोडरमा : झारखंड के कोडरमा जिले से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की हजारीबाग टीम ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चंदवारा थाने में पदस्थापित दारोगा पवन कुमार राम को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है। खाकी वर्दी को दागदार करने वाला यह दारोगा अपने सरकारी क्वार्टर में ही घूस की रकम वसूल रहा था।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की हजारीबाग टीम ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चंदवारा थाने में पदस्थापित दारोगा पवन कुमार राम को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है। 

अवैध शराब मामले को रफा-दफा करने की थी डील 

जानकारी के अनुसार, चंदवारा थाना क्षेत्र में कुछ दिनों पूर्व अवैध शराब के खिलाफ पुलिस ने छापेमारी की थी। इस मामले को 'मैनेज' करने और आरोपी पक्ष को कानूनी कार्रवाई से बचाने के एवज में पुलिस की ओर से एक लाख रुपये की भारी-भरकम मांग की गई थी। पीड़ित पक्ष इस अनुचित मांग से बेहद परेशान था और मामले का समाधान चाहता था।

जेएलकेएम (JLKM) नेता के जरिए ACB तक पहुंची बात

लगातार बन रहे दबाव के बीच पीड़ित ने जेएलकेएम (JLKM) नेता प्रेम नायक से संपर्क किया और अपनी परेशानी साझा की। इसके बाद प्रेम नायक ने मामले की गंभीरता को समझते हुए हजारीबाग स्थित एसीबी (ACB) कार्यालय में इसकी विधिवत शिकायत दर्ज कराई।

बिछाया गया जाल और धर दबोचा गया घूसखोर दारोगा

शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने मामले की प्रारंभिक जांच की और रिश्वतखोरी की पुष्टि होने के बाद गिरफ्तारी का जाल बिछाया। तय योजना के मुताबिक:

गुरुवार को दारोगा पवन कुमार राम को रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 15 हजार रुपये देने की बात तय हुई।

जैसे ही दारोगा ने थाना परिसर में स्थित अपने सरकारी क्वार्टर में पीड़ित से पैसे अपने हाथों में लिए, पहले से घात लगाए बैठी हजारीबाग एसीबी की टीम ने उसे तुरंत धर दबोचा।

गिरफ्तारी के बाद कागजी और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए टीम आरोपी दारोगा को अपने साथ हजारीबाग ले गई है।

संपादकीय: सिस्टम पर उठते गंभीर सवाल 

एक तरफ एसीबी भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल कस रही है, वहीं दूसरी तरफ राज्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाले अहम पद खाली पड़े हैं। झारखंड में लंबे समय से मुख्य सूचना आयुक्त, सूचना आयुक्त और लोकायुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों पर बहाली नहीं हो रही है।

ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या सरकारी तंत्र में बैठे भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए जानबूझकर इन संस्थाओं को कमजोर रखा जा रहा है? सरकार को इस दिशा में भी कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

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