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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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महंगाई की मार और 'मइयां सम्मान योजना' पर जयराम महतो का बड़ा बयान: "शिक्षा और स्वास्थ्य हो मुफ्त, बाकी पर लगे लगाम"

महंगाई की मार और 'मइयां सम्मान योजना' पर जयराम महतो का बड़ा बयान: "शिक्षा और स्वास्थ्य हो मुफ्त, बाकी पर लगे लगाम"

रांची: झारखंड की राजनीति में अपनी अलग पहचान बना चुके टाइगर जयराम महतो ने एक बार फिर बढ़ती महंगाई और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर तीखा प्रहार किया है। विधानसभा परिसर के बाहर मीडिया से बात करते हुए जयराम महतो ने गैस सिलेंडर, डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र और राज्य दोनों पर निशाना साधा।

"वोट आस्था पर नहीं, विजन पर होना चाहिए"

जयराम महतो ने कहा कि आज देश की जनता महंगाई से कराह रही है, लेकिन इसकी नींव सालों पहले ही रख दी गई थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब जनता महंगाई के बावजूद 'आस्था और भावनाओं' के आधार पर वोट देती है, तो उसका खामियाजा आज भुगतना पड़ रहा है। उनके अनुसार, वोट हमेशा इस वादे पर मिलना चाहिए कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण रखेगी और आम आदमी की जेब नहीं काटेगी।

मइयां सम्मान योजना और बजट का गणित

राज्य सरकार की 'मइयां सम्मान योजना' पर चर्चा करते हुए जयराम ने एक गंभीर पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि कई मंत्रियों ने भी दबी जुबान में स्वीकार किया है कि इस योजना की राशि के कारण अन्य विभागों के बजट और विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि देश में 'शिक्षा और स्वास्थ्य' पूरी तरह निशुल्क होना चाहिए, जबकि अन्य चीजों को मुफ्त देने के बजाय संतुलित नीतियों पर ध्यान देना चाहिए।

छात्रवृत्ति और विपक्ष की भूमिका

छात्रों को छात्रवृत्ति न मिलने के मुद्दे पर उन्होंने भाजपा (विपक्ष) को सलाह दी कि वे केवल राज्य में प्रदर्शन न करें, बल्कि दिल्ली जाकर केंद्र सरकार के समक्ष भी अपनी बात रखें, क्योंकि इसमें केंद्र का भी अंश होता है।

ईरान-इजरायल युद्ध का भारत पर असर: अंबा प्रसाद ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठाए गंभीर सवाल, सर्वदलीय बैठक की मांग

ईरान-इजरायल युद्ध का भारत पर असर: अंबा प्रसाद ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठाए गंभीर सवाल, सर्वदलीय बैठक की मांग

नई दिल्ली/रांची: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने मध्य पूर्व में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध को पूरी मानवता के लिए बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने इस युद्ध के कारण भारत में कच्चे तेल के संकट और बेलगाम होती महंगाई को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है।

ईरान-इजरायल युद्ध और बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर फेसबुक लाइव के जरिए देश की जनता को संबोधित करतीं कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद।

कच्चे तेल के संकट से बढ़ रही महंगाई

फेसबुक लाइव के माध्यम से आम जनमानस को संबोधित करते हुए अंबा प्रसाद ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 40 प्रतिशत कच्चा तेल ईरान से आयात करता है। युद्ध की वर्तमान स्थिति के कारण कच्चे तेल का आयात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। रसोई गैस (LPG), सीएनजी (CNG) और रोजमर्रा की जरूरत की सभी वस्तुओं के दाम आसमान छूने के आसार बन गए हैं।

'विश्व गुरु' की विदेश नीति पर खड़े किए सवाल

ईरान द्वारा भारत को तेल न देने की कथित धमकी के मुद्दे पर अंबा प्रसाद ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, "हमारे देश के प्रधानमंत्री जो खुद को 'विश्व गुरु' समझते हैं, उन्होंने इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह से चुप्पी साध ली है।"

अंबा प्रसाद ने पूछा कि प्रधानमंत्री लगातार विदेशी दौरे करते रहे हैं ताकि वैश्विक रिश्ते मजबूत हों, लेकिन संकट के इस समय में उनकी विदेश नीति क्या है, यह समझ से परे है। उन्होंने दावा किया कि देश में अब 40 दिनों से भी कम का तेल भंडार बचा है, फिर भी सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।

'संसद में चर्चा से भाग रही है सरकार'

वर्तमान लोकसभा सत्र का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस ज्वलंत मुद्दे पर चर्चा करने से बच रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लगातार बढ़ रही महंगाई और युद्ध के हालातों पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन भाजपा ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।

अंबा प्रसाद ने कहा, "देश के रक्षा मंत्री सिर्फ भाषणबाजी में व्यस्त हैं, जबकि शेयर मार्केट ध्वस्त हो रहे हैं और सोना-चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं। इसके बावजूद प्रधानमंत्री कार्यालय और वित्त मंत्रालय हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।"

सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग

एक जिम्मेदार विपक्षी नेता के तौर पर अंबा प्रसाद ने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस युद्ध को हल्के में न लिया जाए। उन्होंने चालू लोकसभा सत्र में इस मुद्दे पर खुली चर्चा करने, सर्वदलीय बैठक बुलाने और एक स्पष्ट नीति निर्धारित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत आवश्यक सुरक्षा और आर्थिक कदम उठाने चाहिए ताकि देश की जनता को इस संकट से बचाया जा सके और विश्व शांति की दिशा में भारत अपनी सार्थक भूमिका निभा सके।

रसोई गैस की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी: कांग्रेस नेता निसार खान ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

रसोई गैस की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी: कांग्रेस नेता निसार खान ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग: घरेलू रसोई गैस (LPG) के दामों में एक बार फिर से हुई बढ़ोतरी ने राजनीतिक गलियारों और आम जनता के बीच हलचल तेज कर दी है। केंद्र सरकार द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये का इजाफा किए जाने पर हजारीबाग जिला कांग्रेस कमिटी ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष निसार खान ने इस फैसले की तीखी आलोचना करते हुए इसे आम जनता पर महंगाई का सीधा प्रहार बताया है।

हजारीबाग जिला कांग्रेस कमिटी के मीडिया अध्यक्ष निसार खान।

आम जनता के घर का बजट बिगड़ा

अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए निसार खान ने कहा कि देश की आम जनता पहले से ही चौतरफा महंगाई की मार झेल रही है। राशन से लेकर रोजमर्रा की जरूरी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे समय में सरकार द्वारा रसोई गैस के दामों में अचानक 60 रुपये की भारी बढ़ोतरी करना सीधे तौर पर आम आदमी की कमर तोड़ने जैसा है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के घर का बजट पूरी तरह से डगमगा गया है।

उज्ज्वला योजना के लाभार्थी पारंपरिक ईंधन की ओर लौटने को विवश

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'उज्ज्वला योजना' (Ujjwala Yojana) पर सवाल उठाते हुए निसार खान ने एक गंभीर मुद्दे की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडरों पर मिलने वाली सब्सिडी लगभग समाप्त हो चुकी है और कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं।

इसके परिणामस्वरूप, जिन गरीब परिवारों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन दिए गए थे, वे अब इसे भरवा पाने में असमर्थ हैं। आर्थिक तंगी और महंगे सिलेंडर के कारण ये परिवार एक बार फिर से लकड़ी और कोयले जैसे पारंपरिक और धुआं वाले पारिवारिक ईंधन की ओर लौटने को मजबूर हो गए हैं।

बढ़ी हुई कीमतें अविलंब वापस लेने की मांग

हजारीबाग कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि आम जनता की परेशानियों को देखते हुए यह जनविरोधी फैसला तुरंत वापस लिया जाए। निसार खान ने कहा कि अगर घरेलू रसोई गैस की बढ़ाई गई कीमतें अविलंब वापस नहीं ली गईं, तो जनता आने वाले समय में इसका कड़ा जवाब देगी।

रसोई गैस के दाम ₹60 बढ़े - झामुमो नेता कुणाल यादव का केंद्र पर तीखा हमला, कहा- महंगाई से आम जनता का बजट बिगड़ा

रसोई गैस के दाम ₹60 बढ़े - झामुमो नेता कुणाल यादव का केंद्र पर तीखा हमला, कहा- महंगाई से आम जनता का बजट बिगड़ा

विशेष संवाददाता: नरेश सोनी 

हजारीबाग न्यूज़ डेस्क : घरेलू रसोई गैस (LPG Cylinder) की कीमतों में हाल ही में हुई ₹60 की बढ़ोतरी ने आम आदमी की जेब पर सीधा असर डाला है। इस मूल्य वृद्धि को लेकर अब राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रवक्ता कुणाल यादव ने केंद्र सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे महंगाई की मार झेल रही जनता पर एक और 'अतिरिक्त बोझ' करार दिया है।

जेएमएम (JMM) के प्रवक्ता कुणाल यादव ने रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से फैसला वापस लेने की मांग की है।

आम आदमी के घरेलू बजट पर प्रहार

कुणाल यादव ने चिंता जताते हुए कहा कि आज के समय में रसोई गैस हर घर की सबसे बुनियादी जरूरत है। ऐसे में बार-बार इसके दाम बढ़ने से मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों का पूरा घरेलू बजट चरमरा गया है। पिछले कुछ वर्षों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर की कीमतों का ग्राफ लगातार ऊपर गया है, जिससे आम लोगों के लिए दो वक्त की रोटी पकाना भी आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।

उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की स्थिति दयनीय

झामुमो प्रवक्ता ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि रसोई गैस पर मिलने वाली सब्सिडी अब नाममात्र की रह गई है या लगभग समाप्त हो चुकी है। इसका सबसे बुरा असर 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' (PM Ujjwala Yojana) के गरीब लाभार्थियों पर पड़ा है। गैस भरवाना इतना महंगा हो गया है कि कई जगहों पर गरीब परिवार मजबूरी में वापस लकड़ी, कोयला और अन्य पारंपरिक ईंधनों की तरफ लौटने को विवश हैं।

तुरंत वापस लिया जाए बढ़ोतरी का फैसला

कुणाल यादव ने केंद्र सरकार से स्पष्ट मांग की है कि महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, न कि रोजमर्रा की जरूरी चीजों के दाम बढ़ाकर जनता को परेशान किया जाए। उन्होंने बढ़ाई गई ₹60 की कीमत को अविलंब वापस लेने और सब्सिडी व्यवस्था को दोबारा पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू करने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे जन-विरोधी फैसलों पर तुरंत पुनर्विचार करना चाहिए।

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