ईरान-इजरायल युद्ध का भारत पर असर: अंबा प्रसाद ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठाए गंभीर सवाल, सर्वदलीय बैठक की मांग
नई दिल्ली/रांची: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने मध्य पूर्व में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध को पूरी मानवता के लिए बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने इस युद्ध के कारण भारत में कच्चे तेल के संकट और बेलगाम होती महंगाई को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
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| ईरान-इजरायल युद्ध और बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर फेसबुक लाइव के जरिए देश की जनता को संबोधित करतीं कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद। |
कच्चे तेल के संकट से बढ़ रही महंगाई
फेसबुक लाइव के माध्यम से आम जनमानस को संबोधित करते हुए अंबा प्रसाद ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 40 प्रतिशत कच्चा तेल ईरान से आयात करता है। युद्ध की वर्तमान स्थिति के कारण कच्चे तेल का आयात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। रसोई गैस (LPG), सीएनजी (CNG) और रोजमर्रा की जरूरत की सभी वस्तुओं के दाम आसमान छूने के आसार बन गए हैं।
'विश्व गुरु' की विदेश नीति पर खड़े किए सवाल
ईरान द्वारा भारत को तेल न देने की कथित धमकी के मुद्दे पर अंबा प्रसाद ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, "हमारे देश के प्रधानमंत्री जो खुद को 'विश्व गुरु' समझते हैं, उन्होंने इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह से चुप्पी साध ली है।"
अंबा प्रसाद ने पूछा कि प्रधानमंत्री लगातार विदेशी दौरे करते रहे हैं ताकि वैश्विक रिश्ते मजबूत हों, लेकिन संकट के इस समय में उनकी विदेश नीति क्या है, यह समझ से परे है। उन्होंने दावा किया कि देश में अब 40 दिनों से भी कम का तेल भंडार बचा है, फिर भी सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
'संसद में चर्चा से भाग रही है सरकार'
वर्तमान लोकसभा सत्र का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस ज्वलंत मुद्दे पर चर्चा करने से बच रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लगातार बढ़ रही महंगाई और युद्ध के हालातों पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन भाजपा ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।
अंबा प्रसाद ने कहा, "देश के रक्षा मंत्री सिर्फ भाषणबाजी में व्यस्त हैं, जबकि शेयर मार्केट ध्वस्त हो रहे हैं और सोना-चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं। इसके बावजूद प्रधानमंत्री कार्यालय और वित्त मंत्रालय हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।"
सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग
एक जिम्मेदार विपक्षी नेता के तौर पर अंबा प्रसाद ने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस युद्ध को हल्के में न लिया जाए। उन्होंने चालू लोकसभा सत्र में इस मुद्दे पर खुली चर्चा करने, सर्वदलीय बैठक बुलाने और एक स्पष्ट नीति निर्धारित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत आवश्यक सुरक्षा और आर्थिक कदम उठाने चाहिए ताकि देश की जनता को इस संकट से बचाया जा सके और विश्व शांति की दिशा में भारत अपनी सार्थक भूमिका निभा सके।

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