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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग झील के कायाकल्प कार्य में आई भारी तेजी; जल्द दिखेगा नया लुक, स्केटिंग ट्रैक और हैंगिंग ब्रिज का निर्माण शुरू

हजारीबाग झील के कायाकल्प कार्य में आई भारी तेजी; जल्द दिखेगा नया लुक, स्केटिंग ट्रैक और हैंगिंग ब्रिज का निर्माण शुरू

 नगर निगम की विशेष प्राथमिकता: उप नगर आयुक्त ने किया औचक निरीक्षण, एजेंसी को गुणवत्ता के साथ समय पर काम पूरा करने का निर्देश।


हजारीबाग। हजारीबाग शहर के हृदय स्थल और मुख्य आकर्षण का केंद्र मानी जाने वाली हजारीबाग झील (Hazaribagh Lake) के पुनर्जीवन (Rejuvenation) और सौंदर्यीकरण के कार्य ने अब रफ्तार पकड़ ली है। नगर निगम प्रशासन इस महत्वाकांक्षी परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए पूरी तरह गंभीर नजर आ रहा है। नगर आयुक्त के दिशा-निर्देश पर उप नगर आयुक्त ने निगम के सहायक एवं कनीय अभियंताओं के साथ झील परिसर में चल रहे विकास कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया।

Hazaribagh Lake

पिछली हिदायत का दिखा असर, कार्यों में संतोषजनक प्रगति

गौरतलब है कि इससे पूर्व गत 4 मई 2026 को भी अधिकारियों द्वारा कार्य का निरीक्षण किया गया था, जिसमें कार्य की धीमी गति को देखते हुए संबंधित संवेदक एजेंसी 'रिसर्च आदर्श कंस्ट्रक्शन' को कड़ी हिदायत दी गई थी। इसके बाद जब 14 मई 2026 को दोबारा समीक्षा और निरीक्षण किया गया, तो धरातल पर कार्यों में संतोषजनक प्रगति देखने को मिली।

झील में क्या-क्या हो रहा है खास? (Project Highlights):

झील को आधुनिक और खूबसूरत रूप देने के लिए कई स्तरों पर काम चल रहा है:

  • स्केटिंग ट्रैक (Skating Track): ट्रैक पर कालीकरण (पिचिंग) का कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुका है। अब इसके चारों ओर सुरक्षा रेलिंग लगाने का काम अंतिम चरण में है, जिसके बाद इसे बच्चों और युवाओं के लिए खोल दिया जाएगा।

  • ओपन पार्क और साइकिल ट्रैक: ओपन पार्क (Open Park) का ले-आउट तैयार कर लिया गया है, साथ ही साइकिल प्रेमियों के लिए बनाए जा रहे विशेष ट्रैक के निर्माण में भी तेजी आई है।

  • जल शोधन (STP Bed): झील के पानी को साफ और स्वच्छ रखने के लिए 'फाइटोरीड (एस.टी.पी.) बेड' का तकनीकी कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है।

  • ड्रेनेज और कलवर्ट: जल निकासी के लिए ड्रेनेज (Drainage) एलाइनमेंट और खुदाई का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि कलवर्ट (Culvert) का निर्माण कार्य लगभग अंतिम चरण में है।

आकर्षण का केंद्र होंगे आइलैंड और हैंगिंग ब्रिज

निगम अधिकारियों के अनुसार, म्यूजिकल फाउंटेन (म्यूजिकल म्यूजिक शो) का कार्य भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, झील के भीतर से गाद निकालने (डिसिल्टिंग) की प्रक्रिया जैसे ही पूरी होगी, वैसे ही खूबसूरत आइलैंड, गजीबो (Gazebo) और एक शानदार हैंगिंग ब्रिज (Hanging Bridge) का निर्माण कार्य भी धरातल पर शुरू कर दिया जाएगा।

अब हफ्ते में दो बार होगी मॉनिटरिंग

निरीक्षण के दौरान उप नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि झील का पुनर्जीवन हजारीबाग नगर निगम की विशेष प्राथमिकताओं में से एक है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या घटिया निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्य की उच्च गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए अब प्रशासनिक टीम द्वारा प्रत्येक सप्ताह कम से कम दो बार इस कार्य की जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग की जाएगी।

संपादकीय संदेश: हजारीबाग झील का यह बदला हुआ स्वरूप न केवल स्थानीय शहरवासियों को सुबह-शाम की सैर के लिए एक बेहतरीन माहौल देगा, बल्कि इससे जिले में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।


प्रस्तुति: नगर निगम कार्यालय, हजारीबाग। रिपोर्ट: न्यूज़ प्रहरी डेस्क।

GM Inter College: वाणिज्य के विद्यार्थियों ने किया पतरातू डैम का शैक्षणिक भ्रमण, किताबों से बाहर निकलकर समझा औद्योगिक विकास और पर्यावरण का गणित

GM Inter College: वाणिज्य के विद्यार्थियों ने किया पतरातू डैम का शैक्षणिक भ्रमण, किताबों से बाहर निकलकर समझा औद्योगिक विकास और पर्यावरण का गणित

Hazaribagh: किताबी ज्ञान विद्यार्थियों को सिद्धांत तो सिखा सकता है, लेकिन वास्तविकता का अनुभव उन्हें क्षेत्र भ्रमण से ही प्राप्त होता है। इसी उद्देश्य को सार्थक करते हुए जी.एम इंटर महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग (Commerce Department) के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों का यह दल झारखंड के प्रसिद्ध पर्यटन और औद्योगिक स्थल पतरातू डैम पहुँचा, जहाँ उन्होंने प्रकृति और प्रगति के बीच के सामंजस्य को करीब से देखा।
"भ्रमण के दौरान शिक्षक विद्यार्थियों को स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के महत्व से अवगत कराते हुए।"



इस शैक्षणिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य केवल पर्यटन नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों को यह समझाना था कि बढ़ते उद्योग-धंधों का हमारे पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ता है। महाविद्यालय के प्राचार्य शम्भु कुमार ने विद्यार्थियों की बस को रवाना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रत्यक्ष अवलोकन (Direct Observation) से जो ज्ञान मिलता है, वह सैद्धांतिक पढ़ाई को व्यावहारिक धरातल पर उतारने में मदद करता है।

अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास का पाठ

पतरातू डैम पहुँचकर विद्यार्थियों ने न केवल वहां की सुंदरता का आनंद लिया, बल्कि अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण जानकारियां भी हासिल कीं। महाविद्यालय के शिक्षक विनय कुमार ने विद्यार्थियों को उस क्षेत्र के औद्योगिक विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि किसी भी क्षेत्र की उन्नति में वहां के उद्योगों का क्या योगदान होता है।
वहीं, वाणिज्य विभाग के शिक्षक आशीष पांडे ने विद्यार्थियों को बताया कि इस क्षेत्र की उन्नति में डैम की भूमिका कितनी अहम है और यह किस प्रकार ऊर्जा व जल संसाधन के रूप में रीढ़ की हड्डी बना हुआ है।

पर्यटन और पर्यावरण का अनूठा संगम

झारखंड को प्रकृति की गोद माना जाता है, और पतरातू इसका एक बेहतरीन उदाहरण है। वाणिज्य शिक्षक मनोज राणा ने विद्यार्थियों का ध्यान इस ओर खींचा कि किस प्रकार प्राकृतिक सौंदर्य, संसाधन और तकनीकी दक्षता मिलकर इस स्थान को झारखंड का प्रमुख पर्यटन स्थल बनाते हैं। उन्होंने पर्यटन से जुड़ी आर्थिक संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।

भ्रमण के दौरान पर्यावरण संरक्षण की भी विशेष चर्चा हुई। शिक्षिका प्रिया कुमारी ने विद्यार्थियों को वहाँ के प्राकृतिक वातावरण और पारिस्थितिकी तंत्र (Ecology) के बारे में जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण का संरक्षण क्यों अनिवार्य है।
"जी.एम इंटर कॉलेज के वाणिज्य विभाग के विद्यार्थी और शिक्षक पतरातू डैम शैक्षणिक भ्रमण के दौरान"






विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक रहा अनुभव

इस शैक्षणिक भ्रमण को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखा गया। दिन भर चले इस सत्र में उन्होंने कक्षा से बाहर निकलकर बहुत कुछ नया सीखा। विद्यार्थियों ने इस अनुभव को अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया। उनका कहना था कि किताबों में पढ़ी गई बातों को साक्षात देखने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और विषय को समझने का नया नजरिया मिला है।

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