हजारीबाग के पूर्व डीडीसी इश्तियाक अहमद के अचानक तबादले से जिले में मायूसी।
हजारीबाग: जिले के डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर (डीडीसी) इश्तियाक अहमद के अचानक तबादले की खबर से पूरे जिले में निराशा और चिंता का माहौल है। सामाजिक, प्रशासनिक और आम नागरिकों के बीच यह चर्चा आम है कि एक सक्रिय, गंभीर और विकासोन्मुख अधिकारी का तबादला ऐसे समय में किया गया है, जब उनके नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण योजनाएं सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही थीं।
जिले के वरिष्ठ लोगों ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही इश्तियाक अहमद ने हजारीबाग में बतौर डीडीसी केवल एक वर्ष दो माह की अवधि तक सेवा दी, लेकिन इस अल्पकाल में उन्होंने जिले के लिए जो ठोस और प्रभावी कार्य किए, वे लंबे समय तक याद रखे जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इश्तियाक अहमद ने जिले के सभी प्रखंडों को समान महत्व दिया, नियमित दौरे कर जमीनी हकीकत को समझा और सरकारी विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में विशेष गंभीरता दिखाई। उनके नेतृत्व में कई योजनाओं को गति मिली और प्रशासन के प्रति आम जनता का भरोसा मजबूत हुआ।
उल्लेखनीय है कि इश्तियाक अहमद के कार्यकाल के दौरान उन्हें जिले के दो उपायुक्तों का पूरा मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त रहा। पूर्व उपायुक्त श्रीमती नैन्सी सहाय और वर्तमान उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने उनकी कार्यशैली और कार्यक्षमता की सराहना करते हुए हर स्तर पर सकारात्मक सहयोग दिया, जिसके परिणामस्वरूप जिले में कई विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी रूप से पूरी हुईं या सफलतापूर्वक संचालित होती रहीं। इश्तियाक अहमद की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि वे केवल कार्यालयी कार्यों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि ग्रामीण, पिछड़े और दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचकर आम लोगों की समस्याओं को समझा और उनके समाधान के लिए व्यावहारिक कदम उठाए। यही कारण है कि उनके तबादले से जिले के विभिन्न वर्गों में गहरी निराशा देखी जा रही है।
जनता और सामाजिक संगठनों का कहना है कि तबादला भले ही एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया हो, लेकिन इश्तियाक अहमद जैसे मेहनती और जनहितैषी अधिकारी की सेवाएं हजारीबाग के लिए अत्यंत लाभकारी रहीं। लोगों को उम्मीद है कि सरकार आगे भी उनकी क्षमताओं का भरपूर उपयोग करेगी और हजारीबाग में प्रारंभ किए गए विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहेगी।
वहीं, डीडीसी इश्तियाक अहमद ने कहा कि फिलहाल वे रांची में अपनी सेवाएं देंगे और हजारीबाग जिले में उन्हें जो अपार स्नेह और सहयोग मिला है, उसे वे कभी नहीं भूल पाएंगे।
