Hazaribagh: दनुआ घाटी में सड़क हादसों पर लगाम की तैयारी, जिला प्रशासन और NHAI ने लिया बड़ा फैसला
जिला परिवहन पदाधिकारी और NHAI के अधिकारियों ने किया निरीक्षण, सुरक्षा के लिए दिए 8 अहम निर्देश।
हजारीबाग: जिले के चौपारण थाना अंतर्गत दनुआ घाटी, जो अपनी खतरनाक ढलानों और तीखे मोड़ों के लिए जानी जाती है, वहां बढ़ते सड़क हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन अब सख्त कदम उठा रहा है। हाल के दिनों में इस क्षेत्र में हुई दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए हजारीबाग के जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) और NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दनुआ घाटी का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा मानकों की कमियों को चिह्नित किया गया और मौके पर ही अधिकारियों को सुधार के कड़े निर्देश दिए गए।
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Dhanuwa Ghati ka Jaija lete Hazaribagh Cuptaan, |
ब्लैक स्पॉट की होगी जांच, अवैध कट पर लगेगा ताला
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि घाटी क्षेत्र में कई स्थानों पर स्थानीय लोगों या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा अवैध रूप से 'कट' बना लिए गए हैं, जो तेज रफ्तार वाहनों के लिए बेहद खतरनाक साबित होते हैं। जिला प्रशासन ने इन सभी अवैध कट (Illegal Cuts) को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, दनुआ घाटी के उन क्षेत्रों को 'ब्लैक स्पॉट' के रूप में चिह्नित कर जांच करने को कहा गया है जहाँ बार-बार हादसे होते हैं।
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| Black Spot Chinhit |
यातायात सुरक्षा के लिए अपनाई जाएगी 8-सूत्रीय रणनीति
सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित 8 बिंदुओं पर कार्ययोजना तैयार की है:
साइन बोर्ड और स्पीड लिमिट: घाटी के प्रवेश और निकास द्वारों पर एडवांस साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। साथ ही, निर्धारित गति सीमा (Speed Limit) के बोर्ड स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे ताकि चालक सतर्क रहें।
मैनपावर और इंफ्रास्ट्रक्चर: सभी वैध कटों पर 'लाइन मैन' की नियुक्ति की जाएगी ताकि यातायात व्यवस्थित रहे। 'बॉटल नेक' (संकरे रास्ते) वाली जगहों को दुरुस्त कर चौड़ा किया जाएगा और आवश्यकतानुसार वैज्ञानिक तरीके से स्पीड ब्रेकर बनाए जाएंगे।
आपातकालीन सेवा: NHAI के एम्बुलेंस ड्राइवरों को 24x7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि 'गोल्डन ऑवर' में घायलों को मदद मिल सके।
प्रदूषण और सुरक्षा: निर्माण कार्य वाले क्षेत्रों में धूल कम करने के लिए दिन में कम से कम दो बार पानी का छिड़काव अनिवार्य कर दिया गया है।
निष्कर्ष
दनुआ घाटी में सुरक्षा के ये उपाय न केवल हादसों में कमी लाएंगे, बल्कि झारखंड-बिहार सीमा पर होने वाले सुगम यातायात को भी सुनिश्चित करेंगे। जिला प्रशासन की इस सक्रियता से स्थानीय लोगों और लंबी दूरी के चालकों ने राहत की सांस ली है।


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