हजारीबाग: दहेज मुक्त झारखंड सेवा संघ ने समाज को दी नई दिशा, जागरूकता सह सम्मान समारोह में गूंजी कुप्रथा मिटाने की आवाज
पूर्व विधायक जयप्रकाश वर्मा और समाजसेवियों ने भरी हुंकार; बोले—दहेज समाज के लिए अभिशाप, शिक्षा और कानून का कड़ा पालन ही समाधान।
हजारीबाग। समाज में फैली दहेज की कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने और लोगों को इस सामाजिक बुराई के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 'दहेज मुक्त झारखंड सेवा संघ' द्वारा एक भव्य 'दहेज मुक्त जागरूकता सह सम्मान समारोह' का आयोजन किया गया।
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| Dahej mukt jharkhand |
हजारीबाग स्थित जन विकास केंद्र में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर समाज सुधार की दिशा में कार्य करने वाले विभिन्न व्यक्तित्वों को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।
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| दहेज मुक्त जागरूकता सह सम्मान समारोह |
दहेज एक सामाजिक अभिशाप: जयप्रकाश वर्मा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गांडेय के पूर्व विधायक जयप्रकाश वर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि दहेज प्रथा आधुनिक समाज के माथे पर एक कलंक है। यह न केवल परिवारों को आर्थिक रूप से तोड़ती है, बल्कि समाज को भीतर से खोखला कर रही है। उन्होंने युवाओं से आगे आकर बिना दहेज के विवाह का संकल्प लेने की अपील की।
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| बिना दहेज के विवाह का संकल्प |
शिक्षा और कानून की भूमिका पर जोर
संस्था के संरक्षक प्रणव वर्मा ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब तक समाज का हर व्यक्ति शिक्षित और जागरूक नहीं होगा, तब तक इस प्रथा को पूरी तरह खत्म करना कठिन है। वहीं, बरकट्ठा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी बटेश्वर मेहता ने सुझाव दिया कि इस अभियान को केवल शहरों तक सीमित न रखकर हर गांव और टोले तक पहुंचाना होगा। संस्था के संगठन मंत्री राजेश कुमार वर्मा ने मांग की कि सरकार को दहेज विरोधी कानूनों को और अधिक सख्ती से लागू करना चाहिए।
विवाह प्रमाण पत्र की अनिवार्यता पर सुझाव
संस्था के प्रदेश अध्यक्ष अमरदीप कुमार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव का सुझाव देते हुए कहा कि जिस प्रकार सरकार जाति और मृत्यु प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से बनाती है, ठीक उसी प्रकार शादी के समय विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) को अनिवार्य और सुलभ बनाया जाना चाहिए, ताकि कानूनी प्रक्रिया पारदर्शी रहे।
संस्था की उपलब्धियां और संकल्प
सहरसा से आए राष्ट्रीय अध्यक्ष मोतीलाल एस. पंडित ने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के साथ 'दहेज हटाओ' का नारा बुलंद किया। संस्थापक जितेंद्र बी. यादव ने बताया कि इस अभियान की गूंज अब पूरे झारखंड में सुनाई दे रही है। राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र प्रसाद वर्मा ने गर्व के साथ साझा किया कि संस्था के प्रयासों से अब तक 250 से अधिक शादियाँ बिना दहेज के संपन्न कराई जा चुकी हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष नरेश यादव ने कहा कि इस लड़ाई में पूरे समाज को एकजुट होकर आगे आना होगा।
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| Bhari Sankhya me Upasthit Janmanya Jan |
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से कोडरमा जिला प्रभारी अशोक मेहता, नव झारखंड फाउंडेशन के किशोरी राणा, सुधीर कुमार, रामस्वरूप मिस्त्री, राधा देवी, राजेश कुमार कुशवाहा, सीताराम महतो, सूर्यभान मौर्य, और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया और समाज को दहेज मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।




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