बोकारो जोन में अपराध और नशाखोरी पर पुलिस का कड़ा प्रहार: आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने जारी किए सख्त निर्देश, CCA और NSA के तहत होगी कार्रवाई
हजारीबाग में उत्तरी छोटा नागपुर प्रक्षेत्र के पुलिस कप्तानों के साथ हाई-प्रोफाइल बैठक; महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम और अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस की नीति।
हजारीबाग, झारखंड: उत्तरी छोटा नागपुर प्रक्षेत्र, बोकारो के पुलिस महानिरीक्षक (IG) शैलेंद्र कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को हजारीबाग पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बोकारो जोन के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों के वरीय पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना, लंबित कांडों का त्वरित निष्पादन और संगठित अपराध पर लगाम लगाना रहा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में उत्तरी छोटा नागपुर क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक अंजनी कुमार झा, हजारीबाग एसपी अमन कुमार, धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार, बोकारो एसपी नाथू सिंह मीणा, गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार, रामगढ़ एसपी मुकेश लुनायत, चतरा एसपी अनिमेष नैथानी, कोडरमा एसपी कुमार शिवाशीष समेत कई अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
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| आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा |
बैठक के मुख्य निर्णय और दिशा-निर्देश:
आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने अपराध नियंत्रण को लेकर 11 सूत्रीय कार्ययोजना पर जोर दिया, जिसके प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
लंबित कांडों का निष्पादन: पिछले 6 महीनों में घटित सभी महत्वपूर्ण आपराधिक घटनाओं की समीक्षा की गई। आईजी ने निर्देश दिया कि इन सभी कांडों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
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| Mahesputn Mudde |
महिला सुरक्षा सर्वोपरि: महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों को लेकर पुलिस बेहद गंभीर है। बैठक में निर्देश दिया गया कि महिला अपराध से संबंधित जितने भी लंबित मामले हैं, उन्हें 60 दिनों के भीतर हर हाल में निष्पादित किया जाए।
नक्सल और वारंट की समीक्षा: जिले के लंबित नक्सल मामलों की समीक्षा कर उन्हें जल्द समाप्त करने और जमानती/गैर-जमानती वारंट, इश्तेहार एवं कुर्की-जब्ती की कार्रवाई में तेजी लाने का आदेश दिया गया।
नशाखोरी के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस': स्कूल-कॉलेजों के पास संचालित दुकानों में ड्रग्स की सघन छापेमारी के निर्देश दिए गए हैं। नशा बेचने वाले गिरोहों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध CCA (क्राइम कंट्रोल एक्ट) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया और अफवाहों पर नजर: सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। अफवाह फैलाने वाले तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संगठित अपराध और अवैध खनन: संगठित अपराधियों, अवैध खनन माफियाओं और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ पुलिस अब CCA और NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) जैसे कड़े कानूनों का सहारा लेगी।
साइबर और एंटी-क्राइम चेकिंग: जिले में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने और प्रतिदिन एंटी-क्राइम चेकिंग अभियान चलाने का निर्देश दिया गया ताकि अपराधियों में भय पैदा हो।
निष्कर्ष:
इस बैठक के माध्यम से पुलिस महानिरीक्षक ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों के लिए पुलिस की कार्यप्रणाली अब अधिक सख्त और तकनीक आधारित होगी। सभी एसपी को अपने-अपने जिलों में इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


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