झारखंड में बड़ा एनकाउंटर: 15 लाख का इनामी नक्सली शहदेव महतो समेत 4 ढेर, हजारीबाग-चतरा बॉर्डर पर कोबरा का एक्शन
हजारीबाग अब हुआ 'नक्सल मुक्त'; मुठभेड़ स्थल से AK-47 और भारी मात्रा में हथियार बरामद, सर्च ऑपरेशन जारी।
रांची/चतरा: झारखंड में सुरक्षा बलों को नक्सलियों के खिलाफ एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। चतरा और हजारीबाग जिले की सीमा पर सुरक्षा बलों और प्रतिबंधित संगठन के नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में चार कुख्यात नक्सली मारे गए हैं। इस कार्रवाई की सबसे बड़ी उपलब्धि 15 लाख रुपये के इनामी नक्सली शहदेव महतो का खात्मा है।
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| चतरा और हजारीबाग जिले की सीमा पर सुरक्षा बलों और प्रतिबंधित संगठन के नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में चार कुख्यात नक्सली मारे गए हैं। |
इंटेलिजेंस इनपुट और कोबरा का जॉइंट ऑपरेशन
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हजारीबाग पुलिस को नक्सलियों के मूवमेंट की सटीक खुफिया जानकारी मिली थी। इसके तुरंत बाद चतरा पुलिस और कोबरा (COBRA) कमांडो की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। बताया जा रहा है कि शहदेव महतो अपने दस्ते के साथ हजारीबाग के केराडरी जंगल क्षेत्र से गुजर रहा था। जैसे ही वे चतरा जिले की सीमा में दाखिल हुए, पहले से तैनात जवानों ने उन्हें घेर लिया।
जंगल में गूँजी गोलियां, इनामी नक्सली ढेर
जंगल में आमना-सामना होते ही नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने भी मोर्चा संभाला। काफी देर तक चली इस तीव्र मुठभेड़ में चार नक्सली मौके पर ही ढेर हो गए। मारे गए नक्सलियों में:
शहदेव महतो: 15 लाख का इनामी कमांडर।
नताशा: महिला नक्सली।
बुद्धदेव: सक्रिय सदस्य।
चौथे नक्सली की शिनाख्त की प्रक्रिया फिलहाल जारी है।
मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने दो एके-47 राइफल समेत कुल चार आधुनिक हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया है।
हजारीबाग के लिए ऐतिहासिक दिन: जिला अब 'नक्सल मुक्त'
इस सफल अभियान के साथ ही हजारीबाग जिले के लिए एक नया अध्याय शुरू हुआ है। पुलिस मुख्यालय के सूत्रों का दावा है कि हजारीबाग और चतरा के सीमावर्ती इलाकों में शहदेव महतो का दस्ता ही अंतिम सक्रिय समूह था। इस दस्ते के सफाए के साथ ही अब हजारीबाग जिले को पूरी तरह नक्सल मुक्त माना जा सकता है। यह झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के लिए रणनीतिक रूप से बहुत बड़ी जीत है।
इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी
मुठभेड़ के बाद पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों को मौके पर भेजा गया है। पूरे केराडरी और चतरा बॉर्डर के जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दस्ते का कोई अन्य सदस्य छिपा न हो। पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही आधिकारिक प्रेस वार्ता कर विस्तृत जानकारी साझा की जा सकती है।

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