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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग पुलिस पर बर्बरता का आरोप: दलित महिला और मासूम को 38 घंटे तक थाने में रखने पर भड़के सांसद मनीष जायसवाल

मुफ्फसिल थाने में दलित महिला और 2 साल के बच्चे को 38 घंटे तक अवैध हिरासत में रखने का आरोप। सांसद मनीष जायसवाल ने डीआईजी से की शिकायत।
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हजारीबाग पुलिस पर बर्बरता का आरोप: दलित महिला और मासूम को 38 घंटे तक थाने में रखने पर भड़के सांसद मनीष जायसवाल

नए एसपी के आगमन के बीच खाकी पर लगा दाग; सांसद ने डीआईजी से की दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी।

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले से खाकी को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। मुफ्फसिल थाना पुलिस पर एक गरीब दलित महिला और उसके दो साल के मासूम बच्चे को 38 घंटे तक अवैध हिरासत में रखने और उनके साथ मारपीट व अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब जिले में नए पुलिस कप्तान (SP) ने कार्यभार संभाला है।

एक गरीब दलित महिला और उसके दो साल के मासूम बच्चे को 38 घंटे तक अवैध हिरासत में रखने और उनके साथ मारपीट व अभद्र व्यवहार करने का आरोप
 

अवैध हिरासत और मारपीट का आरोप पीड़िता के अनुसार, मुफ्फसिल थाने के पुरुष पुलिसकर्मी बिना वर्दी के उसके घर पहुंचे थे। आरोप है कि नोटिस देने की प्रक्रिया के दौरान पुलिसकर्मियों ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि महिला के साथ मारपीट भी की। इसके बाद उसे उसके मासूम बच्चे के साथ करीब 38 घंटे तक थाने में रखा गया। पीड़िता ने पुलिसकर्मियों पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और अवैध वसूली का दबाव बनाने का भी संगीन आरोप लगाया है।

डीआईजी से मिले सांसद, कार्रवाई की मांग

 
सांसद मनीष जायसवाल ने संभाला मोर्चा संसद के विशेष सत्र से दिल्ली से लौटते ही स्थानीय सांसद मनीष जायसवाल ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को उन्होंने अपने सेवा कार्यालय में पीड़िता और सिंघानी के ग्रामीणों से मुलाकात कर पूरी जानकारी ली। सांसद ने इस कृत्य को लोकतंत्र पर कलंक बताते हुए कहा, "वर्दी का दुरुपयोग कर एक बेकसूर महिला और मासूम बच्चे को प्रताड़ित करना मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

डीआईजी से मिले सांसद, कार्रवाई की मांग न्याय की मांग को लेकर सांसद मनीष जायसवाल स्वयं पीड़िता को लेकर डीआईजी अंजनी झा के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने डीआईजी को पूरी घटना से अवगत कराते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने और उन्हें निलंबित करने की मांग की।

सांसद ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दोषियों को सजा नहीं मिली, तो वे जनता के साथ मिलकर जिला प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 

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