झामुमो की बड़ी बैठक: हेमंत सोरेन ने कार्यकर्ताओं को दिया 'वोटर जागरूकता' का मंत्र, बोले— एक भी पात्र मतदाता छूटने न पाए
मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) को लेकर 12 जिलों के पदाधिकारियों के साथ सीएम आवास पर मंथन; भाजपा की नीतियों पर झामुमो ने जताया कड़ा ऐतराज।
रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने आगामी चुनावों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को देखते हुए अपने सांगठनिक ढांचे को धार देना शुरू कर दिया है। बुधवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पर पार्टी के 12 जिलों के पदाधिकारियों, सांसदों और विधायकों के साथ एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बैठक की अध्यक्षता झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की।
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| CM Hemant Soren. |
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का आधार है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे बूथ स्तर पर सक्रिय हों और सुनिश्चित करें कि हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में जुड़े। उन्होंने नारा दिया— "एक भी वोटर छूटे नहीं।"
Ek Bhi Bhoter Chhutne Na Paaye.
संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने बिहार और बंगाल जैसे पड़ोसी राज्यों में हुए एसआईआर (SIR) का उदाहरण देते हुए संगठन को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि बूथ, पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर पार्टी के ढांचे को इतना सशक्त बनाया जाए कि वह जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान कर सके। विशेषकर नगर और महानगर कमेटियों को और अधिक सक्रिय बनाने पर जोर दिया गया।
भाजपा पर साधा निशाना: अधिकारों के हनन का आरोप
बैठक के दौरान झामुमो पदाधिकारियों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि एसआईआर की आड़ में भाजपा आदिवासी, मूलवासी, पिछड़े और वंचित समाज के मताधिकार छीनने का षड़यंत्र रच रही है। झामुमो नेताओं ने आशंका जताई कि इसका उद्देश्य इन वर्गों को राशन कार्ड और पेंशन जैसे बुनियादी अधिकारों से वंचित करना है।
प्रमुख नेताओं की उपस्थिति
इस उच्च स्तरीय बैठक का संचालन महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने किया। बैठक में झामुमो उपाध्यक्ष मथुरा प्रसाद महतो, बैद्यनाथ राम, सुप्रियो भट्टाचार्य, कल्पना सोरेन, और अभिषेक प्रसाद 'पिंटू' सहित कई दिग्गज नेता शामिल हुए। रांची, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग और पलामू सहित 12 जिलों के चुनिंदा पदाधिकारियों ने रणनीति पर अपनी राय साझा की।

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