हजारीबाग में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार: स्वास्थ्य मंत्री के सामने पत्रकारों पर हमला, प्रेस क्लब ने दी आंदोलन की चेतावनी
"मंत्री से सवाल पूछना क्या अपराध है?"— मीडियाकर्मियों पर हुए जानलेवा हमले से आक्रोशित हजारीबाग प्रेस क्लब; पुलिस की मौजूदगी में 'गुंडागर्दी' पर उठे सवाल।
हजारीबाग। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया पर हजारीबाग में एक कायराना हमला हुआ है। मंगलवार को हजारीबाग सदर अस्पताल में सूबे के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान कवरेज कर रहे पत्रकारों पर कुछ असामाजिक तत्वों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना के बाद हजारीबाग प्रेस क्लब ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
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| Swasth Mantri Irfan Ansari. |
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| Patrakaar ke saath Marpit karte Gurge. |
पुलिस की मौजूदगी में हुआ हमला
हजारीबाग प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुरारी सिंह ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां जिले के बड़े पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे, वहीं दूसरी ओर मंत्री से सवाल पूछने पर पत्रकारों पर हमला कर दिया गया। सिंह ने सवाल उठाया कि जब प्रशासनिक सुरक्षा के बीच पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता का क्या होगा? उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला बताया।
सुनियोजित हमले का आरोप
क्लब के सचिव दीपक सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह हमला पूरी तरह से सुनियोजित था। सवाल पूछे जाने पर वहां मौजूद कुछ लोग आग बबूला हो गए और मारपीट शुरू कर दी, जिसमें दो पत्रकार साथी घायल हुए हैं। उन्होंने इसे सत्ता के संरक्षण में पत्रकारों की आवाज दबाने का प्रयास करार दिया।
प्रेस क्लब ने दी आंदोलन की चेतावनी
प्रेस क्लब ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि इस घटना को अंजाम देने वाले 'गुंडों' को जल्द से जल्द चिन्हित कर गिरफ्तार नहीं किया गया, तो पूरे जिले के पत्रकार सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। क्लब ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता पर इस तरह का प्रहार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना के बाद पूरे पत्रकार समाज में भारी रोष व्याप्त है और सभी ने एक सुर में न्याय की मांग की है।


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