नरेश सोनी विशेष संवाददाता
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झारखंड की माटी के संघर्ष और आंदोलनों में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले अंगद नायक (Angad Nayak) की आज दूसरी पुण्यतिथि है। इस मौके पर राज्य भर के युवाओं और आंदोलनकारियों ने उन्हें याद करते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। अपने क्रांतिकारी तेवरों के लिए 'डायनामाइट' के नाम से मशहूर अंगद नायक को याद करते हुए उनके पुराने साथी और युवा नेता जयराम कुमार महतो (Jairam Kumar Mahto) ने एक बेहद भावुक और क्रांतिकारी संदेश जारी किया है।
'शरीर कुचल सकते हैं, विचार नहीं'
अंगद नायक को श्रद्धांजलि देते हुए जयराम महतो ने भगत सिंह की विचारधारा को दोहराया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में लिखा कि क्रांतिकारी भले ही शरीर त्याग दें, लेकिन उनके विचार कभी नहीं मरते। उन्होंने अंगद नायक के उस जज्बे को याद किया जो आंदोलन के दौरान साथियों में जोश भर देता था।
जयराम महतो ने लिखा, "आंदोलन के दौरान अंगद भाई अक्सर कहते थे— "वे मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, लेकिन मेरी आत्मा को नहीं कुचल सकते।"
रांची की शान और संघर्ष के साथी
अंगद नायक को 'रांची की शान' बताते हुए उनके समर्थकों का कहना है कि झारखंड के हक-अधिकार की लड़ाई में उनकी कमी हमेशा खलती रहेगी। दूसरी पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए जयराम महतो ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने अपने संदेश में लिखा, "Miss You डायनामाइट अंगद भाई। आपके आदर्श और विचारधारा हम सभी के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे।"
युवाओं के प्रेरणास्रोत
विदित हो कि अंगद नायक झारखंड के उन सक्रिय चेहरों में से थे, जिन्होंने जमीनी संघर्ष में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। #AngadNayak और #Jharkhand के हैशटैग के साथ हजारों युवा उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

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