-->
होम राशिफल
YouTube
ई-पेपर राज्य चुनें
✥ Drag to Move
▶ WATCH
Editor: Naresh Prasad Soni
Follow Us: Facebook YouTube Instagram Twitter

सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा कदम: झारखंड में बागवानी को मिलेगा बढ़ावा, IIHR बेंगलुरु के साथ हुआ अहम समझौता

सीएम हेमंत सोरेन की मौजूदगी में झारखंड उद्यान निदेशालय और IIHR बेंगलुरु के बीच अहम MoU हुआ। इससे राज्य में बागवानी और किसानों की आय को बढ़ावा मिलेगा।
0

सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा कदम: झारखंड में बागवानी को मिलेगा बढ़ावा, IIHR बेंगलुरु के साथ हुआ अहम समझौता

रांची: झारखंड में कृषि और किसानों के विकास को एक नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

(MoU) पर हस्ताक्षर किए गए.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गरिमामयी उपस्थिति में आज झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में एक अहम समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता झारखंड के उद्यान निदेशालय (Directorate of Horticulture) और भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (IIHR), बेंगलुरु के बीच संपन्न हुआ है।

इस ऐतिहासिक पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य में उद्यानिकी (Horticulture) क्षेत्र का तेज़ी से विकास और विस्तार करना है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत किया जा सके और किसानों की आय में ठोस वृद्धि हो सके।

आधुनिक तकनीक से बदलेगी खेती की तस्वीर

इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि यह एमओयू राज्य के किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। झारखंड की भौगोलिक स्थिति और जलवायु बागवानी के लिए बेहद अनुकूल है। IIHR, बेंगलुरु जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ जुड़ने से अब राज्य के किसानों को बागवानी के क्षेत्र में हो रहे नए अनुसंधानों, आधुनिक तकनीकों और उन्नत सेवाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा।

समझौते के मुख्य फायदे और विशेषताएं

उत्पादकता में वृद्धि: फल, हरी सब्जियां, सजावटी पौधे, औषधीय फसलें और मशरूम के उत्पादन और उनकी गुणवत्ता को वैज्ञानिक तरीके से बढ़ाया जाएगा।

तकनीकी प्रशिक्षण: किसानों को पारंपरिक खेती से आगे निकालकर आधुनिक और वैज्ञानिक बागवानी का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

वैल्यू एडिशन (Value Addition): फसलों की उचित कीमत और बाज़ार में उनकी मांग बढ़ाने के लिए किसानों को उनके उत्पादों का 'मूल्य संवर्धन' (Value Addition) करने की तकनीक सिखाई जाएगी।

शोध और अनुसंधान: झारखंड की मिट्टी और जलवायु के अनुकूल नई किस्मों के विकास के लिए सीधा अनुसंधान सहयोग प्राप्त होगा।

कृषि क्षेत्र में मील का पत्थर

झारखंड में अक्सर किसान पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहते हैं, जिससे उनकी आय सीमित रह जाती है। बागवानी और नकदी फसलों (Cash Crops) की ओर रुख करने से उनकी आर्थिक स्थिति में तेज़ी से सुधार होगा। यह समझौता किसानों को नई तकनीकी जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार का एक दूरदर्शी कदम माना जा रहा है।

इस महत्वपूर्ण एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, कृषि विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी सहित कई अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

No comments

Post a Comment

© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972