विधायक ने फोड़ा नारियल, अधिकारियों ने जड़ा ताला
धान बेचने को दर-दर भटक रहे अन्नदाता, चूहों का निवाला बन रही गाढ़ी कमाई
हजारीबाग/दारू। सदर विधायक
प्रदीप प्रसाद द्वारा बीते 15 दिसंबर को जिस दारू खरिका पैक्स का भव्य उद्घाटन कर किसानों को बड़ी राहत देने का दावा किया गया था, वह आज विभागीय उदासीनता और अफसरशाही के चलते महज एक दिखावा बनकर रह गया है। उद्घाटन के चंद दिनों बाद ही इस पैक्स भवन पर लटका ताला प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल रहा है। हालात यह हैं कि अपनी ही उपज बेचने के लिए क्षेत्र के किसान मारे-मारे फिर रहे हैं। शनिवार को किसानों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया और उन्होंने पैक्स भवन के समक्ष प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
हरली पंचायत और आसपास के गांवों से आए किसानों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि वे भारी भरकम भाड़ा चुकाकर गाड़ियों में धान लादकर केंद्र तक पहुंचते हैं, लेकिन यहां ताला बंद देख उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ता है। इस प्रक्रिया में न केवल उनका आर्थिक नुकसान हो रहा है बल्कि लाने-ले जाने के दौरान बोरियां फटने से अनाज सड़कों पर बिखर कर बर्बाद हो रहा है। किसानों का दर्द यह है कि घर में रखा अनाज चूहों का निवाला बन रहा है और उनकी लागत तक नहीं निकल पा रही है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं।
प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने 'दारू प्रखंड के बीडीओ होश में आओ' और 'किसानों का शोषण बंद करो' के गगनभेदी नारे लगाए। किसानों का सीधा आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत और लापरवाही के कारण जानबूझकर पैक्स को बंद रखा गया है। उन्होंने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द पैक्स को सुचारू रूप से नहीं खोला गया और धान की खरीदारी शुरू नहीं हुई, तो वे प्रखंड कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना देने को बाध्य होंगे जिसकी पूरी जवाबदेही शासन और प्रशासन की होगी।
