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Editor: Naresh Prasad Soni
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हजारीबाग में 'सेहत के सौदागरों' पर प्रशासन का डंडा - एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक्स और गंदगी देख भड़के अधिकारी, मौके पर ही नष्ट कराया सामान

 हजारीबाग में 'सेहत के सौदागरों' पर प्रशासन का डंडा - एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक्स और गंदगी देख भड़के अधिकारी, मौके पर ही नष्ट कराया सामान


हजारीबाग: जिले लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों की अब खैर नहीं है क्योंकि जिला प्रशासन ने मिलावटखोरों और लापरवाह होटल संचालकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को शहर के मटवरी और गांधी मैदान इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अचानक विभिन्न प्रतिष्ठानों पर धावा बोल दिया। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशि जायसवाल के कड़े निर्देशों पर खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी मो. मंजर हुसैन के नेतृत्व में चले इस औचक निरीक्षण अभियान ने शहर के कई नामचीन प्रतिष्ठानों की व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

जांच के दौरान जो तस्वीरें सामने आईं वे बेहद चौंकाने वाली थीं। मेसर्स ओम शांति स्टोर और रॉयल दिल्ली बिरयानी जैसे प्रतिष्ठान बिना किसी आवश्यक फूड लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के ही धड़ल्ले से संचालित होते पाए गए जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। वहीं मेसर्स एस.एन. चाइनीज में तो लापरवाही की हदें पार होती दिखीं जहां ग्राहकों को परोसने के लिए रखी गई कोल्ड ड्रिंक्स एक्सपायर्ड पाई गईं। अधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इसे मौके पर ही नष्ट करा दिया और प्रतिष्ठान में फैली गंदगी को लेकर कड़ी फटकार लगाई। यहां से पनीर का नमूना भी जांच के लिए जब्त किया गया है। अधिकारियों ने सभी दुकानदारों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि खाना बनाते और परोसते समय मास्क, कैप और एप्रन का इस्तेमाल अनिवार्य है और अगर भविष्य में सफाई में कोताही मिली तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के साथ ही प्रशासन ने आम जनता को भी जागरूक प्रहरी बनने का अधिकार सौंपा है। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें कहीं भी मिलावटी या खराब गुणवत्ता का खाना मिले तो वे खामोश न रहें बल्कि तुरंत 'फूड सेफ्टी कनेक्ट' ऐप पर इसकी शिकायत दर्ज करें। अब शहर के सभी होटलों, रेस्टोरेंट्स और मिठाई दुकानों के लिए अपने काउंटर पर सार्वजनिक रूप से इस ऐप का क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि ग्राहक आसानी से अपनी बात विभाग तक पहुंचा सकें। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा जारी इस डिजिटल पहल के जरिए अब विभाग को तत्काल सूचना मिलेगी और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।


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