राजभवन के आदेश पर विनोबा भावे विश्वविद्यालय में बड़ा फेरबदल, डॉ. कुमार विकास और सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा पदमुक्त
नरेश सोनी विशेष संवाददाता
हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय में शनिवार को एक बड़े प्रशासनिक घटनाक्रम के तहत प्रभारी कुलसचिव और वित्त पदाधिकारी को उनके पदों से हटा दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शनिवार को इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह कार्रवाई राज्यपाल सचिवालय, झारखंड (रांची) से प्राप्त पत्र के आलोक में की गई है।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना (संख्या 89/2026) के अनुसार, वित्त पदाधिकारी सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा को दिए गए सेवा विस्तार को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। ज्ञात हो कि उन्हें 3 दिसंबर 2025 को सेवा विस्तार दिया गया था। इसके अलावा, सहायक कुलसचिव डॉ. कुमार विकास, जिन्हें 23 दिसंबर 2025 को कुलसचिव (प्रभारी) के पद पर नियुक्त किया गया था, उनकी उस नियुक्ति संबंधी अधिसूचना को भी रद्द कर दिया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों अधिकारियों को 10 जनवरी 2026 के अपराह्न से कार्यमुक्त करते हुए उन्हें अपने पैतृक विभाग में योगदान देने का निर्देश दिया है। यह आदेश कुलपति के निर्देशानुसार सहायक कुलसचिव द्वारा जारी किया गया है।
विश्वविद्यालय में चर्चाओं का बाजार गर्म
बीते कुछ दिनों में विश्वविद्यालय में उच्च पदस्थ अधिकारियों को हटाए जाने की यह लगातार दूसरी बड़ी घटना है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में कुलाधिपति और उच्च शिक्षा मंत्री के कार्यक्रमों और आदेशों के बाद विश्वविद्यालय में प्रशासनिक फेरबदल का दौर जारी है। 5 जनवरी 2026 को राजभवन से जारी आदेश के अनुपालन में शनिवार को यह कड़ी कार्रवाई की गई, जिससे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

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