युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं स्वामी विवेकानंद, उनके बताए मार्ग पर चलकर ही संवरेगा भविष्य- शंभू कुमार
इचाक/हजारीबाग। जी.एम. संध्याकालीन महाविद्यालय इचाक में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती हर्षोल्लास और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ महाविद्यालय के निदेशक शंभू कुमार ने स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार ने स्वामी जी के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि के रूप में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए निदेशक शंभू कुमार ने कर्म के सिद्धांत पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में कर्म की प्रधानता होती है और हम जैसा कर्म करते हैं, कालांतर में हमें वैसा ही फल प्राप्त होता है। उन्होंने युवा पीढ़ी का आह्वान करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन अनमोल है, इसलिए अपनी शिक्षा-दीक्षा सदैव सद्मार्ग पर चलते हुए ग्रहण करें। जब युवा सही रास्ते पर चलेंगे और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएंगे, तभी वे सच्चे अर्थों में एक सार्थक और जिम्मेदार भारतीय युवा कहलाएंगे।
समारोह में उपस्थित महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक रंजन कुमार ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का संपूर्ण जीवन वर्तमान समय में युवाओं के लिए एक प्रकाश स्तंभ की तरह है। उनकी जीवनी हमें सदैव सत्य, पवित्रता और निस्वार्थ भाव से समाज सेवा करने की प्रेरणा देती है। युवाओं को उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की महती आवश्यकता है। यह पूरा आयोजन एनएसएस इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. उमेश ठाकुर के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक विनय कुमार, पूनम कुमारी, प्रिया कुमारी, मुस्कान कुमारी और उर्मिला राणा ने अपनी सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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