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Editor: Naresh Prasad Soni
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हजारीबाग के पुस्तकालयों में अब सिर्फ किताबें नहीं बल्कि संवरगा युवाओं का भविष्य, विधानसभा समिति ने दिया आधुनिकीकरण और स्थानीय इतिहास से जोड़ने का कड़ा निर्देश

 हजारीबाग के पुस्तकालयों में अब सिर्फ किताबें नहीं बल्कि संवरगा युवाओं का भविष्य, विधानसभा समिति ने दिया आधुनिकीकरण और स्थानीय इतिहास से जोड़ने का कड़ा निर्देश




हजारीबाग: जिले में शिक्षा की लौ को और तेज करने तथा युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू हो गई है। झारखंड विधानसभा की पुस्तकालय विकास समिति ने गुरुवार को हजारीबाग का दौरा कर जिले में शैक्षणिक माहौल को बदलने की प्रतिबद्धता दोहराई। समिति की सभापति और कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया है कि पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह केंद्र नहीं, बल्कि युवाओं के सर्वांगीण विकास का आधार बनने चाहिए। परिसदन भवन में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने और समिति के सदस्य शिकारीपाड़ा विधायक आलोक कुमार सोरेन ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर पुस्तकालयों के कायाकल्प का खाका खींचा।

बैठक के दौरान सभापति ने पुस्तकालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रखंड से लेकर पंचायत स्तर तक के पुस्तकालयों और ज्ञान केंद्रों में केवल आधारभूत ढांचा ही नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उच्च स्तरीय पुस्तकें, पत्र-पत्रिकाएं और डिजिटल दुनिया से जुड़ने के लिए सुचारू इंटरनेट व वाई-फाई की सुविधा अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। उनका विजन स्पष्ट है कि गांव का गरीब से गरीब छात्र भी संसाधनों के अभाव में पीछे न रहे। इसके लिए उन्होंने डीएमएफटी और सीएसआर फंड का उपयोग कर उपयोगी पुस्तकों का भंडार बढ़ाने का सुझाव दिया। एक महत्वपूर्ण और भावुक पहल करते हुए डॉ. यादव ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि पुस्तकालयों में हजारीबाग के गौरवशाली इतिहास और धरोहर से जुड़ी किताबें जरूर रखी जाएं ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों और संस्कृति पर गर्व कर सके।

पुस्तकालयों को सामुदायिक सहभागिता का केंद्र बनाने के लिए समिति ने एक अनूठा सुझाव दिया है जिसके तहत अब सेवानिवृत्त सरकारी कर्मियों, बुद्धिजीवियों और पंचायत प्रतिनिधियों को बच्चों के मेंटर के रूप में जिम्मेदारी दी जाएगी ताकि उनके अनुभवों का लाभ छात्रों को मिल सके। इसके अलावा शिक्षा के अधिकार के तहत निजी विद्यालयों में बीपीएल कोटे की 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कराने पर भी कड़ा रुख अपनाया गया। बैठक में नियोजन पदाधिकारी को राज्य से बाहर रोजगार के लिए भेजे गए युवाओं की सुरक्षा और स्थिति पर लगातार नजर रखने की हिदायत भी दी गई। उप विकास आयुक्त रिया सिंह ने समिति को आश्वस्त किया कि इन निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा और जल्द ही हजारीबाग के पुस्तकालय बदलाव की नई कहानी लिखेंगे।


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