केरेडारी सीओ से अभद्रता पर सुलगा प्रशासनिक महकमा: पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के खिलाफ एकजुट हुए अधिकारी, सार्वजनिक कार्यक्रमों के बहिष्कार का किया शंखनाद
हजारीबाग : विधि-व्यवस्था संधारण के दौरान केरेडारी अंचल अधिकारी के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार का मामला अब तूल पकड़ चुका है और जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ (झासा) की हजारीबाग इकाई ने इस घटना को अधिकारियों के आत्मसम्मान पर सीधा हमला करार देते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर समाहर्ता संतोष सिंह की अध्यक्षता में संघ ने एक आपात बैठक बुलाई जिसमें घटना की एक स्वर में घोर निंदा की गई और सर्वसम्मति से यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया कि भविष्य में बड़कागांव के पूर्व विधायक के किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम का जिले के प्रशासनिक अधिकारी पूर्ण बहिष्कार करेंगे।
संघ ने दो टूक शब्दों में कहा है कि कर्तव्य निर्वहन के दौरान अधिकारियों का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में पारित प्रस्ताव के माध्यम से केंद्रीय इकाई रांची से मांग की गई है कि इस घृणित कृत्य के लिए पूर्व मंत्री के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस पूरे घटनाक्रम और संघ के निर्णय की जानकारी उपायुक्त और अनुमंडल पदाधिकारी को भी दे दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि जनप्रतिनिधि ही कानून के रक्षकों का मनोबल तोड़ेंगे तो विधि-व्यवस्था संभालना असंभव हो जाएगा। संघ ने प्रखंड और अंचल स्तर पर कार्यरत अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता जताई है और प्रशासन से उनके लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है ताकि वे बिना किसी भय के सरकारी कार्यों का निष्पादन कर सकें।
विरोध के इस स्वर को मजबूती देने के लिए आयोजित इस आपात बैठक में जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। अपर समाहर्ता संतोष सिंह के नेतृत्व में हुई इस बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी बैजनाथ कामती, उप निर्वाचन पदाधिकारी मां देवप्रिया, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी निर्भय कुमार और भूमि सुधार उपसमाहर्ता राजकिशोर प्रसाद समेत जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर यह संदेश दिया है कि प्रशासन के सम्मान की लड़ाई में पूरा महकमा एकजुट है। अधिकारियों के इस सख्त रुख ने जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

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