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Editor: Naresh Prasad Soni
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अमित शाह की हुंकार: "असम की संस्कृति को लील रहे थे घुसपैठिए, अब चुन-चुनकर खदेड़ रही है मोदी सरकार"

अमित शाह की हुंकार: "असम की संस्कृति को लील रहे थे घुसपैठिए, अब चुन-चुनकर खदेड़ रही है मोदी सरकार"
असम। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को असम के नगांव जिले में महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की पावन जन्मस्थली, 'बटाद्रवा थान' पुनर्विकास परियोजना का लोकार्पण किया। ₹222 करोड़ की लागत से 162 बीघा भूमि पर विकसित इस तीर्थस्थल को राष्ट्र को समर्पित करते हुए अमित शाह ने घुसपैठ और तुष्टीकरण की राजनीति पर तीखा प्रहार किया।

आस्था की भूमि को घुसपैठियों से कराया मुक्त

अमित शाह ने कहा कि वर्षों तक यह पवित्र स्थान अवैध घुसपैठियों के कब्जे में था। पिछली सरकारों ने वोट बैंक की राजनीति के लिए असम की संस्कृति का हनन होने दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को बधाई देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने न केवल बटाद्रवा थान को मुक्त कराया, बल्कि राज्य की 1.29 लाख बीघा भूमि को भी अवैध कब्जे से छुड़ाया है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि "हम न केवल असम, बल्कि पूरे देश से चुन-चुनकर घुसपैठियों को बाहर करेंगे।"
'एक भारत' का संदेश और शंकरदेव की विरासत
गृह मंत्री ने कहा कि महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव ने 500 साल पहले ही 'एक भारत' का संदेश दिया था, जिसे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं। बटाद्रवा थान अब केवल एक पूजाघर नहीं, बल्कि असमिया सद्भाव और भारतीय संस्कृति की 500 वर्षों की विरासत का जीवंत प्रतीक बन गया है।
बम धमाकों की जगह अब गूँजता है 'नाम-स्मरण'

विपक्ष पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि पहले असम बम धमाकों के लिए जाना जाता था, लेकिन मोदी सरकार द्वारा किए गए शांति समझौतों (बोडो, कार्बी, आदिवासी, यूएलएफए आदि) के कारण आज यहाँ शांति है। उन्होंने कहा कि "विपक्षी पार्टियों ने 1983 में IMDT एक्ट लाकर घुसपैठियों को कानूनी कवच दिया, जबकि हमारी सरकार उन्हें खदेड़कर प्रदेश के गौरव को पुनर्स्थापित कर रही है।"

विकास का 'ग्रोथ इंजन' बना असम

अमित शाह ने असम में हुए विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा: 

कनेक्टिविटी: बोगीबील ब्रिज, ढोला-सदिया पुल और कई नेशनल हाईवे का निर्माण।

स्वास्थ्य व शिक्षा: एम्स (AIIMS) और नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना।

उद्योग: टाटा का ₹27,000 करोड़ का सेमीकंडक्टर यूनिट और अमोनिया-यूरिया कॉम्प्लेक्स।

संस्कृति: लचित बरफुकन की वीरता को 23 भाषाओं में दुनिया तक पहुँचाया गया।

"विपक्ष ने घुसपैठियों को वोट बैंक समझा, लेकिन हमारे लिए घुसपैठिए देश की सुरक्षा और संस्कृति के लिए खतरा हैं। असम की जनता हमें एक बार और मौका दे, हम राज्य को पूरी तरह घुसपैठिया-मुक्त बनाएंगे।" — अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति

लोकार्पण समारोह में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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