बैंकों को सीडी रेश्यो सुधारने का अल्टीमेटम, कृषि ऋण और केसीसी पर रहेगा विशेष फोकस
हजारीबाग डी डी सी ने बैंक प्रतिनिधियों के साथ की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक, लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश
हजारीबाग। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह के निर्देश पर सोमवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (DLCC) सह जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की बैठक आयोजित की गई।
एनुअल क्रेडिट प्लान में लाएं तेजी
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उप विकास आयुक्त (DDC) ने जिले के बैंकिंग परिदृश्य की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी बैंक प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि एनुअल क्रेडिट प्लान (ACP) की उपलब्धि को न्यूनतम 75 प्रतिशत तक ले जाएं। साथ ही, जिले के सीडी (क्रेडिट-डिपॉजिट) रेश्यो में सुधार लाने के लिए ऋण प्रवाह बढ़ाने को कहा गया।
कृषि और स्वरोजगार सर्वोच्च प्राथमिकता
उप विकास आयुक्त ने बैंकों को निर्देश दिया कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और कृषि ऋण से संबंधित किसी भी आवेदन को अनावश्यक लंबित न रखें। उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, PMEGP (रोजगार सृजन कार्यक्रम) और PMFME (सूक्ष्म खाद्य उद्यम) जैसी योजनाओं के तहत युवाओं और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
इन योजनाओं पर हुई विशेष चर्चा
सामाजिक सुरक्षा: प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना और जन-धन योजना के तहत अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का लक्ष्य।
महिला सशक्तिकरण: स्वयं सहायता समूहों (SHG) के क्रेडिट लिंकेज के लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन।
MSME सेक्टर: छोटे एवं मझोले उद्योगों को ऋण उपलब्ध कराकर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन।
बेहतर समन्वय की अपील
डी डी सी ने बैंकों और सरकारी विभागों के बीच समन्वय की कमी पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आंकड़ों को नियमित रूप से अपडेट रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में कोताही बरतने वाले बैंकों की जवाबदेही तय की जाएगी।