कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच प्रशासन का सहारा: हजारीबाग में बेघरों के लिए रैन बसेरों में पुख्ता इंतजाम
हजारीबाग। जिले में बढ़ते कड़ाके की ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने मानवतावादी दृष्टिकोण अपनाते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं। उपायुक्त के आदेश पर नगर निगम प्रशासन ने शहर के बेघर, असहाय और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित रखने के लिए निःशुल्क रैन बसेरों (शेल्टर होम) की चाक-चौबंद व्यवस्था की है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इस भीषण ठंड में कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर न हो।
नगर निगम द्वारा बस स्टैंड स्थित आश्रय स्थल में ठहरने वाले लोगों के लिए तमाम आधुनिक और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहाँ वृद्धों, महिलाओं और बच्चों के लिए अलग-अलग कमरों की व्यवस्था के साथ-साथ कड़ाके की ठंड से राहत देने के लिए रूम हीटर, गर्म कंबल, स्वच्छ पेयजल और शौचालय की उत्तम व्यवस्था की गई है। साथ ही, भोजन के लिए मुख्यमंत्री दाल-भात केंद्र की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है। नगर निगम की टीमें रात में निरंतर भ्रमण कर रही हैं ताकि सड़कों के किनारे सो रहे लोगों को सुरक्षित इन आश्रय स्थलों तक पहुँचाया जा सके।
उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने हजारीबाग के जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वे इस पुनीत कार्य में प्रशासन का सहयोग करें। यदि कहीं भी कोई असहाय व्यक्ति ठंड में ठिठुरता या खुले में सोता हुआ दिखाई दे, तो उसे तुरंत नजदीकी रैन बसेरा पहुँचाने में मदद करें। इसके लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर (7488924975, 6207435012, 7004433914) भी जारी किए हैं, जिन पर सूचना देकर किसी की जान बचाई जा सकती है।
सिर्फ रैन बसेरा ही नहीं, बल्कि आम जनता को राहत देने के लिए शहरी क्षेत्रों समेत सभी प्रखंडों के मुख्य चौक-चौराहों पर नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा अलाव जलाने की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि रैन बसेरों की व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कर्मियों की रोस्टर के आधार पर तैनाती कर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।