जनता दरबार में ऑन-द-स्पॉट एक्शन: उपायुक्त ने फोन पर महाप्रबंधक को लगाई फटकार, एसपी को दिए जांच के आदेश
हजारीबाग। आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने मंगलवार को समाहरणालय में जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान डीसी का सख्त तेवर देखने को मिला। महिला कर्मी से छेड़छाड़ के मामले में उन्होंने तत्काल सीसीएल के महाप्रबंधक से फोन पर बात कर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया, साथ ही एसपी को भी मामले में हस्तक्षेप करने को कहा।
प्रमुख मामलों पर कड़ा रुख:
- दबंगई पर प्रहार: चौपारण के सुरेंद्र सिंह की खतियानी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत पर उपायुक्त ने अंचलाधिकारी को तत्काल जांच कर रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दिया।
- जमीन विवाद: विष्णुगढ़ के खेमलाल महतो की निजी जमीन पर पीएम आवास के अवैध निर्माण की शिकायत को डीसी ने गंभीरता से लेते हुए सीओ को कार्रवाई का निर्देश दिया।
- न्याय का भरोसा: गोरहर के अर्जुन राम को अधिकारियों के आदेश के बावजूद घर बनाने से रोके जाने पर डीसी ने एसडीओ को विधि-सम्मत कार्रवाई का आदेश दिया।
नियुक्ति पर विचार: मनरेगा के तहत ग्राम रोजगार सेवक की प्रतीक्षा सूची से बहाली की मांग पर डीसी ने संबंधित विभाग को फाइल अग्रसारित कर नियमसंगत कार्रवाई को कहा। जनता दरबार में दाखिल-खारिज और वनपट्टा जैसे दर्जनों मामलों का निष्पादन करते हुए उन्होंने अधिकारियों को समय-सीमा (Deadline) के भीतर काम पूरा करने की चेतावनी दी।
उपायुक्त ने सुनीं फरियादें, लापरवाह अधिकारियों और दबंगों को दी चेतावनी
हजारीबाग। मंगलवार को आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए ग्रामीणों की समस्याओं का निपटारा किया। जनता दरबार में मुख्य रूप से जमीन विवाद, मारपीट, छेड़छाड़ और मनरेगा नियुक्ति से जुड़े मामले छाए रहे।
डीसी ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों और आम जनता के हक में बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। छेड़छाड़ के एक मामले में उन्होंने तत्काल सीसीएल जीएम और हजारीबाग एसपी को विधि-सम्मत कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, जमीन कब्जाने की शिकायतों पर अंचल अधिकारियों को फील्ड में जाकर जांच करने और पीड़ित को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।
फरियादियों की उम्मीदों को मिला संबल! डीसी ने अधिकारियों को दिया 24 घंटे का टास्क
हजारीबाग समाहरणालय में मंगलवार को न्याय की उम्मीद लेकर दूर-दराज से आए लोगों को उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने निराश नहीं किया। जमीन मापी से लेकर मनरेगा बहाली तक, डीसी ने हर आवेदन को व्यक्तिगत रूप से सुना और संबंधित अधिकारियों को 'डेडलाइन' के भीतर रिपोर्ट पेश करने को कहा। उपायुक्त ने जनता दरबार के माध्यम से यह संदेश दिया कि प्रशासन आम जनता के प्रति संवेदनशील है और शिकायतों पर टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।