ग्रामीण विकास योजनाओं में सुस्ती बर्दाश्त नहीं, लंबित आवासों को जल्द पूरा करें- उप विकास आयुक्त
हजारीबाग: जिले ग्रामीण इलाकों में चल रही विकास योजनाओं की रफ्तार अब तेज होगी। सोमवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त (DDC) ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के दिशा-निर्देश पर आयोजित इस बैठक में मनरेगा से लेकर अबुआ आवास तक की बारीकी से समीक्षा की गई।
पुराने आवासों को पूर्ण करने का अल्टीमेटम
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना और अम्बेडकर आवास योजना की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई। डीडीसी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जितने भी पुराने आवास लंबित हैं, उन्हें युद्धस्तर पर काम कर शीघ्र पूर्ण कराएं। साथ ही, हाल ही में स्वीकृत नए आवासों का निर्माण कार्य बिना किसी देरी के शुरू करने का आदेश दिया।
मनरेगा और रोजगार सृजन पर जोर
ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने के लिए डीडीसी ने 'पीडी जनरेशन' (PD Generation) और 'एफटीओ' (FTO) जनरेशन की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिरसा कूप संवर्धन, डोभा निर्माण और बागवानी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचना चाहिए। आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में स्थापित 'पोषण वाटिका' की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
समीक्षा के मुख्य बिंदु
- पीएम जनमन योजना: योग्य लाभुकों के चयन के लिए पारदर्शी सर्वेक्षण का निर्देश।
- पंचायती राज: 15वें वित्त आयोग के फंड का उपयोग कर ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में तेजी लाने पर बल।
- आर्थिक सशक्तिकरण: JSLPS के माध्यम से नए सखी मंडलों (SHG) का गठन और मुद्रा लोन के जरिए महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का लक्ष्य।
- तकनीकी सुधार: आधार सत्यापन की समस्याओं का समाधान और जियो-टैगिंग की प्रक्रिया को शत-प्रतिशत पूरा करने का निर्देश।
अधिकारियों की रही उपस्थिति
समीक्षा बैठक में जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO), विभिन्न योजनाओं के जिला समन्वयक एवं अन्य संबंधित विभागों के कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित थे। उप विकास आयुक्त ने अंत में कहा कि प्रशासन का उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।