स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, इचाक और पदमा समेत इन प्रखंडों पर विशेष नजर: डीडीसी
हजारीबाग। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। सोमवार को उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के निर्देश पर उप विकास आयुक्त (डीडीसी) इश्तियाक अहमद ने जिला स्वास्थ्य समिति की विस्तृत समीक्षा बैठक की। समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में डीडीसी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एनीमिया मुक्त अभियान: तीन प्रखंडों पर विशेष फोकस
समीक्षा के दौरान डीडीसी ने इचाक, कटकमसांडी और पदमा प्रखंडों में एनीमिया की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने संबंधित चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर महिलाओं और बच्चों को एनीमिया मुक्त बनाया जाए।
अस्पतालों की व्यवस्था और डिजिटल उपस्थिति पर जोर
बैठक में अस्पतालों के रख-रखाव और कार्यशैली को लेकर कड़े निर्देश दिए गए:
- बायोमेट्रिक उपस्थिति: सभी सीएचसी (CHC) और पीएचसी (PHC) में खराब पड़ी बायोमेट्रिक मशीनों को तुरंत बदलने और कर्मचारियों की डिजिटल उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया।
- उपकरणों का उपयोग: अस्पतालों में उपलब्ध मेडिकल उपकरणों का पूर्ण उपयोग हो, ताकि मरीजों को निजी केंद्रों पर न जाना पड़े।
- 15वां वित्त व डीएमएफटी: इन फंड्स से बन रहे स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
कार्ड निर्माण और टीकाकरण में लाएं तेजी
डीडीसी ने अबुआ स्वास्थ्य कार्ड और आयुष्मान कार्ड निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने को कहा। साथ ही, बच्चों के शत-प्रतिशत टीकाकरण और संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) की संख्या बढ़ाने पर बल दिया गया। उन्होंने स्कूल हेल्थ जांच के दायरे में अब टीबी (TB) जांच को भी अनिवार्य रूप से शामिल करने का निर्देश दिया।
प्रमुख निर्देश एक नजर में:
- जिले में उपलब्ध एम्बुलेंस सेवाओं और वैक्सीन प्रबंधन को प्रभावी बनाएं।
- फाइलेरिया और मलेरिया स्क्रीनिंग का डेटा ससमय कैप्चर करें।
- सभी एमओआईसी (MOIC) अपने स्तर पर नियमित साप्ताहिक समीक्षा बैठक करें।
- सांसद, विधायक और सीएसआर फंड से हो रहे मरम्मति कार्यों को समय पर पूरा करें।
उपस्थिति: बैठक में सिविल सर्जन, डीपीएम, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, मलेरिया पदाधिकारी समेत स्वास्थ्य विभाग के सभी मुख्य अधिकारी मौजूद थे।