हजारीबाग पुलिस की प्रखर चेतावनी- झाड़-फूक और फर्जी अधिकारी बनकर ठगने वाले 'मायावियों' से रहें सावधान
हजारीबाग: शहर एवं इसके सीमावर्ती क्षेत्रों में भोली-भाली महिलाओं को अपना निशाना बनाने वाले शातिर ठगों के विरुद्ध हजारीबाग पुलिस ने अब मोर्चा खोल दिया है। पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन के निर्देशन में जनहित में जारी एक विशेष जागरूकता संदेश के माध्यम से समाज को सचेत किया गया है कि आपराधिक तत्व अब भय और अंधविश्वास को अपना हथियार बना रहे हैं। इन अपराधियों का कार्य करने का तरीका अत्यंत कुटिल है; ये स्वयं को पुलिस, सीआईडी (CID) या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) का फर्जी अधिकारी बताकर महिलाओं के मन में परिवार पर संकट आने का मिथ्या भय पैदा करते हैं। इसके पश्चात, झाड़-फूक करने या आंखें बंद करवाकर कुछ कदम चलने के बहाने महिलाओं को सम्मोहित कर उनके बहुमूल्य आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर चंपत हो जाते हैं।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी वास्तविक प्रशासनिक अधिकारी सरेराह किसी नागरिक से गहने या नकदी की मांग नहीं करता। यदि कोई व्यक्ति स्वयं को खाकी वर्दी या जांच एजेंसी का सदस्य बताकर ऐसी अनर्गल मांग करता है, तो वह सीधा अपराध का संकेत है। इस 'ठगी के नए प्रतिमान' से बचने के लिए नागरिकों को परामर्श दिया गया है कि वे किसी भी अपरिचित व्यक्ति की चिकनी-चुपड़ी बातों में न आएं और न ही किसी के कहने पर अपनी आंखें मूंदें। अपनी मेहनत की कमाई और कीमती सामान को सुरक्षित स्थानों पर रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि का आभास होते ही तत्काल शोर मचाकर आसपास के लोगों को एकत्रित करें।
हजारीबाग पुलिस ने आम जनमानस से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के अंधविश्वास के जाल में न फंसें और न ही अपरिचितों पर अति-विश्वास करें। किसी भी आपात स्थिति या ऐसी घटनाओं की सूचना अविलंब डायल 112 या नजदीकी पुलिस थाने को दी जानी चाहिए ताकि इन मायावी ठगों को कानून के शिकंजे में कसा जा सके। समाज की सतर्कता ही इन अपराधियों के नापाक मंसूबों को विफल करने का सबसे सशक्त माध्यम है।
