अजीत दादा का आकस्मिक निधन,
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया गहरा शोक, कहा- जनसेवा को समर्पित एक और अध्याय का अंत
नरेश सोनी विशेष संवाददाता | नई दिल्ली/मुंबई
महाराष्ट्र की राजनीति को आज एक गहरा आघात लगा है। जननेता और कुशल प्रशासक अजीत पवार का आकस्मिक निधन हो गया है। इस दुखद समाचार ने न केवल महाराष्ट्र बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के गलियारों को भी स्तब्ध कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे देश के लिए, विशेषकर महाराष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए अजीत पवार के साथ अपने पुराने संस्मरणों को साझा किया और उन्हें एक सच्चे जननायक के रूप में याद किया।
प्रधानमंत्री ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा कि अजीत पवार जनता से सीधे जुड़े हुए नेता थे जिनका नाता समाज के अंतिम व्यक्ति तक था। वे एक ऐसे व्यक्तित्व थे जो सदैव जनसेवा के कार्यों में अग्रिम पंक्ति में खड़े रहते थे, जिसके कारण उन्हें व्यापक जनसमर्थन और आदर प्राप्त था। प्रधानमंत्री ने उनकी कार्यशैली की सराहना करते हुए बताया कि अजीत पवार को प्रशासनिक मामलों की अद्भुत और सूक्ष्म समझ थी। शासन चलाने की उनकी दक्षता और गरीब तथा वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए उनकी तड़प विशेष रूप से उल्लेखनीय थी। उनका पूरा जीवन आम जनमानस की समस्याओं को सुलझाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने में समर्पित रहा।
उनके इस तरह अचानक चले जाने को प्रधानमंत्री ने अत्यंत धक्कादायक और पीड़ादायी बताया है। उन्होंने कहा कि एक मेहनती और समर्पित व्यक्तित्व का यूं असमय जाना अत्यंत दुखद है। इस कठिन समय में प्रधानमंत्री ने अजीत पवार के परिजनों और उनके असंख्य समर्थकों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की है। अजीत पवार के जाने से भारतीय राजनीति ने एक ऐसा नेता खो दिया है जिसकी पकड़ जमीन पर जितनी मजबूत थी, प्रशासनिक गलियारों में उतनी ही प्रभावशाली थी।

